–सुसंस्कृति परिहार
आज हमारे पीएम ने जो संदेश देश की जनता को बड़े सोच समझकर 5 बजे दिया है उसकी वजह क्रिकेट मैच था।ताकि उसे बहुसंख्यक देश वासी सुन सकें।
बहरहाल इस अचानक उनके संदेश की खबर सुनकर लोग यह कयास लगा रहे थे कि शायद वे त्याग पत्र देने जा रहे हैं, कुछ लोग कह रहे थे 500का नोट बंद होने वाला है। लेकिन जब संदेश सुना लोग भौंचक रह गए। जीएसटी को 28 से 18% घटाएं जाने को वे बचत दिवस का उत्सव मनाने की बात कह रहे थे।जो 22 सितंबर से प्रारंभ होना है।इस दिन से नवरात्र शुरू हो रही है और दीपावली करीब है।उनका कहना है अब गरीब भी इस बचत से मिठाई खा पाएंगे।यानि अब तक वे आपके गब्बर टैक्स से पीड़ित थे। विदित हो जीएसटी के फायदे भांड़ मीडिया आकाशवाणी और दूरदर्शन ऐसे इसे परोस रहे हैं मानों कोई बड़ा चमत्कार हो गया हो और जनता मालामाल होने वाली हो।
बहुत खूब साहिब जी आपने 1जुलाई सन् 1917 से 28% जीएसटी लेकर 21 सितंबर 1925 तक खूब जनता की लूट की। जिसका प्रतिरोध राहुल गांधी ने तब भी किया था जब इसकी निर्माण प्रक्रिया चल रही थी। कांग्रेस सरकार हमेशा से 18%टेक्स लेने की बात मोदी सरकार से कहती रही किंतु गरीब व्यापारी से लेकर आम लोगों का जितना शोषण पिछले 8-9 साल में भाजपा सरकार ने किया है उसे देखते हुए राहुल गांधी ने इसे गब्बर सिंह टेक्स कहा था।
आज जब मोदी अपने भाषण में ये श्रेय ले रहे हैं और कांग्रेस को जीएसटी में बड़ी लूट का जिम्मेदार बता रहे हैं। ज्ञात हो,साथियों तब यह एक्ट बना भी नहीं था हां इसके निर्माण की चर्चा 2002में अटल सरकार में शुरू ज़रुर हो गई थी लेकिन 2006 में, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 1 अप्रैल 2010 से GST लागू करने का प्रस्ताव रखा था। सुविधा के लिए संविधान संशोधन बिल 2011 में पेश किया गया था। लेकिन, लोकसभा में चार सप्लीमेंटरी GST बिल पास किए गए और कैबिनेट ने उन्हें मंजूरी दे दी। इसमें कांग्रेस सरकार ने तब भी जीएसटी 18%लगाने की ही बात की थी तब भाजपा ने इसे बहुत अधिक कहकर विरोध किया, मामला उसके बाद तब ठंडे बस्ते में चला गया था।
2014 मे जब भाजपा सरकार सत्ता में आई तो उन्होंने इसे सदन में रात के 12 बजे पास करवाया और कांग्रेस के 18%की जगह 28 फीसदी जीएसटी वसूलने का उपक्रम शुरू कर दिया जो अभी तक जारी रहा। जिसका विरोध राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने खूब किया किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई ।आज भाजपा ने राहुल गांधी के 18% जीएसटी की मांग मान ली है। इसलिए स्पष्टतया इस जीएसटी घटाने का श्रेय कांग्रेस पार्टी को ही जाता है।भारी लूट के बाद टैक्स में छूट की गाथा का बखान चारों ओर इस तरह हो रहा है जैसे ये टैक्स कांग्रेस सरकार ने लगाया हो।
इस तरह झूठों का सरदार एक बार फिर अपनी झूठ के कारण चारों ओर किरकिरी करा रहा है।अपनी करनी दूसरे पर थोप कर बचने का यह खेल भी सभी समझ रहे हैं।जब जीएसटी लागू की गई थी तब इसे मास्टर स्ट्रोक कहा गया था।आज उसमें हुए बदलाव को भी मास्टर स्ट्रोक कहा जा रहा है।चित भी मेरी पट भी मेरी।यह सब अब नहीं चलने वाला।क्या नौ साल में जनता ने जो खामियाजा भरा उसे सरकार वापस देगी? जो इस तरह इतराकर जनता को खुशखबरी दे रही है।बचत उत्सव दिवस भी एक छलावा है।अपनी सत्ता मुश्किल में और चारों और गद्दी छोड़ने का आव्हान देख उनकी धड़कन बढ़ी हुई है जनता को प्रलोभन देकर अपने गुनाह लूट को छुपाने के लिए रचा गया यह एक छद्म कार्य है।यदि यह छूट जारी रहती है तो भी इस छूट को दिलाने का श्रेय राहुल गांधी को ही मिलेगा। वे कितने ही झूठ बोल लें सितारा गर्दिश में ही रहेगा।





