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ताजा समाचार -27 नगर पालिकाएं ईडी के रडार पर,मनीष सिसोदिया की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट फैसला आज 

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आबकारी नीति से संबंधित मामले में दिल्‍ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की जमानत याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने 17 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। SC में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा की याचिका भी सुनी जाएगी। चड्ढा ने राज्यसभा से अनिश्चितकाल के लिए निलंबित किए जाने को चुनौती दी है। महाराष्ट्र में विधायक अयोग्यता विवाद पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। सुनवाई से पहले महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर दिल्ली पहुंच गए हैं। 

भारत का विश्व कप में जीत का छक्का, तिगुना लगान वसूल इंग्लैंड को सेमीफाइनल की रेस से किया बाहर

30 जुलाई, 2019 का दिन था। भारत और इंग्लैंड विश्व कप में आमने-सामने थे। भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने शतक जड़ा था, लेकिन इंग्लैंड 31 रनों से जीत गया था। वह मैच इंग्लैंड में हुआ था और अब जंग भारत में थी तो रोहित सेना ने कर दी चढ़ाई और 100 रनों से हराते हुए उस हार का सूद समेत बदला ले लिया। सूद इसलिए, क्योंकि इस हार के साथ ही डिफेंडिंग चैंपियन का सेमीफाइनल की रेस से बाहर (टूर्नामेंट के गणित के अनुसार ऑफिशली बाहर नहीं हुआ है, लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचना अब नामुमकिन टाइप है) होना तय हो गया। मैच में रोहित ने 87 रनों की पारी खेलकर भारत को 229 रनों तक पहुंचाया। इसके बाद मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा ने घातक गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड को 129 रनों पर समेट दिया।

छत्तीसगढ़ में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे सभी पार्टियां अपना सिक्का जमाने की पूरी कोशिश में लगी हुई हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्‍होंने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि बीजेपी गरीबों को छत्तीसगढ़ी और अंग्रेजी पढ़ने से रोकती है। पर कांग्रेस की सोच अलग है। बीजेपी चाहती है कि गरीब लोग सपना न देखें।

सिसोदिया की बेल पर SC का फैसला आज

आबकारी नीति मामले में आरोपी और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को फैसला सुनाएगा। कोर्ट ने 17 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रखा था।

सियासत: गारंटी की राजनीति भी है रणनीति का हिस्सा, कोई नहीं अपवाद

Politics of guarantee is also a part of the strategy

इस आंकड़े के मद्देनजर महिला वोटरों की अहमियत समझ में आती है। पिछले तीस साल में महिलाओं की वोट देने में भागेदारी तेजी से बढ़ी है। वर्ष 1993 में करीब 60 फीसदी मतदान हुआ था और तब 68 प्रतिशत पुरुषों, जबकि केवल 52 फीसदी महिलाओं ने वोट दिया था।

राजस्थान और मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए कांग्रेस क्या सोची-समझी रणनीति के तहत प्रियंका गांधी को आगे कर रही है? महिलाओं- बच्चों से जुड़ी घोषणाओं को प्रियंका गांधी के जरिये गारंटी के रूप में सामने लाया जा रहा है, ताकि महिलाओं को पूरी तरह भरोसे में लिया जा सके। राजस्थान में झुंझुनूं की रैली में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रियंका गांधी को गारंटी कार्ड के रूप में सामने रखा। घर की मुखिया महिला को दस हजार रुपये हर साल दिए जाएंगे और एक करोड़ परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा। इससे सरकार पर साढ़े दस हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर है और जानकारों के मुताबिक, सत्ता की चाभी महिला व युवा वर्ग के पास है। राज्य में 2.73 करोड़ पुरुष वोटरों के मुकाबले 2.53 करोड़ महिला वोटर हैं, पर वोट डालने में महिलाएं बाजी मार ले जाती हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में राज्य में 74.72 फीसदी वोट पड़े थे। उनमें पुरुष वोटों का प्रतिशत 73.49 था, जबकि 74.67 फीसदी महिलाओं ने वोट दिया था। तब कांग्रेस और भाजपा के बीच 0.54 प्रतिशत का ही अंतर था, यानी कांग्रेस को भाजपा से सिर्फ 1.79 लाख वोट ज्यादा मिले थे।

इस आंकड़े के मद्देनजर महिला वोटरों की अहमियत समझ में आती है। पिछले तीस साल में महिलाओं की वोट देने में भागेदारी तेजी से बढ़ी है। वर्ष 1993 में करीब 60 फीसदी मतदान हुआ था और तब 68 प्रतिशत पुरुषों, जबकि केवल 52 फीसदी महिलाओं ने वोट दिया था। पर अब कहानी बदल गई है। यही वजह है कि दोनों दलों को महिला वोटर याद आ रहे हैं और महिला नेता भी। प्रियंका गांधी ने इससे पहले मध्य प्रदेश में हर महिला को 1,500 रुपये मासिक देने की गारंटी दी थी। आठवीं तक के बच्चों को पांच सौ रुपये, नवीं-दसवीं के बच्चों को एक हजार और ग्यारहवीं-बारहवीं के बच्चों को 1,500 रुपये महीना देने की ‘पढ़ो-पढ़ाओ योजना’ की गारंटी भी उन्होंने दी थी। इससे पहले हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में भी प्रियंका गांधी से ही गारंटियां दिलाई गई थीं।

गारंटी देने में भी सियासत हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस की गारंटी को चुनावी जुमला बताते हुए कह रहे हैं कि कांग्रेस सिर्फ चुनाव जीतने के लिए गारंटी दे रही है, चुनाव जीतने पर वह भूल जाएगी। दूसरी तरफ, भाजपा की गारंटी को वह मोदी की गारंटी से जोड़ रहे हैं, और कह रहे हैं कि यह मोदी की गारंटी है, जो पूरी की जाएगी।

यह अपने आप में रोचक राजनीति है। एक कह रहा है, हमारी गारंटी पर यकीन करो, तो दूसरा कह रहा है कि हमारी गारंटी पर यकीन करो, क्योंकि हम गारंटी पूरी कर चुके हैं। उधर गारंटी का खेल शुरू करने वाले केजरीवाल भी आम आदमी पार्टी की गारंटी को केजरीवाल की गारंटी बता रहे हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने गृहलक्ष्मी योजना के तहत 1,500 रुपये महीना देने की गारंटी दी, तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना की घोषणा कर पहले महीने 1,000 और दूसरे महीने 1,250 रुपये देना शुरू भी कर दिया। अशोक गहलोत ने बीपीएल परिवारों को 500 रुपये में सिलेंडर देना शुरू किया, तो शिवराज चौहान ने 450 रुपये में सिलेंडर देने की घोषणा कर दी। जबकि तेलंगाना में केसीआर ने 400 रुपये में गैस सिलेंडर देने की गारंटी दी है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश, दोनों जगह कांग्रेस के पास कोई बड़ी महिला नेता नहीं है। पर जब चुनाव ही महिला वोटरों के आसपास लड़ा जा रहा हो, तो जरूरी हो जाता है कि महिला नेता ही बहनों को गारंटी दे। शौचालय, जन-धन खाते, उज्ज्वला योजना आदि के जरिये प्रधानमंत्री मोदी ने महिला वोटरों के बीच अपनी पैठ बनाई है। मध्य प्रदेश में तो शिवराज सिंह चौहान मामा के रूप में सामने आ गए हैं, लेकिन कांग्रेस का ऐसा कोई जुड़ाव राजस्थान और मध्य प्रदेश में नहीं हो पाया है। इसकी भरपाई भी प्रियंका गांधी के जरिये की जा रही है। एक बात दिलचस्प है। राज्य में विपक्षी पार्टी आगे की गारंटी दे, तो समझ में भी आता है, पर सत्ता में मौजूद पार्टी जीतने पर गारंटी देने की बात कहे, तो समझ जाना चाहिए कि माजरा क्या है।

पूर्व बीजेपी सांसद के बेटे को नहीं मिला इलाज, स्ट्रेचर पर तड़पकर मौत, डॉक्टर बोले बेड नहीं था खाली

Lucknow PGI: Former BJP MP's son did not get treatment, died in agony on a stretcher

चित्रकूट निवासी भैरों प्रसाद मिश्रा बांदा संसदीय क्षेत्र से वर्ष 2014 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। उनका बेटा प्रकाश गुर्दे की बीमारी से जूझ रहा था। प्रकाश का इलाज पीजीआई से ही चल रहा था। पीजीआई में इलाज नहीं मिलने से बांदा के पूर्व भाजपा सांसद भैरों प्रसाद मिश्र के बेटे की मौत हो गई। गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे बेटे प्रकाश मिश्र (42) को शनिवार रात वह गंभीर हालत में लेकर आए थे। इमरजेंसी में बेड नहीं खाली होने की बात कहकर प्रकाश को भर्ती नहीं किया गया। पूर्व सांसद बेटे को स्ट्रेचर पर लिटाकर करीब डेढ़ घंटे तक डॉक्टरों की मिन्नतें करते रहे। इसी बीच प्रकाश की सांस उखड़ गई। बेटे की मौत के बाद पूर्व सांसद इमरजेंसी में धरने पर बैठ गए। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।

आर्थिक उम्मीदों के बावजूद मुद्रास्फीति और रोजगार से जुड़ी चिंताओं की अनदेखी ठीक नहीं

Analysis: Despite economic expectations, it is not right to ignore concerns related to inflation and employmen

देश में विलासिता की वस्तुओं का बाजार फल-फूल रहा है! ग्लोबल कंसल्टेंसी किर्नी और लक्सासिया की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एशिया प्रशांत क्षेत्र में दक्षिण पूर्व एशिया और भारत के विलासिता की वस्तुओं के सबसे आकर्षक बाजार बनने की उम्मीद है। 

भारत जैसे जटिल देश में स्याह या सफेद जैसे दोहरे विकल्पों में फंसने का मतलब है मुद्दे से भटक जाना। हमारे जेहन में सबसे ऊपर एक सवाल है-भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति। भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति कैसी है? इसका उत्तर इस पर निर्भर करता है कि आप इसे किस संदर्भ में देख रहे हैं।

देश में विलासिता की वस्तुओं का बाजार फल-फूल रहा है! ग्लोबल कंसल्टेंसी किर्नी और लक्सासिया की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एशिया प्रशांत क्षेत्र में दक्षिण पूर्व एशिया और भारत के विलासिता की वस्तुओं के सबसे आकर्षक बाजार बनने की उम्मीद है। दक्षिण पूर्व एशिया और भारत इस क्षेत्र में अगली प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हैं, जो 2026 तक 7.6 अरब डॉलर की बाजार क्षमता तक पहुंच जाएगा, और 10 वर्षों के भीतर आकार में लगभग तीन गुना हो जाएगा।

वाणिज्यिक अखबारों का कहना है कि देश में महंगी कारों के ग्राहक युवा हैं, जो तेजी से उच्च गुणवत्ता वाली, परिष्कृत मॉडल की कारें खरीदना पसंद कर रहे हैं। भारत में विभिन्न ब्रांडों की महंगी कार खरीदने वालों की औसत आयु अब 30 वर्ष के आसपास है। खरीदार अक्सर प्रगतिशील पेशेवर और स्टार्ट-अप के संस्थापक होते हैं। लक्जरी कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज बेंज अपनी सुपर लक्जरी और परफॉर्मेंस कारों, जैसे स्थानीय रूप से असेंबल की गई एस-क्लास, मेबैक और एएमजी की मांग में वृद्धि देख रही है।

इस साल की पहली छमाही में देश में महंगी स्विस घड़ियों का आयात एक साल पहले की तुलना में 21 फीसदी बढ़कर 9.85 करोड़ स्विस फ्रैंक या 933 करोड़ रुपये को पार कर गया। द स्वैच ग्रुप के स्वामित्व वाली कंपनी ब्रांड-राडो-उस लहर पर सवार होना चाहती है। कंपनी ने अधिक महिला लक्जरी खरीदारों को आकर्षित करने के लिए हाल ही में बॉलीवुड स्टार और ब्रांड एंबेसडर कैटरीना कैफ के साथ अनुबंध किया है। लगभग 30 ब्रांड बुटीक के साथ भारत में इसकी मौजूदगी और राजस्व, दोनों में वृद्धि हो रही है। यह सब निर्विवाद रूप से वर्ष 2023 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविकता का एक हिस्सा है। लेकिन यह हमें आम भारतीयों के जीवन के बारे में कुछ नहीं बताता है। यकीनन, हालिया मीडिया रिपोर्टें त्योहारी सीजन के दौरान उपभोक्ता खर्च में वृद्धि की ओर इशारा करती हैं। कार, टीवी, मोबाइल फोन, आभूषण, सौंदर्य प्रसाधन, चॉकलेट और शराब की बिक्री बढ़ गई है। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि खपत में वृद्धि का एक प्रमुख कारण परिवारों द्वारा बढ़ती उधारी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि बैंक ऋण बकाया के आंकड़ों से पता चलता है कि व्यक्तिगत ऋण एक साल पहले की तुलना में 30 प्रतिशत बढ़ गया है। अधिकांश बढ़ोतरी आवास ऋण में हुई है, लेकिन क्रेडिट कार्ड बकाया में वृद्धि सहित अन्य ऋण में वृद्धि भी मजबूत रही है।

हमारे देश में युवाओं की आबादी सबसे ज्यादा है, लेकिन रोजगार की क्या स्थिति है, इस पर भी गौर करना प्रासंगिक होगा। बंगलूरू स्थित अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट- ‘स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2023 :  सोशल आइडेंटिटीज ऐंड लेबर मार्केट आउटकम’ के अनुसार, 25 वर्ष से कम आयु के लगभग 42 फीसदी स्नातक कोविड-19 महामारी के बाद बेरोजगार रहे, जबकि वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद रोजगार सृजन की गति कम हो गई। विश्व बैंक की भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रमुख अर्धवार्षिक रिपोर्ट- ‘इंडिया डेवलपमेंट अपडेट’ अर्थव्यवस्था से संबंधित समग्र आशावाद को उजागर करते हुए चिंता के कुछ क्षेत्रों को चिह्नित करती है। विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वास्तविक ग्रामीण मजदूरी स्थिर हो रही है और महिलाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों के लिए नौकरियां घटती जा रही हैं। शहरी श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) में इस वर्ष थोड़ा सुधार हुआ है। हालांकि, महिलाओं के लिए डब्ल्यूपीआर में वृद्धि मुख्य रूप से अवैतनिक कार्यों में महिलाओं की हिस्सेदारी में वृद्धि से प्रेरित है।
आने वाले महीनों में त्योहारी खर्च और उसके बाद अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर सरकारी खर्च से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का प्रभाव भी है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है, हालांकि भारत कई अन्य देशों की तुलना में ज्यादा लचीला रहा है। प्रतिकूल वैश्विक वातावरण अल्पावधि में चुनौतियां पैदा करता रहेगा। उच्च वैश्विक ब्याज दरें, भू-राजनीतिक तनाव और सुस्त वैश्विक मांग के कारण मध्यम अवधि में वैश्विक आर्थिक विकास का धीमा होना तय है।

कंसल्टेंसी फर्म डेलॉइट की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है, ‘भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी से निपटना निस्संदेह आसान नहीं होगा। भारत को अपने विकास को गति देने के लिए अपनी घरेलू मांग, विशेष रूप से निजी उपभोग और निवेश खर्च पर निर्भर रहना होगा। निजी उपभोग के मोर्चे पर भारत के पक्ष में जो बात काम करती है, वह है इसके उपभोक्ता आधार का आकार, बढ़ती आय और इसकी युवा आबादी की आकांक्षाएं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।’ लेकिन महंगाई को लेकर चिंता बरकरार है। खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतें, विशेषकर दालों और अनाजों की कीमत में दोहरे अंक की वृद्धि चिंताजनक है। पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति को देखते हुए तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। खाद्य और ईंधन की कीमतों के चलते मुद्रास्फीति ऊंची रहने की आशंका है। दूसरे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के असर के चलते मुख्य कीमतें बेशक अभी स्थिर हैं, लेकिन भूलना नहीं चाहिए कि वे भारतीय रिजर्व बैंक की वांछित सीमा के ऊपरी हिस्से में हैं, ऐसे में, मुद्रास्फीति के नियंत्रण से बाहर होने की आशंका तो है ही।

इन सबका मतलब है कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर आशाजनक संकेत भले हो, लेकिन हमें किसी भ्रम में नहीं रहना चाहिए, न ही चुनावी बयानबाजी पर आंख मूंदकर यकीन करना चाहिए, जिनका शोर आने वाले दिनों में और बढ़ेगा। एक आम नागरिक के रूप में हमें जमीनी वास्तविकता पर ध्यान देना चाहिए, अपनी आंखें खुली रखनी चाहिए और सामान्य लोगों से बातें करके खुद फैसले लेने चाहिए।

मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया डिलीवरी बॉय, पीड़िता के बयान में सामने आई दुष्कर्म की बात

Greater Noida: Delivery boy caught after encounter

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई। उधर पीड़िता के वीडियो रिकार्डिंग में दर्ज किए गए बयान में दुष्कर्म की बात सामने आई है जिसके बाद केस में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी गई है। सोमवार को पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।    

दुनियाभर में सबसे सस्ती दूरसंचार सेवाएं भारत में, सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में दूरसंचार क्षेत्र किफायती

IMC: Cheapest telecom services in the world in India, telecom sector affordable in all major economies

विश्लेषकों के अनुसार, दूरसंचार कंपनियों को 5जी नेटवर्क के निर्माण में किए जा रहे निवेश को निकालने के लिए तीन साल में प्रति ग्राहक औसत कमाई 270-300 रुपये करने की जरूरत होगी। अभी यह 140-200 रुपये है। वैश्विक स्तर पर यह कीमत औसतन 600-850 रुपये है और चीन में यह करीब 580 रुपये है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार चाहती है कि भारत में दूरसंचार सेवाएं दुनिया में सबसे सस्ती बनी रहें। इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) में उन्होंने कहा, सरकार की ओर से हम पूरी तरह स्पष्ट हैं। आज सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत का दूरसंचार क्षेत्र सबसे किफायती है।

विश्लेषकों के अनुसार, दूरसंचार कंपनियों को 5जी नेटवर्क के निर्माण में किए जा रहे निवेश को निकालने के लिए तीन साल में प्रति ग्राहक औसत कमाई 270-300 रुपये करने की जरूरत होगी। अभी यह 140-200 रुपये है। वैश्विक स्तर पर यह कीमत औसतन 600-850 रुपये है और चीन में यह करीब 580 रुपये है। प्रमुख चार सेवाप्रदाताओं में भारती एयरटेल व रिलायंस जियो ने अभी 5जी सेवाएं शुरू की हैं। 5जी नेटवर्क में उनका निवेश स्पेक्ट्रम की लागत सहित तीन लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

जियो की वैश्विक स्तर पर पहुंचने की योजना
भारत में सफलता के बाद रिलायंस जियो वैश्विक स्तर पर प्रवेश को एक विकल्प के रूप में देख रही है। कंपनी इसका लगातार मूल्यांकन कर रही है। रिलायंस जियो के अध्यक्ष मैथ्यू ओमन ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में कहा, हमारा मानना है कि भारत के लिए वैश्विक बनने का अवसर बड़ा है। डिजिटल इंडिया विजन को बढ़ाने के लिए सरकार को न सिर्फ मोबाइल टावर तैनाती बल्कि उपकरणों व सेवाओं को किफायती बनाना चाहिए।

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा- बाइडन-जिनपिंग मुलाकात आसान नहीं, पढ़ें विदेश की अहम खबरें

Chinese Foreign Ministry says Biden-Jinping meet is not easy World News in hindi

चीनी विदेश मंत्री ने तीन दिवसीय वाशिंगटन यात्रा के दौरान बाइडन के साथ-साथ अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन से भी मुलाकात की थी। दोनों नेता ने सैन फ्रांसिस्को में नवंबर में मुलाकात करने वाले हैं।   चीन के विदेश मंत्री वांग यी का मानना है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की संभावित बैठक की राह आसान नहीं होगी। नतीजों तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को मिलकर काम करना होगा। चीनी विदेश मंत्री ने तीन दिवसीय वाशिंगटन यात्रा के दौरान बाइडन के साथ-साथ अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन से भी मुलाकात की थी। दोनों नेता ने सैन फ्रांसिस्को में नवंबर में मुलाकात करने वाले हैं।

अहम साझेदार हुए भारत व अमेरिका : भारतवंशी लेखिका
भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले तीन दशक में साझेदारी के अहम स्तर तक पहुंचे हैं। भारतवंशी लेखिका सीमा सिरोही ने शनिवार को अपनी नई किताब ‘फ्रेंड्स एंड बेनिफिट्स: द इंडिया-यूएस स्टोरी’ पर प्रतिष्ठित हडसन इंस्टीट्यूट विचार समूह द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा, भारत के लिए कोई भी अन्य संबंध बुनियादी तौर पर इतना नहीं बदला है, जितना कि अमेरिका के साथ बदला है। सिरोही ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान भी दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार होता रहा।  

ब्राजील में दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान, 12 लोगों की मौत
ब्राजील के अमेजन क्षेत्र में रविवार सुबह एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार 12 लोगों की मौत हो गई। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, विमान एकर राज्य की राजधानी रियो ब्रैंको में मुख्य हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दुर्घटनास्थल के कथित वीडियो में जंगल में जलता हुआ मलबा दिखाई दे रहा है।  

कजाखस्तान : खदान में आग से मरने वालों की संख्या हुई 42
कजाखस्तान में आर्सेलरमित्तल के स्वामित्व वाली खदान में आग से मरने वालों की संख्या रविवार को 42 हो गई। खदान में फंसे चार लोगों की तलाश जारी है। आपातकालीन स्थिति मंत्रालय ने कहा कि मलबे व नष्ट हो चुकी मशीनों के कारण बचाव अभियान में बाधा आ रही है। इससे पहले, शनिवार को 25 लोगों के मरने की बात सामने आई थी। लक्जमबर्ग स्थित इस्पात निर्माता की स्थानीय इकाई ने बताया था कि खदान में मौजूद 252 से 208 लोगों को बचा लिया गया है।  

पाकिस्तान:  कट्टरपंथी मौलाना तारिक जमील के बेटे की हत्या
पाकिस्तान के चर्चित मौलाना तारिक जमील के बेटे की हत्या हो गई है। घटना पंजाब के खानेवाल जिले की तुलम्बा तहसील की है। तारिक जमील ने एक्स पर पोस्ट साझा कर खुद इसकी पुष्टि की है। एक पुलिस अधिकारी फारूक सलामत ने असीम जमील की गोली मारकर हत्या किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके सीने में गोली लगी है। सलामत ने कहा, तारिक जमील के भतीजे ने दावा किया है कि असिम जमील ने खुद को गोली मार ली।  

पाकिस्तान : पीटीआई दूसरे दलों से बातचीत करने के लिए तैयार
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी आम चुनाव से पहले अन्य दलों से बातचीत को तैयार है। पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई ने शनिवार को उप-राजनीतिक समिति की बैठक में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की उस मांग का समर्थन किया गया, जिसमें चुनाव प्रचार के समान अवसर व निष्पक्षता के लिए पीटीआई को चुनावी प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही गई थी।

गठबंधन की उलझन के बीच नीतीश का राजनीतिक संतुलन; MP में JDU ने भाजपा के सामने भी उतारे प्रत्याशी

Nitish Kumar political balance amid alliance confusion; JDU fielded candidates against BJP in Madhya Pradesh

गतिशील और लगातार बदलते राजनीतिक परिदृश्य में, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अज्ञात राह पर चलते दिख रहे हैं, जिससे उनकी राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद, नीतीश के जदयू ने मध्य प्रदेश में शुरुआती उम्मीदवार सूची में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे। ये दोनों दल विपक्षी गठबंधन के अभिन्न सदस्य हैं। नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा एक चौराहे पर है, क्योंकि वह बदलते गठबंधनों और सत्ता संघर्षों की पृष्ठभूमि के बीच, बिहार के लगातार बदलते राजनीतिक परिदृश्य में संतुलन खोजने का प्रयास कर रहे हैं। वह जो रास्ता चुनेंगे वह बिहार के राजनीतिक भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा।

गतिशील और लगातार बदलते राजनीतिक परिदृश्य में, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अज्ञात राह पर चलते दिख रहे हैं, जिससे उनकी राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद, नीतीश के जदयू ने मध्य प्रदेश में शुरुआती उम्मीदवार सूची में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे। ये दोनों दल विपक्षी गठबंधन के अभिन्न सदस्य हैं। हालांकि, जैसा कि विपक्षी गठबंधन का झुकाव कांग्रेस पार्टी की ओर होता दिख रहा था, नीतीश ने अपनी रणनीति को समायोजित कर लिया है। मध्य प्रदेश के लिए जदयू की दूसरी सूची मे नीतीश ने राजनीतिक संतुलन बनाते हुए कांग्रेस के विरोध में 4-1 के बाद भाजपा के खिलाफ 4-1 की लिस्ट जारी कर दी। दूसरी सूची में जदयू ने पांच ऐसी सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए जिनमें पिछले विधानसभा चुनाव में चार पर भाजपा के विधायक चुने गए थे। इनमें नरयावली से भाजपा प्रदीप लारिया, बहोरीबंद से भाजपा से प्रणय पांडे, जबलपुर उत्तर से भाजपा से राकेश सिंह और बालाघाट से भाजपा से गौरीशंकर बिसेन चुनाव जीते थे। इनमें एक सीट गोटेगांव से आईएनसी से नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने चुनाव जीता था।

कांग्रेस के साथ आंतरिक कलह
कांग्रेस और राजद के बीच गठबंधन अधिक स्वाभाविक है, जबकि नीतीश कुमार का शामिल होना कुछ हद तक मजबूरी प्रतीत होता है। जिस तरह से कांग्रेस ने धीरे-धीरे  गठबंधन के भीतर नीतीश के महत्व को कम किया, उससे उनमें असंतोष साफ नजर आने लगा है। फिर भी, वह सीमित विकल्पों के साथ एक चौराहे पर खड़ा दिखता है। नीतीश के ट्रेडमार्क राजनीतिक संतुलन अधिनियम, जिसे उन्होंने बिहार में प्रभावी ढंग से लागू किया है, को इस बार भाजपा के अधिक मुखर रुख अपनाने से चुनौती मिलती दिख रही है। इसके अतिरिक्त, लालू प्रसाद यादव, जो अक्सर नीतीश को छोटा भाई बताते हैं, उन्हें वापस लाने की कोशिश करते रहते हैं। हाल की घटनाओं ने नीतीश और कांग्रेस के बीच स्पष्ट कलह को उजागर किया है। जब नीतीश ने आनंद मोहन के गांव का दौरा किया, तो लालू यादव अनुपस्थित थे। इसी तरह, श्रीकृष्ण सिंह की जयंती समारोह के दौरान कांग्रेस ने लालू यादव को तो निमंत्रण दिया, लेकिन नीतीश के साथ वैसा शिष्टाचार नहीं दिखाया।

मुश्किल में पड़ सकते हैं ज्योतिप्रिय मलिक के करीबी पार्षद, 27 नगर पालिकाएं ईडी के रडार पर

Ration Scam Councilors close Jyotipriya Mallik trouble, 27 municipalities ED radar

सूत्रों के मुताबिक, मलिक जिले के कई पार्षदों के संपर्क में थे। ईडी अधिकारियों को पता चला है कि इन पार्षदों के खातों में कई वित्तीय लेनदेन हुए हैं। इसी वजह से ईडी 75-80 पार्षदों की सूची तैयार कर रही है।राशन घोटाले में ईडी वन मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक के करीबी पार्षदों की सूची तैयार कर रही है। उत्तर 24 परगना जिले की 27 नगर पालिकाओं में मलिक के करीबी पार्षद ईडी के रडार पर हैं। मलिक उत्तर 24 परगना जिला तृणमूल के अध्यक्ष रह चुके हैं।

सूत्रों के मुताबिक, मलिक जिले के कई पार्षदों के संपर्क में थे। ईडी अधिकारियों को पता चला है कि इन पार्षदों के खातों में कई वित्तीय लेनदेन हुए हैं। इसी वजह से ईडी 75-80 पार्षदों की सूची तैयार कर रही है। इन सभी के बैंक खातों से लेकर आय-व्यय तक की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ी तो पूछताछ भी की जाएगी।

सीएम ममता ने दी थी धमकी
बता दें कि ज्योतिप्रिय मलिक से 17-18 घंटे की पूछताछ के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। वहीं, उनकी गिरफ्तारी से पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर पूछताछ के दौरान मलिक को कुछ भी होता है तो वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराएगी। क्योंकि मलिक अस्वस्थ्य हैं और वह कई बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। 

गौरतलब है, कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को मलिक के परिसर में छापेमारी की थी। उन्होंने उनके कोलकाता के एमहर्स्ट स्ट्रीट के आवास पर भी छापेमारी की। ज्योतिप्रिय मलिक के ऊपर कोविड लॉकडाउन के समय राशन वितरण के दौरान घोटाला करने का आरोप है। 

ज्योतिप्रिय मलिक ने अपनी गिरफ्तारी को बताया षड़यंत्र
अपनी गिरफ्तारी को बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने एक षड़यंत्र बताया था। उन्होंने कहा, ‘मैं एक बड़ी साजिश का शिकार हूं।’ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार 27 अक्तूबर को ज्योतिप्रिय मलिक को राशन वितरण घोटाले मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोलकाता के ईएसआई अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के लिए ले जाया गया।

 

प्रचार अभियान तेज, भाजपा-कांग्रेस ने एक-दूसरे पर साधा निशाना

Chhattisgarh Elections 2023: Campaign intensified

प्रमुख राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर चुनावी वार तेज कर दिया है। कांग्रेस-भाजपा के स्टार प्रचारक इन दिनों राज्य में चुनावी अभियान को धार देने में जुटे हैं। 

दिल्ली-एनसीआर में डेढ़ करोड़ से अधिक कीमत के लग्जरी मकानों की बिक्री दोगुनी, पढ़ें पूरी खबर

Sales of luxury houses worth more than Rs 1.5 crore doubled in Delhi-NCR

रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक के मुताबिक, इस साल के पहले नौ महीनों में देश के सात प्रमुख शहरों में लग्जरी मकानों की बिक्री दोगुना से अधिक होकर 84,400 इकाई पहुंच गई। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 39,300 इकाई था। इस साल के पहले नौ माह में सात शहरों में कुल 3.49 लाख मकान बिके।  

भारत की यादगार जीत के बाद आतिशबाजी से जगमगा उठा इकाना स्टेडियम, विदेशों से आए थे दर्शक, PICS

ODI WC 2023 IND vs ENG Foreign spectators also reached Ekana Stadium

भारत-इंग्लैंड के विश्वकप मुकाबले का लुत्फ उठाने के लिए विदेशी दर्शक भी नवाबों के शहर पहुंच गए हैं। क्रिकेट दुनिया की दो दिग्गज टीमों के बीच आज हो रहे रोमांचक मैच को लेकर इनमें जबदस्त उत्साह दिखा।  स्टेडियम की बदइंतजामी ने किया परेशान, एक चाय की कीमत 100 रुपये, समोसा बिका 70 का

ICC world Cup 2023 IND vs ENG:The mismanagement of Ikana's stadium troubled

पूरे मैच के दौरान लोग सीट को लेकर आपस में झगड़ते रहे। दावा था कि मैच देखने आए हर दर्शक को एक-एक पानी की बोतल मिलेगी। यह दावा हवा हवाई निकला।  

कार पर सवार होकर आया ‘यमराज’: दो नानी…एक नातिन को कुचला; बेटी की मौत पर बोली मां- ‘मुझसे बड़ी गलती हो गई’

Kanpur Dehat Accident, Granddaughter, grandmother and cousin grandmother crushed by uncontrolled car, two died

थाना प्रभारी ने बताया कि अभी परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। मामले में कार चालक की तलाश की जा रही है।

गूगल ने एकाधिकार के लिए खर्च किए 2,630 करोड़ डॉलर, मोबाइल बनाने वाली व टेलीकॉम कंपनियों को दिया पैसा

Google spent 2630 crore dollars for monopoly gave money to mobile manufacturing and telecom companies

अमेरिकी न्याय विभाग और कई राज्यों की ओर से गूगल के खिलाफ प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के लिए अनुचित तौर-तरीके अपनाने और अपना एकाधिकार कायम करने के आरोपों के साथ दायर मुकदमे में यह जानकारी सामने आई है। इनके जरिये सार्वजनिक किए गूगल सर्च प्लस मार्जिन नामक दस्तावेज में यह सामने आया है। 

आज गुजरात को मिलेगी 5950 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात; सरदार वल्लभभाई पटेल को पीएम देंगे श्रद्धांजलि

Today Gujarat will get the gift of projects worth Rs 5950 crore know all updates

गुजरात सरकार ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री सोमवार को मेहसाणा जिले के दाभोड़ा गांव में एक रैली में 5,950 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। 

निशिकांत दुबे ने महुआ पर किया जुबानी हमला, कहा-भ्रष्टाचार के लिए तीन साल की जेल है

Nishikant Dubey made a verbal attack on Mahua says three years jail for corruption Mahua Moitra Row

तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने रविवार को कहा कि भाजपा सांसद निशिकांत के लगाए आरोप बेबुनियाद हैं। मोइत्रा पर एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भाजपा के पास फर्जी आरोप को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है।

गाजा पट्टी में हमला तेज, इस्राइल ने हमास के 450 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

इस्राइली सेना ने गाजा में सबसे बड़े शिफा अस्पताल के आसपास भी हवाई हमले किए। इस्राइल के मुताबिक, हमास इसका इस्तेमाल सैन्य अड्डे के रूप में कर रहा है। रिहायशी इलाकों में भी उसने अड्डे बना रखे हैं। इस बीच, फलस्तीनी रेड क्रिसेंट ने कहा कि इस्राइल ने अस्पताल के आसपास बमबारी बढ़ा दी है। 

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पूरे मैच के दौरान लोग सीट को लेकर आपस में झगड़ते रहे। दावा था कि मैच देखने आए हर दर्शक को एक-एक पानी की बोतल मिलेगी। यह दावा हवा हवाई निकला।

इकाना डायरी- शमी की आंखों में पड़ा कीड़ा, जानिए स्टेडियम में क्यों लगे कैमरा-कैमरा के नारे

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भारत और इंग्लैड के बीच हुए मैच में कई दिलचस्प मोमेंट भी हुए। इस दौरान दर्शकों ने इनका लुत्फ उठाया। भारत ने यह मैच 100 रनों से जीत लिया है।  

अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2023 : 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने दी परीक्षा, दिखा जबरदस्त उत्साह

Atul Maheshwari Scholarship Examination-2023: More than 19 thousand students appeared for the examination

9वीं से 12वीं कक्षा के 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति पाने के लिए परीक्षा दी। सुबह से ही विद्यार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। कहीं-कहीं तो करीब एक किमी तक की लंबी कतार में बच्चों को लगना पड़ा। 

कार पर सवार होकर आया ‘यमराज’: दो नानी…एक नातिन को कुचला; बेटी की मौत पर बोली मां- ‘मुझसे बड़ी गलती हो गई’

Kanpur Dehat Accident, Granddaughter, grandmother and cousin grandmother crushed by uncontrolled car, two died

Kanpur Dehat News: थाना प्रभारी ने बताया कि अभी परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। मामले में कार चालक की तलाश की जा रही है। 

आवासीय संपत्तियों में निवेश सबके लिए अच्छा विकल्प नहीं, कम रिटर्न और मकानों के रखरखाव की अधिक लागत

Investing in residential properties is not good option for everyone

आरबीआई का आवासीय मूल्य सूचकांक (एचपीआई) बताता है कि आवासीय संपत्तियों ने 10 साल में सिर्फ 6.75 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है। महामारी के पूर्व के दशक में अखिल भारतीय स्तर पर आवासीय संपत्तियों ने सिर्फ 2 फीसदी रिटर्न दिया है। इसमें किराया भी जोड़ लें तो भी यह रिटर्न 4-5 फीसदी पर ही पहुंच पाता है। 

Ramswaroop Mantri

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