शशिकांत गुप्ते
जब जीरो दिया मेरे भारत ने*
भारत ने मेरे भारत ने
दुनिया को तब गिनती आयी
यह पंक्तियां फ़िल्म पूरब पश्चिम के गीत की हैं।यह गीत गीतकार इंदीवरजी ने लिखा है।
भारत ने दुनिया को शून्य दिया।अपने देश के प्रख्यात खोगोल विद आर्यभट्ट ने शून्य की खोज की है।
शून्य के सम्बंध अचानक स्मरण होने का कारण है कि, स्वप्न लोक में विचरण करती देश की वित्तीय स्थिति पाँच के अंक पर तेरह शून्य
अंकित करने के लिए प्रयत्नशील है।
वर्तमान राजनीति में शून्य का महत्व दिन-न-दिन बढ़ता जा रहा है।राजनीति में सबसे बड़ी विकृति निर्मित हुई है,वैचारिक शून्यता की।वैचारिक शून्यता मानसिक विकृति पैदा करती है।साम्प्रदायिकता वैमनस्यता को प्रश्रय देते हुए न्यायोचित ठहरना भी मानसिक विकृति ही है।
पिछले सात वर्षो में देश में विपक्ष स्थिति को शून्य बताया जा रहा है।विकल्प को भी शून्य दर्शाया जा रहा है।यह दिनों ही मुद्दे लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश मात्र है।
विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के लिए कागजों पर अंकों के आगे शून्य बढाकर प्रस्तुत किया जा रहा है।वास्तविकता यह है कि,
समाचारों में अस्सी के अंक पर सात बार शून्य लिखने जो संख्या आती है,उतने करोड़ लोग मुफ्त अनाज प्राप्त करने के लिए व्यवस्था के साथ जद्दोजहद कर रहें हैं।मतलब ही इनलोगों की आय शून्य हो गई है।
कारोना महामारी के मरीजों की संख्या शून्य तक पहुँचने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
शून्य का अपना महत्व है।किसी भी अंक के आगे जब शून्य लिखा जाता है। तब वह अंक इकाई से दहाई और जैसे जैसे शून्य बढतें हैं वैसे सैकड़ा हजार गिनती शुरू हो जाती है।
शून्य का मतलब पूर्ण भी होता है।शून्य के कारण ही गिनती पूर्ण होती है।
इनदिनों कुछ लोगों को संख्या बल के गुरुर का सुरूर चढ़ा हुआ है।गुरुर हमेशा अस्थाई होता है।
उल्टी गिनती गिनते समय अंत में शून्य ही बोला जाता है।उल्टी गिनती मुहावरा भी है।यह मुहावरा व्यंग्य के रूप में प्रयोग होता है।
शून्य का अर्थ पूर्ण होता है।पूर्ण का महत्व इस श्लोक से ज्ञात होता है।
ॐ पूर्णमद:पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते।।
मन्त्र का अर्थ: वह जो (परब्रह्म) दिखाई नहीं देता है,वह अनंत और पूर्ण है। क्योंकि पूर्ण से पूर्ण की ही उत्पत्ति होती है।यह दृश्यमान जगत भी अनंत है उस अनंत से विश्व बहिर्गत हुआ। यह अनंत विश्व उस अनंत से बहिर्गत होने पर भी अनंत ही रह गया।
पूर्ण को समझने के लिए गणित का समीकरण इस प्रकार है।
0+0=0, 0-0=0, 0×0=0।
शशिकांत गुप्ते इंदौर





