ईरान में जारी राजनीतिक अस्थिरता और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि आदर्श स्थिति में अमेरिका ईरान में लोकतंत्र देखना चाहता है। उनका कहना है कि ईरानी लोगों को लंबे समय से दमन और भय में जीना पड़ रहा है और अब उन्हें आज़ादी मिलनी चाहिए।
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या वह ईरान में लोकतंत्र देखना चाहते हैं, तो उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका नहीं चाहता कि वहां लोगों की हत्या हो। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के आम लोग लंबे समय से नरक जैसी जिंदगी जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया को यह देखना चाहिए कि ईरानी नागरिकों को थोड़ी आजादी और सम्मान मिले
ट्रंप के बयान के अहम बिंदु
- अमेरिका ईरान में लोगों की हत्या नहीं देखना चाहता।
- ईरानी जनता के लिए थोड़ी आज़ादी जरूरी है।
- ईरान कभी निवेश और विकास के लिहाज से अच्छा देश था।
- मौजूदा हालात में ईरान गंभीर संकट से गुजर रहा है।
- ईरानी लोगों के प्रति अमेरिका की सहानुभूति है।
ईरान बोला- ट्रंप और नेतन्याहू ही हत्यारे
ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने ट्रंप पर हमला बोलते हुए कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ईरानी जनता के “मुख्य हत्यारे” हैं। लारीजानी ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इस्राइल की नीतियों की वजह से ईरान में हालात बिगड़े हैं और निर्दोष लोगों की जान जा रही है। उन्होंने ट्रंप के लोकतंत्र संबंधी बयान को पाखंड करार दिया।
ईरान में हालात कितने गंभीर हैं?
ईरान में बीते कई हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षाबलों की कार्रवाई में करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को काबू में रखने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों को लेकर चिंता बढ़ी है। अमेरिका लगातार इन प्रदर्शनों को नैतिक समर्थन देता रहा है।





