भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रविवार को टीम इंडिया का एलान कर दिया। घोषित टीम में कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं, जिनमें सबसे बड़ी खबर ऋतुराज गायकवाड़ और तिलक वर्मा की वनडे टीम में वापसी है। वहीं रवींद्र जडेजा और ऋषभ पंत भी लंबे अंतराल के बाद 50 ओवर प्रारूप में नजर आने वाले हैं। दूसरी ओर अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक बार फिर टीम में जगह नहीं मिली है।
ऋतुराज-तिलक की वापसी से मिला युवा जोश
भारत ने कप्तान शुभमन गिल और उपकप्तान श्रेयस अय्यर के स्थान पर युवा बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ और तिलक वर्मा को टीम में शामिल किया है। दोनों खिलाड़ियों ने हाल ही में राजकोट में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज में भारत ए की ओर से शानदार प्रदर्शन किया था। ऋतुराज ने 117, नाबाद 68 और 25 रनों की पारी खेलकर बेहतरीन फॉर्म दिखाई। वहीं, तिलक ने तीन मैचों में 79 रन बनाने के साथ एक विकेट भी हासिल किया।

जडेजा और पंत की वापसी, अक्षर को आराम
रवींद्र जडेजा की वनडे टीम में वापसी ने साफ कर दिया है कि उनका वनडे करियर अभी खत्म नहीं हुआ है। जडेजा ने पिछला वनडे मार्च, 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में खेला था और उसके बाद से बाहर चल रहे थे। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया था। चयनकर्ताओं ने अक्षर पटेल को इस सीरीज में आराम दिया है और जडेजा को उनके स्थान पर शामिल किया है। जडेजा 204 वनडे मैचों में 2806 रन और 231 विकेट लेकर भारत के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडरों में शामिल हैं। वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत भी 2024 के बाद पहली बार वनडे टीम का हिस्सा बने हैं। उनकी मौजूदगी मध्यक्रम को मजबूती देगी।

बुमराह और हार्दिक बाहर
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बढ़ते वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए आगामी वनडे सीरीज से आराम दिया गया है। चयनकर्ताओं के अनुसार, बुमराह अब फरवरी–मार्च में होने वाले टी20 विश्व कप पर फोकस करेंगे और संभवतः तब तक किसी वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं लेंगे। ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की भी अभी वापसी नहीं हो सकी है। एशिया कप 2024 में लगी क्वाड्रिसेप्स इंजरी के बाद वे पूरी तरह फिट नहीं हैं। उम्मीद है कि वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज से वापसी करेंगे।

शमी फिर हुए अनदेखी का शिकार
टीम में युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन रखा गया है। यह चयन 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए भविष्य के संयोजनों की तैयारी जैसा भी माना जा रहा है, लेकिन मोहम्मद शमी को एक बार फिर नजरअंदाज करना समझ से परे है। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद वह टीम का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं। तेज गेंदबाज ने रणजी ट्रॉफी के पहले चरण में चार मैचों में 20 विकेट लिए थे। पैर की चोट से वापसी करने के बाद शमी ने इस सीजन बंगाल के लिए पांच में से चार मैचों में हिस्सा लिया। अब वह बंगाल के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी खेलते नजर आएंगे। 35 वर्षीय गेंदबाज को भारत के लिए पिछली बार चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेलते देखा गया था, उसके बाद से वह टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।





