याचिकाकर्ता राजेन्द्र के.गुप्ता के तर्क लोगो की मौतों के बाद भी विभाग के अफसर नही जागे, खतरे में है लोगो की जान, लोगो की मौत के बाद अफसर कुछ दिन के लिए जागते है, निकलते है बिल्डिंगों को जांचने, नापने का काम करते है, फिर कुछ समय बाद वही ढर्रा हो जाता है, 22 महीने में भी जिम्मेदार अफसर हाईकोर्ट के आदेश पर जवाब नही दे पाए है से सहमत होते हुए, डीबी बेंच के जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस अनिल वर्मा ने विभागों की तरफ से उपस्थित तीन वकीलों को फटकार लगाते हुए सवाल पूछा इतने गंभीर मामले में अब तक जवाब क्यों नही दिया, जिस पर विभागों की तरफ से समय मांगा गया, कोर्ट ने फटकार लगाते हुए चार सप्ताह का अंतिम अवसर दिया*
ये है मामला—
इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर सहित प्रदेश के शहरों में बने मॉल, हाईराईज बिल्डिंगों के संचालकों द्वारा भूमि विकास नियम, नेशनल बिल्डिंग कोड, फॉयर सेफ्टी नियम, विस्फोटक अधिनियम का पालन किए बिना और पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना भवनों का उपयोग शुरू करके जनता की जान को खतरे में डाल दिया है, कभी भी इन भवनों/मॉल में विस्फोट होने या आग लगने का बड़ा खतरा है, जिससे बड़ी जनहानि होने की संभावना है, क्योंकि पूर्व में हो चुकी है।
पत्रकार—RTI कार्यकर्ता *राजेन्द्र के.गुप्ता के द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट डीबी बेंच ने PS GAD, PS नगरीय प्रशासन, अपर मुख्य सचिव गृह, कमिश्नर नगरीय प्रशासन, विस्फोटक नियंत्रक नागपुर, कलेक्टर इंदौर, कमिश्नर नगर पालिका निगम इंदौर को दिनांक 14/01/2020 को नोटिस जारी किए है*
*गुप्ता के आवेदनों पर राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय ने कार्यवाही के निर्देश दिए, अफसर जांच व कार्यवाही के लिए गुप्ता के आवेदन एक दूसरे के मत्थे मढ़ते रहे, किंतु कार्यवाही नही की*
*अफसरों ने कमेटी बना कर जांच करने की अनुसंशा की, किंतु ना कमेटी बनाई, ना जांच की*
*कई अग्निकांड होने की जानकारी दिनांकवार याचिका में दी गई है*
*विस्फोट नियंत्रक इंदौर कलेक्टर को जिम्मेदार बताते रहे और कलेक्टर विस्फोटक नियंत्रक को*
*ADM कार्यालय में रिकार्ड ही नही, जबकि विस्फोटक लायसेंस की निगरानी, वैधानिक सहित अन्य कार्यवाही की जिम्मेदारी ADM की, घटना होने पर जांच कैसे करेंगे ?*
*याचिका में मॉल, हाईराईज भवनों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया है, जिन कारणों से बचाव कार्य भी सुगमता से नही हो सकता है*
*उपहार सिनेमा कांड में 59 लोगो की मौत हुई थी, पेटलावद में 78 निर्दोष आमलोगो की मौत हुई थी, सूरत में हुए अग्निकांड में 20 से अधिक छात्र छात्राओं के मौत हुई थी, बिल्डिंग से कूदते हुए लोगो के वीडियो वायरल हुए थे, इंदौर के रानीपुरा में 08 लोगो की मौत हुई थी, दोषी टीआई चंद्रभान सिंह चढ़ार पीथमपुर पदस्थ, ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है, घटना होने पर प्रशासन जांच करने निकल पड़ता है और कुछ दिन बाद वही स्थितियां बन जाती है*





