रीवा । मध्यप्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था काफी चिंताजनक और आक्रोश का विषय है । नारी चेतना मंच ने कहा है कि प्रदेश में भीड़ हिंसा को बढ़ावा देने वाली घटनाएं कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रही हैं । आम नागरिक जीवन असुरक्षित महसूस कर रहा है । महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार घटने के बजाय बढ़ गए हैं । गत दिवस सागर में युवती को गोली मारकर की गई हत्या , सरकार की कथनी और करनी का घोर विरोधाभास प्रकट कर रही है । यह भारी विडंबना है कि सरकार में बैठे लोग बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन बढ़ते जा रहे अपराधों को नहीं रोक पा रहे हैं । सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अपराध पर नियंत्रण होना चाहिए । देखने को मिलता है कि अपराध होने पर सरकार में बैठे हुए लोगों के द्वारा बड़े-बड़े बोल बोले जाते हैं । सरकार द्वारा अपराध न रोक पाना उसकी अत्यंत चिंताजनक विफलता है । किसी व्यक्ति की हत्या हो जाने के बाद सरकार के द्वारा बढ़-चढ़कर दिखाने वाली कार्यवाही अपने निकम्मेपन को छिपाने और झूठी सहानुभूति लेने के अलावा और कुछ नहीं है ।
नारी चेतना मंच की अध्यक्ष सुशीला मिश्रा ने कहा है कि जनता को कानून का राज चाहिए जिसमें नागरिक जीवन अपने को सुरक्षित महसूस करे और जनसाधारण में किसी तरह का खौफ न हो । अपराधियों को विधि सम्मत दंड दिया जाना चाहिए , जिससे कानून के राज्य की प्रतिष्ठा बरकरार रहे । राज्य में किसी नागरिक को भीड़ हिंसा के सुपुर्द नहीं किया जा सकता है । यह भी देखना होगा कि पुलिस अदालत बनने की कोशिश न करे । जो काम जिसका है , उसी के द्वारा संचालित होना चाहिए । सरकार को इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि आखिरकार समाज में हिंसा एवं गलत कामों को बढ़ावा क्यों मिल रहा है । सरकार में बैठे हुए लोगों को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जो आग में घी डालने वाला हो । सरकार में बैठे हुए गलत लोगों का संरक्षण अपराध के ग्राफ को बढ़ाने में मददगार है । चुनावों में अपराधी तत्वों की मदद लेने के चलते समस्या बिगड़ती जा रही है । उन्होंने कहा कि यदि सरकार के इरादे अच्छे होंगे तो अपराध अपने आप कम होंगे । किसी तरह की गलत बातों को महत्व नहीं मिलना चाहिए । नारी चेतना मंच हर तरह के अन्याय के खिलाफ संघर्ष करता रहेगा ।
प्रदेश में भीड़ हिंसा की घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए कलंक : नारी चेतना मंच





