मुनेश त्यागी
इराक में कम्युनिट गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। इराक में अभी कुछ दिन पहले ही चुनाव हुए हैं। इस संसदीय चुनाव में पूर्व शिया मिलिशिया प्रमुख अल सदर के नेतृत्व वाले कम्युनिस्ट गठबंधन को जीत मिली है। अल सदर के नेतृत्व में 6 दलों वाले गठबंधन "अलायंस ओफ रिवॉल्यूशनरी फोर रिफॉर्म्स" ने 54 सीटें जीती हैं। इनमें कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख रूप से मुखर होकर उभरी है। मौजूदा प्रधान मंत्री हैदर अल अबादी की पार्टी को 42 सीटें मिली हैं, जो तीसरे नंबर पर है।
जीत का जश्न मनाते हुए इराकी लोगों ने बगदाद के तहरीर स्क्वायर में प्रवेश किया और उन्होंने कहा कि "इराक अब मुक्त है और हम आजाद हैं।" इन चुनावों में भ्रष्टाचार अक्षमता के रूप में प्रसिद्ध इराकी राजनीतिक प्रतिष्ठान धराशाई हो गए हैं। इतिहास रचते हुए इराक के शिया इस्लामी धर्म शास्त्र के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र और सबसे महत्वपूर्ण शहर नजफ में, कम्युनिस्ट पार्टी की सुहाद अल खतीब, इराक की पहली महिला सांसद चुनी गई हैं।
खतीब गरीबों की हमदर्द, शिक्षक और महिला अधिकार कार्यकर्ता हैं। जीतने के बाद उन्होंने कहा है कि कम्युनिस्ट पार्टी का इराक में ईमानदारी भरा इतिहास रहा है और हम अमेरिका और विदेशी एजेंट नहीं हैं, हम सामाजिक न्याय और नागरिकता चाहते हैं और हम सांप्रदायिकता के घोर विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने मेरी विचारधारा, ईमानदारी और इंसानियत को आदर्श के रूप में लेते हुए देखा कि राजनेता कैसे होने चाहिए? इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मुझे जिताया। हमने पूरे इराक का दौरा किया। हमने लोगों की समस्याओं को सुना और उनको दूर करने में लोगों की पर्याप्त मदद की। जनता की समस्याओं को लेकर हम जनता के बीच गए, जनता से सलाह मशविरा किया और इन मांगों को पूरा करने के लिए हमने, जनता के बीच एक माहौल बनाया और देशव्यापी अभियान चलाया। इन सब कारणों से लोग मेरा सम्मान और समर्थन करते हैं और उन्होंने मुझे जीत का मौका दिया और हमारी पार्टी को चुनाव में बढ़ बढ़ चढ़कर वोट दिया।
कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख और गठबंधन के संसदीय उम्मीदवार रैड जाहेद फहमी ने बताया कि हमारे गठबंधन के कार्यक्रम का उद्देश्य हर नागरिक के राज्य का निर्माण करना है। हम अपने नागरिकों की बेहतरी चाहते हैं। हमारा राज नागरिकों को सामाजिक न्याय की नीतियों का पालन करेगा। हमारा गठबंधन एक आजाद इराक और संप्रभु इराक चाहता है जो किसी का पिछलग्गू नहीं होगा और हमारा गठबंधन इराक के आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी शक्ति का दखल नहीं चाहता।
गठबंधन के प्रमुख नेता मुक्तादा अल सदर चुनाव नहीं लड़े हैं। वे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के प्रमुख के तौर पर इराक़ में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने इराक युद्ध में अमरीकी सेना और उसके आक्रमण का जोरदार और जमकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्टों और धर्मनिरपेक्ष ताकतों का गठबंधन इराक में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का जोरदार विरोध करता है। गठबंधन ने इराक से गरीबी दूर करने, रोजगार देने, स्कूलों में आधुनिक शिक्षा और आधुनिक उपकरणों से लैस दवाईयों और अस्पतालों का निर्माण करने का वादा जनता से किया था।
जनता ने इन नारों और कार्यक्रम का जोरदार समर्थन किया और हमारी बातों और नारों पर विश्वास किया और हमें विजय बनाया। इराक में कम्युनिस्टों की हिमायत से सरकार बनने जा रही है जो लोगों को उनकी बुनियादी समस्याएं रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार उपलब्ध कराएगी। यहीं पर एक और हम बात है की इस्लामिक स्टेट ने पिछले वर्षों में इराक का जो सत्यानाश किया है और वहां जो विनाश किया है, उसको दूर करना होगा और इराक का पुनर्निर्माण करना होगा।दरअसल इराक में कम्युनिस्टों की यह जीत पूरी दुनिया की जनता के लिए एक अहम सबक लेकर आया है कि हर देश की जनता को, इन्हीं नारों को आगे रखकर, अपने आंदोलन को आगे बढ़ाना होगा। यही हमारी सबसे बड़ी सीख है। इराक में कम्युनिस्टों की जीत दुनिया भर में चल रही उदारीकरण, निजीकरण और आर्थिक नीतियों की सबसे बड़ी हार है। इन चुनावों में इराकी जनता की अपनाई गई इन्हीं नीतियों पर चलकर ही दुनिया के तमाम साम्राज्यवादी लुटेरों और डाकुओं के निजाम और साम्राज्यवाद का खात्मा किया जा सकता है।
इराक में कम्युनिस्टों की जीत जनता, जनतंत्र, धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील ताकतों और जनता के मित्रों के लिए, एक बड़ी जीत है,एक बहुत ही आशाभरी और हौंसला अफजाई करने वाली जीत है। यह पूरी दुनिया के गरीब, शोषित, पीड़ित अभावग्रस्त और पिछड़ेपन के शिकार लोगों के लिए आशाभरी खबर लेकर आई है। हम यहां जोर देकर कहेंगे कि आओ इराक की जनता और वामपंथियों से सीखें और जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर,एक देशव्यापी कार्यक्रम बनाएं और पूरे देश में उन मांगों को पूरा करने का देशव्यापी अभियान चलाएं। हम इराक की क्रांतिकारी जनता को इंकलाबी सलाम और अभिनंदन करते हैं।





