इंदौर
विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र के 230 विधायकों को मध्यप्रदेश की एक-एक सीट की जिम्मेदारी सौंपी है। गुजरात के वीरमगाम विधायक हार्दिक पटेल को इंदौर की सांवेर सीट का जिम्मा मिला है। इसी सिलसिले में इंदौर आए हार्दिक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। कांग्रेस में रहते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को CM बनाने की वकालत कर चुके पटेल से जब पूछा गया कि क्या वे अभी भी ऐसा चाहते हैं तो उन्होंने संभला हुआ जवाब दिया। हार्दिक ने कहा, ‘पार्टी नेतृत्व मध्यप्रदेश के हित को ध्यान में रखते हुए ही इस तरह का कोई फैसला लेगा।’

दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में हार्दिक पटेल ने मध्यप्रदेश चुनाव से जुड़े कई मुद्दों पर बेबाकी से बात की, जानिए उन्होंने क्या कहा…
Q. केंद्रीय नेतृत्व को मध्यप्रदेश में चुनाव की कमान हाथ में लेनी पड़ी। अमित शाह बार-बार यहां आ रहे हैं, क्या वजह है?
A. BJP के लिए हर चुनाव महत्वपूर्ण है। वह छोटा हो या बड़ा। राजनीतिक दृष्टि से भी मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण राज्य है। हमारे पास मजबूत नेता, मजबूत नेतृत्व है। जहां चुनाव होता है, वहां बार-बार जाना BJP की स्ट्रैटजी का ही एक हिस्सा है। गृहमंत्री शाह जब ग्वालियर आए तो उन्होंने जनता को बताया कि हमारी सरकार ने 20 साल में क्या-क्या दिया। हम बयानबाजी नहीं करते, काम करते हैं।
Q. एमपी में पहली बार BJP ने आचार संहिता लगने के बहुत पहले ही 39 प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। ऐसा क्यों?
A. यह स्वाभाविक है। पिछले चुनाव में जो सीट हम हारे, उस वक्त वहां हमारी स्थिति कमजोर थी। अब 3 महीने पहले टिकट घोषित कर दिए हैं। पर्याप्त वक्त मिलने से हमारी टीम अच्छी मेहनत करेगी। इन 39 सीटों में से ज्यादा से ज्यादा सीटें कैसे जीतेंगे, यही हमारी स्ट्रैटजी है।
Q. लेकिन जहां टिकट घोषित किए गए हैं, उनमें से कई जगह तो बगावत शुरू हो गई है?
A. चुनाव के समय ऐसा होता ही है। लेकिन अंत में बीजेपी के सभी कार्यकर्ता मिलकर चुनाव लड़ते और जीतते हैं।हार्दिक पटेल ने BJP कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर सांवेर सीट का फीडबैक लिया।
Q. बार-बार सवाल उठता है कि शिवराज सिंह चौहान को इस बार CM पद का चेहरा नहीं बनाया जा रहा है, ऐसा क्यों?
A. आप यह कैसे तय कर सकते हैं कि हमारा चेहरा वे (शिवराज) हैं कि नहीं? BJP पूरे देश में PM नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में चुनाव लड़ती है। लोगों को उन पर डबल भरोसा हो गया है। जब प्रदेश की राजनीति या चुनाव की बात आती है तो पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड और लीडरशिप तय करती है कि किसे आगे करना है। अभी तो 3 महीने का समय बाकी है, उसके बाद भी फैसले होंगे न। चुनाव नजदीक तो आने दीजिए। पार्टी ही तय करेगी कि किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ना है।
Q. जब आप कांग्रेस में थे तो ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत करते थे? अब आप दोनों BJP में हैं, क्या अभी भी वही स्टैंड है?
A. BJP की पॉलिसी और सिस्टम अलग तरीके से काम करते हैं। हमारे यहां कार्यकर्ताओं को साथ रखकर केंद्रीय नेतृत्व फैसले करता है। पार्टी का नेतृत्व जो भी निर्णय करेगा, MP के हित में होगा।
Q. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मध्यप्रदेश से भी गुजरी। वे एक और यात्रा करने जा रहे हैं। इसका चुनाव पर कितना असर होगा?
A. राजनीतिक रूप से हर किसी को चुनाव में यात्रा और प्रचार करने का अधिकार है। लेकिन उनकी (राहुल गांधी/कांग्रेस) मानसिकता, उनकी बयानबाजी, उनका विजन जब जनता के बीच जाता है तो साफ पता चलता है कि वे सिर्फ देश को गुमराह कर रहे हैं। बीजेपी देश में विजन के साथ काम करती है। देश को विश्व गुरु के रूप में कैसे खड़ा करना है, हम उस हिसाब से काम कर रहे हैं।
Q. विधानसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश में BJP की स्ट्रैटजी क्या है?
A. BJP की स्पष्ट रणनीति है- विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ना। हमारी यही स्ट्रेटजी लोगों को पसंद आती है और सरकार भी बनती है। चार राज्यों से जो BJP विधायक मध्यप्रदेश में आए हैं, वे विस्तारक के रूप में काम करेंगे। हम लोगों से मिलेंगे और पता करेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में चल रही जनहितैषी योजनाओं का जो लाभ मिला, उसका लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ा? पूरा फीडबैक केंद्रीय नेतृत्व को सौंपना है।
Q. कांग्रेस में आप राष्ट्रीय स्तर के नेता बन गए थे। यहां आप बूथ विस्तारक की भूमिका में आए हैं?
A. BJP में आप कितने ही बड़े पद पर हों, यहां कार्यकर्ता की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। 230 विधायक अलग-अलग राज्यों से आए हैं, उनमें से कई उपमुख्यमंत्री और मंत्री भी रहे हैं। विस्तारक का काम विधानसभा सीट की जमीनी हकीकत को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने का है। मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे यह मौका दिया।





