डॉ. प्रिया
ओवेरियन सिस्ट या गांठ अंडाशय की सतह पर पानी से भरे फफोले होते हैं. आमतौर पर ये सिस्ट अपने ही कुछ ही महीनों में बिना किसी इलाज के ठीक हो जाते हैं. वहीं, कुछ सिस्ट को निकालने के लिए सर्जरी भी करनी पड़ सकती है.
वैसे तो सिस्ट मेंस्ट्रुअल साइकिल का ही एक नॉर्मल पार्ट है. लेकिन यदि इसका आकार बढ़ने लगे और फूट जाएं तो यह एक सीरियस मेडिकल कंडीशन बन जाती है. इससे फर्टिलिटी भी खतरे में आ सकती है. ऐसे में इन लक्षणों को पहचानना और सावधानियों को बरतना जरूरी है.
*ओवरी में सिस्ट के लक्षण :*
~नाभि के नीचे तेज दर्द होना
ब्लॉटिंग
~कमर का साइज बढ़ना
मल त्याग में दर्द
~थकान या चक्कर आना
*परहेज :*
रेट मीट में हाई फैट होता है जिसके कारण इसके सेवन से ओवरी का सिस्ट बढ़ सकता है. साथी ही ज्यादा सेवन से सिस्ट बनने भी लगते हैं.
ओवरी में सिस्ट है तो बहुत ज्यादा तले हुए खाद्य पदार्थ जैसे फ्रेंच फ्राइज, डीप फ्राइड चिकन आदि का सेवन करने से बचना चाहिए. इसमें इस्तेमाल होने वाले रिफाइंड वनस्पति तेल सिंथेटिक होते हैं, जो हार्मोन को असंतुलित कर सकते हैं.
यदि आप ओवरी सिस्ट को रोकना और ठीक करना चाहते हैं, तो संतृप्त वसा का सेवन कम करें.
ज्यादा मात्रा में आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल भी ओवरी के गांठ को गंभीर बना सकता है. ऐसे में मीठा खाने पर कंट्रोल जरूरी है.
शराब हार्मोनल संतुलन को बदल देते हैं, जिसके कारण सिस्ट बन सकते हैं और गंभीर कंडीशन पैदा हो सकती है.
अगर आपको ओवेरियन सिस्ट है तो कॉफी, चाय, सोडा, शीतल पेय आदि जैसे कैफीन युक्त पेय पदार्थों से बचें. इससे मौजूदा सिस्ट और भी बढ़ सकते हैं.
यदि आपको ओवरी सिस्ट है तो गेहूं, मैदा, सफेद ब्रेड और छोटे दाने वाले चावल जैसे सरल कार्बोहाइड्रेट से बचना चाहिए.
ओवरी सिस्ट होने पर आलू, मक्का, पास्ता का सेवन भी नहीं करना चाहिए. इससे और सिस्ट बन सकते हैं.
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