कांग्रेस पर बरसे अमित शाह पाकिस्तान से जोड़ा कनेक्शन मचा सियासी बवाल
कांग्रेस पर बरसे अमित शाह पाकिस्तान से जोड़ा कनेक्शन मचा सियासी बवाल
एल्विश यादव को कोटा ग्रामीण पुलिस ने पकड़ा, नोएडा पुलिस से बात करने के बाद छोड़ा
एल्विश यादव को कोटा ग्रामीण पुलिस ने पकड़ा, नोएडा पुलिस से बात करने के बाद छोड़ा
लुधियाना और फिरोजपुर में लगी आग, तीन घायल, दमकल ने पाया काबू

सूचना पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पा लिया। अग्निशमन विभाग के हरप्रीत सिंह ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है।
रोहतक में सियासी दंगल तेज, आज केजरीवाल और भगवंत मान भरेंगे हुंकार

रोहतक में पुराने आईटीआई मैदान में दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्री नए कार्यकर्ताओं को शपथ दिलाएंगे और सियासी संदेश देंगे। आम आदमी पार्टी लोकसभा और विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। 2014 में पार्टी को रोहतक लोकसभा सीट से 46 हजार 759 वोट मिली थी।
जर्मनी के हैम्बर्ग हवाईअड्डे के पास हवाई फायरिंग, 27 उड़ानें हुई प्रभावित
पुलिस के अनुसार, हैम्बर्ग हवाईअड्डे के पास स्थित एक मैदान में शनिवार रात करीब आठ बजे एक व्यक्ति ने दो बार हवाई फायरिंग की। इसके बाद आरोपी ने दो जलती बोतलें कार से बाहर फेंक दी। हालांकि, गोलियां या जलती बोतलें किसी को लगी नहीं। सभी सुरक्षित हैं।
बंगाल में ईडी की कार्रवाई, चावल मिल मालिक और पीडीएस डीलर के आवास पर छापेमारी

अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने कालूपुर, कोरार बागान और राणाघाट इलाकों में घरों पर छापेमारी की, यह कार्रवाई कई घंटों तक जारी रही। केंद्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को की गई तलाशी के बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की।पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना और नादिया जिले में प्रवर्तन निदेशालय के कर्मियों ने छापेमारी की। यहां टीम ने कथित राशन वितरण घोटाले की जांच के तहत शनिवार को एक चावल मिल मालिक और एक पीडीएस डीलर के आवासों पर छापामारा।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने कालूपुर, कोरार बागान और राणाघाट इलाकों में घरों पर छापेमारी की, यह कार्रवाई कई घंटों तक जारी रही। केंद्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को की गई तलाशी के बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की।
इसने पहले कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योति प्रियो मलिक को गिरफ्तार किया था। उन्होंने 2011 से 2021 तक खाद्य आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्य किया, इस अवधि के दौरान कथित तौर पर राशन वितरण में “अनियमितताएं” हुईं। एक स्थानीय अदालत ने मलिक को 6 नवंबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
महामारी के दौरान पीपीई किट खरीद अनियमितताओं में टीएमसी शामिल: भाजपा के सुवेंदु
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार कोविड-19 महामारी के दौरान पीपीई किट की खरीद में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार में शामिल थी।
यहां एक रैली को संबोधित करते हुए, अधिकारी ने दावा किया कि वह इस “स्वास्थ्य घोटाले” के “सभी विवरण” एकत्र कर रहे हैं और जल्द ही सच्चाई उजागर करेंगे। शनिवार को भी घोष ने हमला जारी रखते हुए दावा किया कि सुवेंदु अधिकारी खुद को और अपने परिवार को अपरिहार्य केंद्रीय एजेंसी छापे से बचाने के लिए भाजपा में शामिल हो गए।
उन्होंने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि बीजेपी अधिकारी और उनके परिवार की संपत्ति के बारे में चुप क्यों है? घोष की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहे जाने पर सिसिर अधिकारी ने कहा, ‘मुझे उस व्यक्ति के बेबुनियाद आरोपों का जवाब देने की जरूरत नहीं है, जो एक बार एक घोटाले के सिलसिले में जेल जा चुका है।’ वह कुछ साल पहले सारदा घोटाले में घोष की गिरफ्तारी का जिक्र कर रहे थे।
शुभ लाभ महोत्सव के मेगा लकी ड्रॉ में बरेली के अंकुर ने जीती कार, अमर उजाला कार्यालय में चुना गया विजेता

पुष्य नक्षत्र के दिन लकी ड्रॉ के माध्यम से बरेली के सिविल लाइंस निवासी अंकुर अग्रवाल ने कार जीती है। अंकुर ने बरेली के कुतुबखाना स्थित न्यू साइकिल एवं ऑटो हाउस से ई-बाइक की खरीदारी कर शुभ लाभ महोत्सव में हिस्सा लिया था। अमर उजाला की ओर से आयोजित शुभ लाभ महोत्सव का मेगा लकी ड्रॉ शनिवार को निकाला गया। पुष्य नक्षत्र के दिन लकी ड्रॉ के माध्यम से बरेली के सिविल लाइंस निवासी अंकुर अग्रवाल ने कार जीती है। अंकुर ने बरेली के कुतुबखाना स्थित न्यू साइकिल एवं ऑटो हाउस से ई-बाइक की खरीदारी कर शुभ लाभ महोत्सव में हिस्सा लिया था।
अमर उजाला के नोएडा कार्यालय में विजेता का नाम लकी ड्रॉ के माध्यम से नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने चुना। वंदना त्रिपाठी का कहना है कि अमूमन लकी ड्रॉ होने पर भरोसा नहीं होता है, लेकिन मैंने जब खुद विजेता का नाम चुना तो यह भरोसा मजबूत हो गया। अमर उजाला के पाठकों को मेरा कहना है कि शुभ लाभ महोत्सव के लिए डिजिटल तरीके से पूरी पारदर्शिता के साथ लकी ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी की गई।
यह ड्रॉ शुभ लाभ महोत्सव कार्यक्रम का मात्र एक अहम पड़ाव है। अब भी शुभ लाभ महोत्सव में खरीदारी कर लोग इनाम जीत सकते हैं। शुभ लाभ महोत्सव 30 नवंबर तक चलेगा। महोत्सव में शामिल होने के लिए पाठक को 9982997577 नंबर पर मिस्ड कॉल देनी होगी या फिर विज्ञापन में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा।
पाठकों को शुभ लाभ की वेबसाइट www.amarujala.com/shubhlabh पर जाकर अपना नाम, पता आदि का विवरण देकर त्योहारों में खरीदारी का प्लान बताना होगा। अमर उजाला में प्रकाशित शुभ लाभ महोत्सव के विज्ञापन देखकर अपने शहर में आयोजित शुभ लाभ से जुड़े प्रतिष्ठानों की जानकारी मिल जाएगी। साथ ही उनकी दुकान से खरीदारी के फायदे भी जान सकेंगे। खरीदारी कर दुकानदार से लकी ड्रॉ क्यूआर कोड लेना होगा और डिजिटल कूपन भरना होगा। लकी ड्रॉ के आयोजन दो चरणों में होंगे।
भाग्यशाली विजेताओं को मिलेंगे इनाम
धनतेरस के दिन अमर उजाला के 21 भाग्यशाली विजेताओं के नामों की घोषणा की जाएगी। प्रत्येक विजेता को 5000 रुपये मूल्य का पुरस्कार दिया जाएगा। दिसंबर-2023 तक अन्य विजेताओं के नाम घोषित होंगे। इनमें तीन को बाइक और 10 विजेताओं को अपने किसी खास के साथ मुफ्त दुबई यात्रा का मौका मिलेगा। इसके अलावा पाठकों को टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, मिक्सर ग्राइंडर व अन्य उपहार जीतने का सुनिश्चित मौका मिलेगा। सभी उपहार लकी ड्रॉ के माध्यम से दिए जाएंगे।
दिल्ली में पांचवें दिन भी जहरीली रही हवा, 25 इलाकों में एक्यूआई 400 के पार

Air Pollution in Delhi-NCR: शनिवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 415 दर्ज किया गया। वहीं, शुक्रवार के मुकाबले वायु सूचकांक में 53 अंक की गिरावट दर्ज की गई। शादीपुर व आनंद विहार समेत 25 इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी में रही। सबुह से ही स्मॉग की चादर छाई नजर आई।
गाजा हमास प्रमुख को मारने के लिए रक्षा मंत्री ने खाई कसम, अब तक हमास के 12 बटालियन कमांडरों की मौत

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने बताया कि मैंने उत्तरी और दक्षिणी सीमाओं का दौरा किया। यहां तैनात रिजर्व सैनिकों ने बताया कि वे जीत तक लड़ने के लिए तैयार हैं। जब तक उन्हें जीत नहीं मिल जाती वे लड़ते रहेंगे। अब चाहे जीत में एक साल ही क्यों न लग जाए, हमारे सैनिक लड़ेगें।
बर्फबारी के बाद गिरा रात का तापमान, सूरजताल झील जमी

लाहौल के पर्यटक स्थल सिस्सू और इसके आसपास के जगहों पर आने वाले पर्यटक कुछ घंटे का सफर कर सूरजताल झील तक आवाजाही कर सकते हैं। पर्यटक इस झील का नजारा बर्फबारी से पहले मौसम को भांपकर कर सकते हैं। मनाली-लेह सड़क के पास सूरजताल झील ठोस बर्फ में तब्दील हो गई है। हालांकि अभी यह मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह से बहाल है और पर्यटक भी आवाजाही कर रहे हैं। लाहौल के पर्यटक स्थल सिस्सू और इसके आसपास के जगहों पर आने वाले पर्यटक कुछ घंटे का सफर कर सूरजताल झील तक आवाजाही कर सकते हैं। पर्यटक इस झील का नजारा बर्फबारी से पहले मौसम को भांपकर कर सकते हैं। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने दारचा से सरचू और लेह की तरफ जाने का समय सुबह 8:00 से 11:00 और सरचू छोर से दारचा और मनाली की ओर 11:00 से 2:00 बजे का समय तय किया है। ऐसे में पर्यटक मनाली-लेह मार्ग पर पड़ने वाली सूरजताल झील को देख सकते हैं।
जनजातीय क्षेत्र में सुबह-शाम ठंड बढ़ गई है। लाहौल की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात्रि तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। बारालाचा की तरफ अक्तूबर में बर्फबारी के बाद दिन के समय में भी तापमान जमाव बिंदु तक आ गया है। इस कारण सूरजताल, दीपकताल सहित चंद्रताल झील का पानी जम गया है। अब इन झीलों का पानी छह से सात माह बाद अपने स्वरूप में लौटेगा। पहाड़ों में ठंड के चलते नालों का पानी भी कम हो गया है। कुछ दिन में पहाड़ों से बहने वाले झरने भी जाम हो जाएंगे। इसके साथ चिनाव नदी का बहाव भी कम हो गया है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति राहुल कुमार ने कहा कि जो पर्यटक दारचा-बारालाचा- सरचू की वादियां निहारने के लिए जाना चाहते हैं, वे दारचा में पुलिस की जांच चौकी में नाम, पता अवश्य पंजीकृत करें। उन्होंने मौसम और सर्दी की स्थिति देखते हुए सफर करने करने की अपील की।
अभिनेत्री कंगना रणौत की चुनाव लड़ने की इच्छा से सुगबुगाहट, मंडी में है पुश्तैनी घर

मंडी संसदीय क्षेत्र के सरकाघाट में कंगना का पुश्तैनी घर है और उनका नया घर मनाली हलके में आता है, जो इसी लोकसभा सीट के तहत आता है। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत के लोकसभा चुनाव लड़ने के बयान के बाद हिमाचल की सियासत में हलचल पैदा हो गई है। मंडी संसदीय क्षेत्र के सरकाघाट में कंगना का पुश्तैनी घर है और उनका नया घर मनाली हलके में आता है, जो इसी लोकसभा सीट के तहत आता है। हालांकि मंडी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दमदार प्रत्याशी माने जा रहे हैं, मगर कई समर्थक उनसे यह चुनाव नहीं लड़वाना चाहते हैं। उनका मानना है कि अगर ऐसा होता है तो वह दिल्ली में ज्यादा व्यस्तता के कारण प्रदेश की राजनीति में ज्यादा दखल नहीं दे पाएंगे। ऐसी स्थिति में मुख्यधारा की राजनीति में आना चाह रहे उनके विरोधी भी सक्रिय हो सकते हैं। कंगना रणौत अगर सचमुच लोकसभा चुनाव लड़ती हैं तो उनके पास प्रदेश और मुंबई दोनों ही जगहों से चुनाव लड़ने के विकल्प होंगे।
मुंबई में वह शिवसेना के खिलाफ मुखर रही हैं, जबकि हिमाचल में मंडी से चुनाव लड़ने की संभावना एक बार पहले भी व्यक्त की चुकी हैं। मार्च 2021 में भी उनके मंडी से लोकसभा उपचुनाव लड़ने की चर्चा थी। उस वक्त मंडी केे भाजपा सांसद रामस्वरूप शर्मा की अकस्मात मृत्यु हुई थी, मगर तब कंगना ने ही दिलचस्पी नहीं दिखाई कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें टिकट न देना सही समझा, यह बात स्पष्ट नहीं हुई थी। यहां से ब्रिगेडियर खुशहाल चंद को पूर्व सैनिक वोटों को लक्षित कर टिकट दिया गया था, पर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के देहांत के बाद सहानुभूति की लहर में उनकी पत्नी पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह चुनाव जीत गईं।
विधानसभा चुनाव से पहले अक्तूबर 2022 में कंगना रणौत ने शिमला में एक बड़ा बयान दिया था कि अगर पार्टी और हिमाचल के लोग चाहेंगे कि वह मंडी सीट से चुनाव लड़़े तो उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वह चाहेंगी कि राजनीति में संघर्षरत और काबिल लोग ही आगे आएं। उन्होंने तब कहा था कि अगर भाजपा उन्हें टिकट देगी तो वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहेंगी। अब एक बार फिर कंगना ने राजनीति में एंट्री लेने को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। फिल्म तेजस के फ्लॉप होने के बाद कंगना श्रीकृष्ण की शरण में द्वारकाधीश मंदिर पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने का संकेत दिया। कंगना ने कहा है कि अगर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा रही तो लोकसभा चुनाव लड़ेंगी।
विदेशी परिंदों से गुलजार हुई विभोर साहब की सतलुज झील, हर साल आते हैं 15 प्रजातियों के पक्षी

साइबेरिया, रूस, इंडो तिब्बत बॉर्डर पर स्थित जलाशयों के जमने के कारण ये परिंदे हिमाचल के जलाशयों का रुख करते हैं। सर्दी का मौसम शुरू होते ही प्रदेश के जलाशय इन विदेशी मेहमानों से गुलजार हो जाते हैं। हजारों किलोमीटर का सफर कर सैकड़ों विदेशी परिंदे इन दिनों हिमाचल-पंजाब के सीमा पर पहुंच रहे हैं। विभोर साहिब सतलुज झील विदेशी परिंदों से गुलजार हो चुकी है। अभी तक एक दो प्रजातियां ही सतलुज झील पर पहुंची हैं। अगले कुछ दिनों में और प्रजातियों के परिंदे भी विभोर साहब झील पर अठखेलियां करते नजर आएंगे। साइबेरिया, रूस, इंडो तिब्बत बॉर्डर पर स्थित जलाशयों के जमने के कारण ये परिंदे हिमाचल के जलाशयों का रुख करते हैं। सर्दी का मौसम शुरू होते ही प्रदेश के जलाशय इन विदेशी मेहमानों से गुलजार हो जाते हैं। मार्च-अप्रैल में जैसे ही गर्मी शुरू होती है।
ये विदेशी परिंदे वापस अपने वतन लौट जाते हैं। विदेशी परिंदों के आवागमन का सिलसिला कई वर्षों से चल रहा है। विभोर साहिब की सतलुज झील में अभी तक साइबेरियन प्रजाति के परिंदे देखे जा सकते हैं। जबकि अन्य प्रजातियों के परिंदों को अगले कुछ दिनों तक यहां पानी में अठखेलियां करते देखा जा सकेगा। विदेशी सरजमीं को कुछ महीनों के लिए छोड़कर आने वाले इन विदेशी परिंदों में गेडबाल पी डक सहित कई अन्य प्रजातियों के परिंदे हर वर्ष हिमाचल तथा पंजाब की झीलों में आते हैं। मार्च-अप्रैल में अपने वतन को लौटने के बाद यह समय इनकी ब्रीडिंग का होता है।
हिमाचल और पंजाब में इन प्रजातियों पर काम करने वाले बर्ड-वाचर प्रभात भट्टी के अनुसार इन विदेशी मेहमानों का आना अभी शुरू हुआ है। अगले माह तक पूरी तरह से हिमाचल तथा पंजाब की झीलों में विदेशी परिंदों का कब्जा होगा, जो मार्च के अंत तक रहेगा। उसके बाद सभी विदेशी मेहमान अपने वतन लौट जाएंगे।
नौ साल बाद कैथलीघाट-ढली चरण के निर्माण का रास्ता साफ, मंत्रालय ने दी मंजूरी

तीन चरण में बनने वाले इस फोरलेन में कैथलीघाट-ढली (मशोबरा जंक्शन) हिस्से के पैकेज-दो के तहत शकराला से ढली तक के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति (वर्किंग परमिशन) मिल गई है। कालका-शिमला फोरलेन में कैथलीघाट से आगे बनने वाले फोरलेन का रास्ता करीब नौ साल बाद साफ हो गया है। तीन चरण में बनने वाले इस फोरलेन में कैथलीघाट-ढली (मशोबरा जंक्शन) हिस्से के पैकेज-दो के तहत शकराला से ढली तक के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति (वर्किंग परमिशन) मिल गई है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को फोरलेन बनाने की मंजूरी दी है। अब एनएचएआई ने फोरलेन में आने वाले पेड़ों को हटाने के लिए निशानदेही का कार्य शुरू कर दिया है। इससे पहले एनएचएआई ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति की भरपाई (सीए स्कीम) के लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को 21.88 करोड़ रुपये जमा करवाए थे।
उसके बाद पैकेज-दो के निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिली थी। अब मंत्रालय से फोरलेन निर्माण कार्य करने की मंजूरी भी मिल गई है। एनएचएआई के मुताबिक शकराला से ढली तक के फोरलेन में आने वाले करीब 5 से 6 हजार पेड़ों को हटाया जाएगा। मौजूदा समय में पेड़ों की निशानदेही के बाद वन निगम पेड़ों को हटाएगा। गौरतलब है कि कैथलीघाट से शकराल तक पैकेज-एक का कार्य चला है। दूसरे पैकेज में शकराल से ढली जंक्शन तक निर्माण कार्य होना है। उधर, परियोजना अधिकारी आनंद दहिया ने बताया कि कैथलीघाट-ढली फोरलेन के पैकेज-दो के निर्माण कार्य के लिए मंत्रालय से वर्किंग परमिशन की मंजूरी मिल गई है। इसी महीने निर्माण कंपनी को फोरलेन बनाने के लिए निर्धारित लक्ष्य दिया जाएगा।
कालका से शिमला तक तीन चरणों में हो रहा काम
कालका से शिमला तक इस प्रोजेक्ट का कार्य तीन चरणों में हो रहा है। पहला चरण कालका-पिंजौर, दूसरा चरण पिंजौर से कैथलीघाट है। अब तीसरे चरण में कैथलीघाट से ढली (मशोबरा जंक्शन) तक निर्माण युद्ध स्तर पर शुरू होगा। फोरलेन का निर्माण होने के बाद शिमला से चंडीगढ़ पहुंचना काफी आसान हो जाएगा।
3914.77 करोड़ की लागत से बनेगा 28.45 किमी फोरलेन
एनएचएआई ने कैथलीघाट से ढली-मशोबरा जंक्शन तक के दो पैकेज में 30.96 हेक्टेयर भूमि पर फोरलेन निर्माण होगा। पहले पैकेज कैथलीघाट से शकराला गांव तक फोरलेन की लंबाई 17.465 किमी है। इसमें लगभग 1844.77 करोड़ रूपये की लागत से 20 पुल, दो टनल, 1 अंडरपास, 53 कलवर्ट, 1 प्रमुख जंक्शन, 2 अल्प जंक्शन, 1 टोल प्लाजा बनाने का कार्य चला है। दूसरे पैकेज में शकराला गांव से ढली-मशोबरा जंक्शन तक के 10.985 किमी लंबे फोरलेन पर 2070 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 7 पुल, 3 टनल, 29 कलवर्ट, 3 प्रमुख जंक्शन और एक अल्प जंक्शन बनेगा। 10.6 किमी में पुलों, टनलों और फ्लाई ओवर का निर्माण होगा।
पर्यटन नगरी मनाली, धर्मशाला से अच्छी शिमला की हवा, दौड़े आ रहे सैलानी

शिमला की हवा मनाली और धर्मशाला से भी अच्छी है, इसलिए पर पर्यटक भी दौड़े-दौड़े आ रहे हैं।हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की हवा मनाली और धर्मशाला से भी अच्छी है, इसलिए पर पर्यटक भी दौड़े-दौड़े आ रहे हैं। शनिवार को शिमला में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूई 24 रहा तो मनाली में यह 45 और धर्मशाला में 52 मापा गया। हिमाचल प्रदेश में बद्दी की हवा सबसे ज्यादा दूषित है। यहां पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 163 पहुंच गया है। देश की राजधानी नई दिल्ली में तो यह 400 से ऊपर चला गया है। दिवाली में तो यह इससे भी ऊपर चढ़ेगा।
दिल्ली सहित देश के कई अन्य क्षेत्रों में जहां लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है, वहीं यह हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए राहत की बात है। बरसात में भारी बारिश से आपदा के बाद यहां पर्यटन कारोबार चौपट हो गया था। अब इससे फिर इस व्यवसाय को गति मिल सकती है। मैदानों में लोग सांस नहीं ले पा रहे हैं। बुजुर्गों और सांस के मरीजों को बड़ी परेशानी हो रही है। ऐसे लोगों के लिए हिमाचल प्रदेश की आबोहवा संजीवनी है। शनिवार को परवाणू का 49, सुंदरनगर, डमटाल का एक्यूआई 51, कालाअंब का 61, नालागढ़ का 69, ऊना का 70, पांवटा साहिब का 82 और बरोटीवाला का 89 रहा। यह 50 से नीचे अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच कमजोर, 301 से 400 के बीच बहुत कमजोर और 401 से ऊपर गंभीर आंका जाता है।
मुख्य सचिव ने 8 को भी बुलाई बैठक
हिमाचल प्रदेश में वायुमंडलीय प्रदूषण रोकने के लिए मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने 8 नवंबर को राज्य सचिवालय में एक बैठक बुलाई है। इसमें राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राज्य की वस्तुस्थिति को स्पष्ट करेगा। इस बैठक में भी प्रदूषण नियंत्रण उपायों को और अधिक कारगर बनाने पर मंत्रणा होगी।
हिमाचल प्रदेश में अच्छा ग्रीन कवर है। नया पौधरोपण भी होता है तो इसका लाभ होता है। यहां पर निर्माण गतिविधियों के दौरान भी ज्यादा धूल नहीं उड़ती है। साथ-साथ स्प्रिंकलिंग की जाती है। यहां पर जंगलों की आग का नियंत्रण भी अच्छा है। सबसे ज्यादा प्रदूषण स्टील और सीमेंट के उद्योग फैलाते हैं। इनकी निगरानी सख्ती से की जा रही है। धान की पराली को जलाने के मामले भी यहां बहुत ज्यादा नहीं हैं। परवाणू और कालाअंब जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति देश में बहुत अच्छी है।
– अनिल जोशी, सदस्य सचिव, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हिमाचल प्रदेश।





