पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पिछले एक हफ्ते से महंगाई, बिजली की ऊंची कीमतों और बुनियादी अधिकारों को लेकर भारी अशांति है. जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएसी) ने हड़ताल का आह्वान किया, जिससे पूरा क्षेत्र थम गया. शुरुआती शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जल्द ही हिंसा में बदल गया, जिसमें सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में कुछ लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों घायल हुए हैं. हालात बिगड़ने और पीओके पर नियंत्रण खोने की आशंका से पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार चिंतित है. उसने जेएसी के साथ बातचीत शुरू की है, लेकिन ये प्रयास अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं. पीओके के लोग दशकों से सस्ती बिजली, गेहूं और आटे की उपलब्धता जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं.
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जनता का विद्रोह और तेज हो गया है. बता दें कि डाबर कोट में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर भीषण हमले हुए हैं, जिसमें कई वाहनों को आग लगाई गई और पुलिसकर्मियों को बंधक बनाया गया. 24 घंटे में तीन पुलिसकर्मियों की मौत की खबर है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया था. मुजफ्फराबाद में पाकिस्तानी सेना की वर्दी और हेलमेट बेचे जाने की खबरें भी सामने आई हैं, जो सुरक्षाबलों की भारी बेइज्जती को दर्शाती हैं. वहीं भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर का नया वीडियो जारी किया है, जिसमें पाकिस्तानी बंकरों और आतंकी ठिकानों को तबाह करते दिखाया गया है. भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के तहत पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि भारत इस बार संयम नहीं बरतेगा और राज्य-प्रायोजित आतंकवाद को रोकना होगा. वायुसेना प्रमुख अमरप्रीत सिंह ने दावा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर में पांच पाकिस्तानी एफ-16 और जेएफ-17 विमान मार गिराए गए हैं, तथा तीन रडार सिस्टम और कमांड सेंटर्स को नष्ट किया गया है.





