कर्नाटक के प्रसिद्ध लेखक और तर्कवादी विचारक प्रोफेसर केएस भगवान के चेहरे पर गुरुवार को मीरा राघवेंद्र नाम की एक महिला वकील ने बंगलूरू की एक अदालत में कालीख पोत दी। जिसके बाद कोर्ट परिसर में हंगामा मच गया। वकीलों ने महिला वकील की सदस्यता रद्द करने की मांग की। वकीलों ने कहा कि महिला ने लेखक के चेहरे पर नहीं बल्कि वकीलों के पेशे को काला किया है।
बता दें कि लेखक केएस भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल उठा चुके हैं। कन्नड़ में लिखी गई उनकी किताब ‘राम मंदिरा येके बेदा’ में उन्होंने राम के भगवान न होने का दावा किया था। दक्षिणपंथी संगठनों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। लेखक पर आरोप है कि उन्होंने अपनी किताब में भगवान राम का अपमान किया है





