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विंध्य में केंद्र पर बरसे टिकैत:कहा- नौजवान सो रहा है, विपक्ष कमजोर है, इसलिए देश बिक गया

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रीवा

भारतीय किसान यूनियन के राष्टीय प्रवक्ता राकेश टिकैत रीवा में कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि नौजवान सो रहा है, वह आराम कर रहा है, इसलिए देश बिक गया। विपक्ष कमजोर था, उसने भी कुछ नहीं किया। वह भी क्या करे, उसे इतना डाउन कर दिया। बोलने नहीं दिया। उसके नेता भाग गए। एक यंग नेता ( ज्योतिरादित्य सिंधिया) था, मजबूत था। उसे अपने में शामिल कर लिया। इसलिए विपक्ष चुप बैठ गया। 2021 आंदोलन का साल है। मैं आव्हान करता हूं कि सभी मिलकर आंदोलन करें। किसान पीछे नहीं हटेगा।

किसान यूनियन के नेताओं का दावा है कि महापंचायत में 40 हजार से ज्यादा किसान पहुंचे।

किसान यूनियन के नेताओं का दावा है कि महापंचायत में 40 हजार से ज्यादा किसान पहुंचे।

रीवा की करहिया मंडी में रविवार को आयोजित किसान महापंचायत में रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना आदि जिलों से किसान पहुंचे। मंच पर देशभर के किसान संगठनों के प्रतिनिधि के साथ समाजसेवी मेधा पाटकर भी मौजूद रहीं। 2 घंटे देरी से दोपहर तीन बजे महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि रीवा रियासत का संबंध टिकैत खानदान से रहा है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में भूख एक व्यापार है। इसके लिए सोने और भूख का उदाहरण दिया। कहा कि महिलाएं सोना एक साल में 17 बार पहनती हैं। तीज त्योहार और शादी समारोह में, जबकि भूख 700 बार लगती है। दिन में दो बार आदमी को भूख लगती है। इसलिए बीजेपी ने भूख का कारोबार शुरू किया। उसने कहा कि पहले जमीन खरीद लो। गोदाम बना लो। फिर अनाज का बिक्री करो। राजस्थान और हरियाणा में पहले बड़े-बड़े गोदाम बन गए। उसके बाद कानून लाया गया। सरकार किसी पार्टी की नहीं है, बल्कि व्यापारियों की है। बीजेपी के बड़े-बड़े नेता नहीं बोल पा रहे हैंं। हमें उन्हें आजादी दिलानी होगी।

जब देश बिक रहा था तो काेई नहीं बोला। पहले बीएसएनएल की बोली लगी। कर्मचारियों ने आंदोलन किया कुछ नहीं हुआ। इसी तरह बैंक और रेलवे के साथ हुआ। ट्र्रांसफर करके सरकार ने सबको दबा दिया। लेकिन किसान दबने वाला नहीं है।

महापंचायत में विभिन्न किसान संगठनों के नेता मौजूद रहे।

महापंचायत में विभिन्न किसान संगठनों के नेता मौजूद रहे।

आडवाणी के बहाने तानाशाही का लगाया आरोप
राकेश टिकैत ने कहा कि आडवाणी जैसे लोग उनसे एक मंदिर जैसा मामला करवा दिया। जब राष्ट्रपति बनने का नंबर आया तो एक मुकदमा पीछे लगा दिया। सब बड़ नेताओं को नाप दिया। इसका मतलब है कि पार्टी की सरकार नहीं है। पहले भी सरकारें रही हैं।मनमोहन सिंह भी प्रधानमंत्री रहें। जब गेहूं की पैदावार कम हुई तो उन्होंने किसानों को बुलाया। टिकैत साहब को बुलाकर बात की। आज देश में गेहूं की कमी नहीं होती है।

कल जबलपुर में महापंचायत
राकेश टिकैत महापंचायत के बाद किसानों के काफिले के साथ शाम को मैहर शारदा देवी के दर्शन करने निकल गए। 15 मार्च को 12 बजे जबलपुर जिले की सिहोरा मंडी में आयोजित किसान महापंचायत करेंगे।

Ramswaroop Mantri

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