पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच छिड़ी जुबानी जंग में अब सीएम शिवराज सिंह की एंट्री हो गई है। सिंधिया के समर्थन में उतरे सीएम शिवराज सिंह ने कहा है कि सिंधिया गद्दार नहीं बल्कि खुद्दार हैं। कांग्रेस में रहते आखिर कितना अपमान सहते। चुनाव लड़ा सिंधिया के नाम पर और मुख्यमंत्री बुजुर्ग कमलनाथ को बनाया।
सीएम शिवराज सिंह ने ये भी कहा कि हम किसी की मेहरबानी पर सरकार नहीं चला रहे। सिंधिया ने इस्तीफा दिया। चुनाव लड़ा और शान से जीतकर आए, लेकिन कांग्रेस में छोटेपन और ओछेपन की होड़ लगी है। हर नेता दूसरे नेता को छोटा करने बयान देना चाहता है। इस होड़ में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह समेत सब शामिल हैं। सूत न कपास, जुलाहों में लट्ठम-लट्ठा। कांग्रेस का क्या होगा भगवान जाने।’
सीएम शिवराज ने कहा, सरकार कमलनाथ नहीं दिग्गी राजा चला रहे थे। कमलनाथ का तो नाम मात्र का चेहरा था। बार-बार सिंधिया और उनके साथी जन समस्याओं की ओर ध्यान दिला रहे थे। कमलनाथ का अहंकार बड़ा था। सिंधिया ने कहा कि यह काम करो नहीं तो सड़कों पर उतरेंगे। तब कमलनाथ ने ईगो में कहा कि उतर जाओ। गाड़ी में बिठाकर दूसरी पार्टी में छोड़ आउंगा। आखिर कोई भी खुद्दार नेता कैसे बर्दाश्त करता। मिलने जाएं तो कमलनाथ मिलते नहीं थे। एक बात और जोर देकर कहना चाहता हूं। अगर वो गलत लोग होते तो जनता हजारों वोटों से कैसे जिताती। कांग्रेस में रहते 2-2 हजार वोटों से जीते थे, फिर 50-50 हजार वोटों से जीते।

सिंधिया के समर्थन में उतरे सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि वे गद्दार नहीं बल्कि खुद्दार है।
दरअसल शुक्रवार को दिग्विजय सिंह ने सिंधिया के लिए कहा था – ‘हे प्रभु! हे महाकाल! दूसरे ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में पैदा न हों। इसके बाद सिंधिया ने भी ट्वीट कर जवाब में लिखा, हे प्रभु महाकाल दिग्विजय सिंह जैसा देश विरोधी और बंटाधार भारत में पैदा ना हो।’
कैलाश विजयवर्गीय की दिग्विजय सिंह और सिंधिया को नसीहत
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय शनिवार को बाबा महाकाल दर्शन करने उज्जैन पहुंचे। यहां मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि, हमेशा विपक्ष का सम्मान करना चाहिए, पता नहीं उज्जैन में आकर दिग्विजय सिंह की मति कैसे भ्रष्ट हो गई। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह की बयानबाजी को लेकर दोनों नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि अपनी भाषा की मर्यादा रखें। ऐसी भाषा शोभा नहीं देती।

बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन किए। इसके बाद मीडिया से चर्चा कर दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार किया।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर कसा था तंज
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा था, 15 महीने में हमारे धनाढ्य विधायक कमाई में लग गए और बिक गए। हमारे अनुसूचित जाति-जनजाति के विधायकों को भी ऑफर आए थे। उन्होंने 25-25, 50-50 करोड़ के ऑफर ठुकरा दिए, लेकिन बड़े-बड़े महाराजा बिक गए। आगामी चुनाव में विशेष ख्याल रखेंगे कि इस बार हमारा प्रत्याशी टिकाऊ हो, ना कि बिकाऊ।
दिग्गी ने सीएम शिवराज पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 2100 घोषणाएं कीं, लेकिन इन पर अमल नहीं हुआ। इसकी सूची जल्द आपको दी जाएगी। वहीं प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर उन्होंने कहा- मैंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा था, तब प्रदेश पर 23 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था। अब 3.50 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है।
दिग्विजय बोले-हे महाकाल! दूसरे सिंधिया कांग्रेस में पैदा न हों…:
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘हे प्रभु! हे महाकाल! दूसरे ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में पैदा न हों।’ जवाब में सिंधिया ने इसी अंदाज में दिग्विजय सिंह पर पलटवार किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हे प्रभु महाकाल! कृपया दिग्विजय सिंह जी जैसे देश विरोधी और मध्य प्रदेश के बंटाधार भारत में पैदा न हों।’
शुक्रवार को उज्जैन पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि 15 महीने में हमारे धनाढ्य विधायक कमाई में लग गए और बिक गए। हमारे अनुसूचित जाति-जनजाति के विधायकों को भी ऑफर आए थे। उन्होंने 25-25, 50-50 करोड़ के ऑफर ठुकरा दिए, लेकिन बड़े-बड़े महाराजा बिक गए। आगामी चुनाव में विशेष ख्याल रखेंगे कि इस बार हमारा प्रत्याशी टिकाऊ हो, ना कि बिकाऊ।





