अग्नि आलोक
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अंतरिक गुनाहगर

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उन्होंने कहा
हम बहुत अच्छे हैं
हमने कहा
होंगे अपनी नजर में।

उन्होंने कहा
हम दिलकश इश्क करते हैं
हमने कहा
करते होगे गैरों से।

उन्होंने कहा
हम सिकंदर हैं हर काम में
हमने कहा
होगे बस इस दुनिया के।

उन्होंने कहा
हम जानते हैं हर किसी को यहां
हमने कहा
जानते होगे बस इस दुनिया में।

डॉ.राजीव डोगरा
(युवा कवि व लेखक)
पता-गांव जनयानकड़
पिन कोड -176038
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

Ramswaroop Mantri

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