शिवराज सरकार ने पिछले सप्ताह निगम-मंडलों में 16 अध्यक्ष और 9 उपाध्यक्ष की नियुक्ति की थी। करीब डेढ़ साल के इंतजार के बाद नेताओं को सरकारी कुर्सी तो मिल गई। इसमें से कुछ के चेहरे पर वह चमक नहीं है, जो दिखाई देना चाहिए। इसकी वजह है- उनकी नियुक्ति का समय। जो मलमास में हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मलमास में कोई शुभ काम नहीं किए जाते हैं। मलमास 16 दिसंबर से 13 जनवरी तक है। नेताओं ने 29 दिसंबर को अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया।
एक निगम के अध्यक्ष जब अपना कार्यभार संभालने पहुंचे तो बाकायदा पाठ-पूजा कराई। इस दौरान पंडित ने उन्हें कह दिया- मलमास चल रहा है, ऐसे में शुभ काम नहीं होते हैं। हालांकि पंडितजी ने उन्हें एक अन्य पूजा कराने की सलाह दे दी है ताकि किसी भी प्रकार का राजनीतिक व्यवधान न आए। यह पूजा एक विशेष मंदिर में होगी।
सुना है कि सिंधिया के समर्थक निगम-मंडल के अध्यक्ष पंडितों की सलाह ले रहे हैं। एक नेता के मुताबिक उन्हें ज्यादा चिंता इसलिए सता रही है, क्योंकि इसी साल 4 जनवरी को संधिया समर्थक दो मंत्रियों ने शपथ ली थी। उस समय भी मलमास चल रहा था।
दूल्हे की तरह स्वागत चाहते हैं निगम के उपाध्यक्ष
हाल ही में एक निगम के उपाध्यक्ष बने नेता चाहते हैं कि जब वे भोपाल पदभार ग्रहण करने आएं तो उनका स्वागत दूल्हे की तरह हो। उनके साथ करीब 500 लोग आएंगे, जिनके खाने व रहने का इंतजाम निगम की तरफ से हो। सरकारी कुर्सी पर बैठने से पहले ही नेताजी की इस तरह की डिमांड से निगम के सीईओ के हाथ-पैर फूल गए हैं। उन्होंने नेताजी को साफ कह दिया- इतने लोगों का इंतजाम नहीं किया जा सकता है।
अब नेताजी ने संदेश भेजा है कि पुड़ी-सब्जी के पैकेट का ही इंतजाम करा दें। अब देखाना है कि नेताजी बरात लेकर आते हैं या फिर अन्य निगम मंडलों के अध्यक्ष-उपाध्क्षों की तरह पदभार ग्रहण करते हैं। सुना है कि नेताजी ने सरकार से 20 कमरों वाला बंगला मांगा है। जवाब में एक अफसर ने उन्हें कहा- इतने कमरे तो राजभवन या सीएम हाउस में ही हैं। बताएं, कहां रहना पसंद करेंगे?
BJP की बैठक में प्रमुख सचिव का प्रजेंटेशन
बीजेपी ने एक नई परिपाटी शुरू कर दी है। अभी तक सरकार के कामकाज की समीक्षा करने के लिए प्रदेश कार्यालय में होने वाली बैठक में सरकारी अफसर के शामिल होने की खबर आती थी, लेकिन अब राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी यही ले ली है। सुना है कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक बैठक (संभवत: 3 जनवरी को ) बुलाई है। जिसमें बीजेपी शासित राज्यों से एक-एक मंत्री राज्य सरकार के कामकाज का ब्यौरा देंगे।
मध्य प्रदेश से नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जाएंगे। सुना है कि मंत्री के साथ प्रमुख सचिव स्तर का एक अफसर भी जाएगा, जो बैठक में प्रेजेंटेशन देगा। मंत्रालय के एक अफसर ने कहा- ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, जब किसी राजनीतिक दल की दिल्ली में होने वाली बैठक में भोपाल से अफसर को बुलाया गया हो।
क्या टीम भोपाल कारोबारियों की है?
इन दिनों बीजेपी भोपाल नगर की कार्यकारिणी चर्चा में है। नगर अध्यक्ष सुमित पचौरी ने नया साल आने के पहले अपनी टीम का ऐलान किया। इससे पहले रहे अध्यक्षों ने अपनी टीम नहीं बनाई थी, पुराने पदाधारियों को ही साथ लेकर चलते रहे। लेकिन पचौरी ने तो पूरे घर के बदल डालूंगा… की तर्ज पर अपनी टीम तैयार की।
इसमें क्रशर मालिक से लेकर सीमेंट का व्यापार करने वाले धनाढ्य कार्यकर्ताओं को जगह दी गई है। भोपाल के एक पूर्व विधायक को उम्मीद थी कि उनके एक-दो समर्थकों को नगर की कार्यकारिणी में पद मिलेगा। जब ऐसा नहीं हुआ तो वे बड़े नेताओं के दर में जाकर सवाल कर रहे हैं- क्या टीम भोपाल कारोबारियों की है?
तीसरी लहर की संभावना से पहले डॉक्टर की पोस्टिंग
कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के चलते सरकार तैयारियों में जुटी है। इसके साथ ही स्वास्थ्य आयुक्त को भी बदला गया। अब सचिव स्तर के आईएएस अफसर सुदाम खाडे को कमान सौंपी गई है। जो एमबीबीएस डॉक्टर भी है। दूसरी लहर आने से पहले डॉ संजय गोयल को आयुक्त बनाया गया था। जब कोरोना के केस तेजी से बढ़ने लगे तो उन्हें हटा दिया गया था। वजह यह बताई गई कि डा. गोयल महामारी का आकलन करने में विफल रहे। खासबात है कि स्वास्थ्य विभाग में आयुक्त् से ऊपर और नीचे के पदों पर वही अफसर अब तक पदस्थ हैं।
और अंत में…कोरोना पर पोस्ट लिखने पर महिला SDM को नोटिस
सरकार ने कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए प्रदेश में नाइट कार्फ्यू लगा दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब इसका ऐलान किया था, तब एक महिला एसडीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी थी- कोरोना को कैसे पता चलता है कि रात 11 बजे गए तो बाहर निकलना है। हालांकि कुछ देर में ही उन्होंने यह पोस्ट हटा दी थी। पता चला है कि इसकी भनक सरकार तक पहुंच गई। अब महिला एसडीएम को नोटिस देने की तैयारी चल रही है।





