*किसान संघर्ष समिति की प्रदेश अध्यक्ष एड आराधना भार्गव ने गगन चौधरी की पैरवी की तथा जेल से रिहा होने पर उनका फूल माला से स्वागत किया……*
*छिंदवाड़ा* एड आराधना भार्गव ने बताया कि गगन चौधरी किसान हैं। उनकी 20 एकड़ जमीन ग्राम मानकादेही में है उन्होंने अपने खेत में मक्का तथा तुअर लगा रखी है । वे अपने फसल में यूरिया डालने के लिए यूरिया लेने के लिया खाद भंडार गृह गए थे जहां पर अन्य किसान भी यूरिया न मिलने के कारण भंडार गृह के सामने एकत्र थे। भंडार गृह के सामने से ही गगन चौधरी जी पर फर्जी मुकदमा बनाकर, गिरफ्तार करके थाना देहात ले जाकर रात भर पुलिस अभिरक्षा में रखा और उनके खाने पीने का कोई इंतजाम नहीं किया। जिसके कारण गगन चौधरी का स्वास्थ्य बिगड़ा उन्हें घर से कोई दवाई भी नहीं लाने दी न ही घर में किसी प्रकार की कोई सूचना दी गई। गगन चौधरी को 13 अगस्त की रात में घर वाले तलाशते रहे की गगन कहां हैं ? एड.आराधना भार्गव ने बताया कि वे 14 अगस्त की सुबह देहात थाने में गगन चौधरी से मिलने के लिए पहुंची , उनसे मुलाकात की व उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना , उन्होंने बताया कि थाने में ही उन्होंने थाना प्रभारी से बात की तथा पूछा कि गगन चौधरी को कब पेश करेंगे इस पर थाना प्रभारी ने कहा दोपहर बाद । दोपहर बाद न्यायालय नायब तहसीलदार आशुतोष रामटेके के अदालत में जमानत के दस्तावेज तथा जमानतदार बैठे रहे । किंतु नायब तहसीलदार रात 08 बजे तक तहसील परिसर में आए ही नहीं न जमानत के आवेदन पत्र को देखा । बिना गगन चौधरी को देखे हुए ही जेल वारंट बनाकर जेल पहुंचा दिया गया। उन्होंने बताया कि गगन चौधरी के पिता वरिष्ठ अधिवक्ता श्री भारत भूषण चौधरी जी भी एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट तथा नायब तहसीलदार कि अदालत के चक्कर काटते रहे की कब उनके बेटे को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जा रहा है। जब उन्हें पता चला कि उनके निर्दोष बेटे गगन चौधरी को रिहा नहीं किया गया है। तथा बिना सुनवाई किए जेल भेज दिया गया है जबकि धारा 126,135,170 में निजी मुचलके पर रिहा का प्रावधान है । एड भारत भूषण चौधरी अपने निर्दोष बेटे गगन चौधरी को जेल भेजने के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाए। जिससे उनका अत्यधिक स्वास्थ्य बिगड़ा तुरंत उन्हें आनन फानन में क्लेरिस अस्पताल छिंदवाड़ा मे भर्ती किया तथा गंभीर हालत होने के कारण नागपुर रैफर कर दिया गया।
दिनांक 16 अगस्त को जमानत का आवेदन पत्र प्रस्तुत किया, जमानत के आवेदन पत्र के साथ एड.भारत भूषण चौधरी जी के स्वास्थ्य बिगड़ने के दस्तावेज भी लगाए गए तब जाकर गगन चौधरी को जमानत पर जेल से रिहा किया गया । एड आराधना भार्गव अपने साथियों के साथ गगन चौधरी को जेल से रिहा कराने के लिए पहुंची तथा फूल माला से उनका स्वागत किया एड आराधना भार्गव ने बताया कि गगन चौधरी के पिता का स्वास्थ्य जमानतीय अपराध होने के बाद भी पुत्र गगन को जेल पहुंचाने के कारण बिगड़ा। आने वाले समय में प्रशासन के न्यायालीन चुनौती तथा प्रतिकर की मांग की जाएगी।
जारीकर्ता
सज्जेलाल चंद्रवंशी
जिला प्रभारी किसान संघर्ष समिति, छिंदवाड़ा





