शशिकांत गुप्ते
आज सीतारामजी को भजन गाते देख कर आश्चर्य हुआ।
एक व्यंग्यकार भजन गा रहा है।
सीताराम जी ने कहा मुझे भजन की निम्न पंक्तियां बहुत अच्छी लगती है।
कृष्ण भगवान की अनन्य भक्त मीरा बाई कृष्ण भगवान की भक्ति में लीन हो कर भगवान का भजन गातें हुए भगवान का गुणगान गली गली में गाने लगी।
मीरा गोविंद गोपाल गाने लगी
वो तो गली गली हरी गुण गाने लगी
गली गली शब्द ने मेरे मन को झकझोर दिया।
किसी संत ने कहा है,कष्ट करने पर ही कृष्ण भगवान के दर्शन होते हैं।
हमारे देश की धार्मिक सत्ता ने उपर्युक्त दार्शनिक भाव को आत्मसात कर लिया है।
इसीलिए धार्मिकता से ओतप्रोत सत्ता यत्र- यत्र- सर्वत्र,भगवान के मंदिरों को corridor मतलब गलियारे में बदल रही है।
जहाँ भी उक्त गलियारे निर्मित किए गए हैं, और जहाँ भी निर्मित होंगे? वहाँ भगवान की मूर्ति के सशुल्क दर्शन लाभ प्राप्त करने के पूर्व दर्शनार्थियों को देर तक गलियारों में विचरण करना पड़ता है।
मध्य प्रदेश में स्थित अहिल्या की नगरी में भी ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़े के सामने स्थापित अहिल्या की मूर्ति के परिसर को भी भव्य गलियारे में तब्दील करने की योजना बनाई जा रही है?
इतिहास में लिखा जाएगा कि,
अपना देश धार्मिक देश का गौरव प्राप्त होगा। देश वासी श्रद्धालु भक्त कहलाएंगे।
इतिहास में यह भी नोट होगा कि,भ्रष्टाचार के विरुद्ध किए गए एक आंदोलन को भुनाने में सफल और बिल्ली के भाग से छींका टूटा वाली कहावत को चरितार्थ करने वाली धार्मिक सत्ता के पास जनता की मूलभूत समस्याए रोजगार महंगाई, भुखमरी आदि को हल करने के लिए भले ही कोई कार्य योजना नहीं थी?
इतिहास में यह भी लिखा जाएगा कि, देश की जनता धार्मिकता में इतनी लीन हो गई थी,जनता को इस बात का जरा भी भान नहीं था कि, देश के प्रत्येक व्यक्ति के माथे पर आधे लाख का कर्ज हो गया है,और यह कर्ज बढ़ने की हो संभावना है?
जब सारा देश धार्मिक हो जाएगा तब हर एक देश वासी के हाथों में झाँझ होगी और सभी देश वासी भगवान भरोसे हो कर यही भजन गाएंगे।
तेरा राम जी करेंगे बेड़ा पार
उदासी मन काहे को करें
हमारा देश गर्व के साथ भगवान भरोसे देश कहलाएगा?
शशिकांत गुप्ते इंदौर





