रेवाड़ी
राजस्थान के 2 मुस्लिम युवक नासिर और जुनैद को जलाकर मार देने की वारदात में शामिल 9 में से 8 आरोपियों की तस्वीर सामने आ गई है। इनमें एक आरोपी रिंकू सैनी को भरतपुर पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है, जबकि 8 आरोपी अभी फरार हैं।

खास बात यह है कि इनमें मोनू मानेसर की तस्वीर नहीं है। वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी हरियाणा के जींद स्थित एक गौशाला से बरामद की गई है।
8 आरोपियों की पहचान हुई
राजस्थान पुलिस ने बताया कि भरतपुर जिले के थाना गोपालगढ़ में दर्ज केस के तहत रिंकू सैनी को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में 8 आरोपियों की पहचान हो गई है। इसके बाद हरियाणा के कई जिलों में छापेमारी की गई।
आरोपी अनिल और श्रीकांत नूंह के रहने वाले हैं, जबकि कालू कैथल, मोनू राणा भिवानी, विकास जींद, शशिकांत करनाल और गोगी भिवानी का है।

हरियाणा में बजरंग दल का गौरक्षा प्रमुख मोनू मानेसर।
3 टीमें लगातार दे रहीं दबिश
राजस्थान पुलिस की तरफ से बताया गया कि उसकी 3 टीमें पूरे मामले में हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर लगातार दबिश दे रही हैं। रिंकू सैनी से पूछताछ में काफी अहम सुराग हाथ लगे हैं। जिसके आधार पर हरियाणा के जींद में रेड करते हुए पुलिस ने उस स्कॉर्पियो गाड़ी को एक गौशाला से बरामद किया है, जिनमें जुनैद और नासिर को पीटने के बाद भिवानी तक ले जाया गया था। पुलिस के मुताबिक स्कॉर्पियो की सीट पर खून के निशान भी मिले हैं।
आपस में किया जा रहा मिलान
पुलिस के मुताबिक भिवानी के लोहारू में बोलेरो गाड़ी में मिले दोनों कंकाल, नासिर-जुनैद के परिवार के डीएनए और बरामद की गई स्कॉर्पियो गाड़ी सभी के सैंपल लिए गए हैं। उसके आधार पर रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई तय की जाएगी।

राजस्थान के जुनैद और नासिर इसी जली बोलेरो में कंकाल बने मिले थे।
मोनू मानेसर का नाम नहीं
पुलिस की शुरुआती जांच में सबसे अहम बात यह सामने निकलकर आई कि जिसको लेकर पिछले एक हफ्ते से सबसे ज्यादा हंगामा हो रहा है, उस मोनू मानेसर का नाम अभी तक राजस्थान पुलिस की तरफ से स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया है।
गिरफ्तार किए गए रिंकू सैनी के अलावा पुलिस की तरफ से जिन 8 लोगों की फोटो जारी की गई है, उनमें भी मोनू मानेसर की तस्वीर नहीं है।

जुनैद-नासिर हत्याकांड में शामिल आरोपी। इनमें से सिर्फ रिंकू सैनी की भरतपुर से गिरफ्तारी हुई है।
भिवानी में मिली दोनों की लाश
दरअसल, मृतक जुनैद (35) और नासिर (28) राजस्थान के जिला भरपुर के गांव घाटमीका के रहने वाले थे। ये गांव हरियाणा बॉर्डर के नजदीक है। जुनैद के चचेरे भाई इस्माइल ने 15 फरवरी को गोपालगढ़ थाना (भरतपुर) में दोनों के अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज कराया।
अगले दिन 16 फरवरी को जुनैद और नासिर दोनों की लाशें हरियाणा में भिवानी जिले के कस्बा लोहारू में जली हुई हालत में बोलेरो गाड़ी से मिली थीं। इस मामले में भरतपुर थाना पुलिस ने अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है।
हरियाणा में गौरक्षकों की बड़ी फौज
हरियाणा में अगर सबसे ज्यादा कोई चर्चा है, तो वह गौरक्षक ही है। क्योंकि नासिर और जुनैद ही हत्या में बजरंग दल से जुड़े गौरक्षकों पर ही जिंदा जलाने का आरोप लगा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ है कि गौरक्षक पुलिस के लिए इन्फॉर्मर के रूप में काम करते हैं।
साथ ही वे गौ-तस्करी की जांच के लिए पुलिस के बैरियर लगाने से लेकर, वाहनों या तस्करों का पीछा करने और उन्हें पकड़कर पुलिस को सौंपने तक का काम कर करते है।
हर जिले में SCPTF गठित
साल 2021 में हरियाणा सरकार ने गौ-तस्करी रोकने और ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और लावारिस मवेशियों के पुनर्वास के उद्देश्य से कई वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करके एक राज्य-स्तरीय विशेष गौ संरक्षण कार्य बल समिति गठित करने की अधिसूचना जारी की थी।
इसके तहत प्रत्येक जिले के लिए विशेष गाय संरक्षण कार्य बल (SCPTF) बनाया गया, जिनमें कुछ नामित गौ सेवक/रक्षक शामिल होते हैं। नासिर और जुनैद की हत्या का आरोपी मोनू मानेसर भी गुरुग्राम प्रशासन की तरफ से गठित SCPTF का सदस्य है।
15 हजार से ज्यादा गौरक्षक
हरियाणा में गौ-तस्करी रोकने के लिए एक अनऑफिशियल सिस्टम भी काम करता है, जो आधिकारिक तौर पर गाय संरक्षण की व्यवस्था के साथ परोक्ष रूप से भी जुड़ा होता है। हरियाणा में करीब 15 हजार गौरक्षक एक्टिव हैं, जो अलग-अलग ग्रुप से जुड़े हुए है। इनमें काफी सारे गौ रक्षा दल, बजरंग दल और गौपुत्र सेना से भी जुड़े है।
पुलिस से बड़ा नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा में मोनू मानेसर के ग्रुप का पुलिस से भी बड़ा नेटवर्क है। उन्हें पहले से ही उनके मुखबिरों से सूचना मिल जाती है। जिसके बाद वह गौ-तस्करों का पीछा करते और फिर उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर देते हैं। गुरुग्राम-फरीदाबाद की सड़कों पर काफी बार गौरक्षकों और गौ-तस्करों के बीच मुकाबले के वीडियो भी सामने आते रहे हैं।

हरियाणा में गौरक्षक के रूप में सबसे बड़ा नाम मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर का है।
हरियाणा पुलिस के इन्फॉर्मर होने का खुलासा
जुनैद और नासिर की हत्या के आरोप में नामजद रिंकू सैनी, लोकेश सिंगला और श्रीकांत को लेकर खुलासा हुआ कि ये हरियाणा पुलिस के इन्फॉर्मर है। जो हरियाणा पुलिस के साथ गौ-तस्करी के मामले में रेड पर जाते है। इनमें मोनू मानेसर और अनिल भी शामिल है। गौरक्षकों के पुलिस इन्फॉर्मर होने होने के मामले में कुछ पुरानी FIR की कॉपी में भी सामने आई है, जिनमें पता चला कि पुलिस इनको अपने साथ लेकर गई। इन्हीं की शिकायतों पर एफआईआर दर्ज की गई।

पुलिस से पहले होती है सूचना
मोनू मानेसर की बात करें तो साल 2016 तक उसने खुद को गौरक्षा दल का प्रमुख चेहरा बनाने के लिए अपना नेटवर्क एक्टिव किया। उसके मुखबिरों का नेटवर्क हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, नूंह, सोनीपत, पलवल और झज्जर समेत कई शहरों में खड़ा हो गया। जहां उसकी टीम और बजरंग दल के लोग हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर काम करने लगे।
कथित गौ-तस्करों को पकड़ने के बाद वो उनको पुलिस को सौंप देते हैं। हालांकि खास बात यह है कि मोनू मानेसर का नेटवर्क ऐसा है कि गो-तस्करी के मामले में पुलिस के पास बाद में सूचना पहुंचती है, पहले मोनू के ग्रुप को पता चल जाती है। उसकी टीम में काफी सारे युवा शामिल है।





