अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

भीतर

Share

मुझे कविता में
नया दौर सीखना है।
मुझे मोहब्बत में
अभी ओर सीखना है।
चिलमलाहट सी होती है
भीतर ही भीतर
नए शब्दों को सीख कर
मुझे नए भावों का आयाम
अभी ओर सीखना है।
दबी हुई बातें हैं कुछ भीतर
जो दबा देती है
सदैव ही अस्मिता को मेरी
निकालकर उनको बाहर
अभी नया जहान जीना
अभी ओर सीखना है।

राजीव डोगरा
(टी.जी.टी हिंदी)
राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
गाहलिया
पता-गांव जनयानकड़
पिन कोड -176038
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
9876777233
rajivdogra1@gmail.com

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें