ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल खत्म होने का रास्ता साफ है। सरकार के साथ मंगलवार को ट्रक डाइवरों की बैठक में इस मुद्दे पर सुलह हो गई है। गृह मंत्रालय की ओर से साफ किया गया है कि नए प्रावधानों को लागू नहीं किया गया है। इन्हें ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के साथ मंथन के बाद ही लागू किया जाएगा।जापान के टोक्यो हानेडा हवाई अड्डे के रनवे पर मंगलवार को दो विमानों की टक्कर के बाद प्लेन में भयानक आग लग गई। विमान में 300 यात्री सवार थे। किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। उधर पीएम मोदी मंगलवार को दो दिवसीय दक्षिण दौरे पर तिरुचिरापल्ली पहुंचे। दौरे के दौरान पीएम मोदी ने तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया।

‘हिट-एंड-रन’ को लेकर नए कानून के खिलाफ ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल खत्म होने का रास्ता साफ है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने मंगलवार को ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि नया कानून अभी लागू नहीं हुआ है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 106/2 को लागू करने से पहले ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के लोगों से बात की जाएगी। उसके बाद ही फैसला लिया जाएगा। सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर सभी वाहन चालकों से अपने-अपने काम पर लौटने की अपील की है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने भी सभी ड्राइवरों से हड़ताल खत्म करने का आह्वान किया है। ‘हिट-एंड-रन’ मामलों के लिए नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत जेल और जुर्माने के कड़े प्रावधान के खिलाफ ट्रक, बस और टैंकर ऑपरेटरों ने सोमवार को तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की थी। हड़ताल के मंगलवार को दूसरे दिन में प्रवेश करने के बीच उत्तर और पश्चिम भारत के करीब दो हजार पेट्रोल पंपों में ईंधन का भंडार खत्म हो गया।
बीएनएस ने औपनिवेशिक युग की भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह ली है। इसमें प्रावधान है कि लापरवाही से गाड़ी चलाकर गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बनने वाले और पुलिस या प्रशासन के किसी भी अधिकारी को सूचित किए बिना भागने वाले ड्राइवरों को 10 साल तक की सजा या सात लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।

AIMTC ने कहा- सजा और जुर्माने का कानून अभी तक लागू नहीं
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के पूर्व अध्यक्ष और कोर कमिटी के चेयरमैन बाल मलकीत सिंह ने गृह सचिव से मीटिंग के बाद प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘ड्राइवर हमारे परिवार के सदस्य हैं। हमने 28 दिसंबर को ही प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पत्र लिखकर उन्हें ड्राइवरों की चिंता और भय से अवगत करा दिया था। साथ ही यह बता दिया था कि अगर यह कानून लागू होता है तो इससे क्या नुकसान हो सकता है। देश किस तरह प्रभावित होगा। हालांकि, सरकार ने समय पर संज्ञान नहीं लिया और जिस बात का डर था 1 तारीख से वही देखने को मिला। आज हमें 7 बजे गृह मंत्रालय में मीटिंग के लिए बुलाया गया था। गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में हमारी मीटिंग हुई, जिसमें सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। हम आपको यह सूचित करते हैं कि धारा 106(20) के तहत 10 साल की सजा और जुर्माने का कानून अभी तक लागू नहीं हुआ है। हम आपको (ड्राइवरों को) पूरा आश्वासन दिलाते हैं कि ये कानून लागू नहीं होने देंगे। आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। हम बातचीत में विश्वास रखते हैं। डायलॉग के माध्यम से ही इसका हल निकला है।’
सरकार और ट्रांसपोर्टरों में बनी सहमति
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के साथ बैठक के बाद केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि सरकार और ट्रांसपोर्टर इस बात पर सहमत हुए हैं कि परिवहन कर्मचारी तुरंत अपना काम फिर से शुरू करेंगे। उन्होंने बताया, ‘हमने आज अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस के प्रतिनिधियों से चर्चा की। सरकार ये बताना चाहती है कि नए कानून और प्रावधान अभी लागू नहीं हुए हैं। हम ये भी कहना चाहते हैं कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(2) लागू करने से पहले अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस से विचार विमर्श करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।’
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों की गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई सफल बैठक के बाद एक बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया कि सरकार ने बीएनएस की धारा 106/2 में सजा और जुर्माने के प्रावधान के बारे में ड्राइवरों की चिंता का संज्ञान लिया। इसे लेकर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। सरकार बताना चाहती है कि ये नए कानून और प्रावधान लागू नहीं हुए हैं। इन्हें लागू करने से पहले ऑल इंडिया मोटर ट्रासंपार्ट कांग्रेस के साथ बातचीत की जाएगी।
हड़ताल पर सियासत भी हो गई थी गरम
इसके पहले कांग्रेस ने ‘हिट-एंड-रन’ के मामलों में कड़ी सजा के प्रावधान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ट्रक चालकों का समर्थन किया। पार्टी ने कहा कि कानून का दुरुपयोग ‘वसूली तंत्र’ और ‘संगठित भ्रष्टाचार’ को बढ़ावा दे सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर अवसंरचना क्षेत्र में निवेश को रोकते हुए ‘गरीब को दंडित’ करने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने कहा कि जब 150 से ज्यादा सांसद निलंबित थे, तब संसद में मोदी सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़, चालकों के विरुद्ध एक ऐसा कानून बनाया, जिसके ‘परिणाम घातक’ हो सकते हैं।
रामलला को अपने हाथों से बने वस्त्र भेंट करेंगी तीन तलाक पीड़िताएं, 30 जनपदों से जुटा रहीं चंदा

तीन तलाक पीड़िताएं 26 जनवरी के बाद रामलला के दर्शन करने पहुंच रही हैं। वे न सिर्फ रामलला को निहारेंगी, बल्कि अपने हाथों से बना वस्त्र भी भेंट करेंगी। यह वस्त्र बरेली की मशहूर जरी जरदोजी से तैयार हो रहा है।राममंदिर निर्माण में आस्था के साथ सामाजिक समरसता भी हिलोरें ले रही है…रामलला से प्रेम में धार्मिक बंधन छूट रहे हैं। तीन तलाक पीड़िताएं 26 जनवरी के बाद रामलला के दर्शन करने पहुंच रही हैं। वे न सिर्फ रामलला को निहारेंगी, बल्कि अपने हाथों से बना वस्त्र भी भेंट करेंगी। यह वस्त्र बरेली की मशहूर जरी जरदोजी से तैयार हो रहा है।
मंदिर निर्माण में योगदान देने के लिए तीन तलाक के खिलाफ मुखर मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के नेतृत्व में मुस्लिम महिलाएं अभियान चलाकर सहयोग राशि जुटा रही हैं। ये महिलाएं बरेली, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, मेरठ, प्रयागराज समेत 30 जनपदों से चंदा जुटाएंगी। फरहत कहती हैं, जो भी राशि एकत्रित होगी, उसे वे राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप देंगी। कई वर्षों से सामाजिक कार्यों से जुड़ीं फरहत कहती हैं, ईदगाह के लिए हिंदू समुदाय ने जमीन दान में दी, तो हम मंदिर निर्माण में सहयोग क्यों नहीं कर सकते?
मोती जड़ित होंगे वस्त्र
रामलला को जो वस्त्र सौंपे जाएंगे, वे मोती जड़ित होंगे। महिलाओं का कहना है कि उन्हें ट्रस्ट से अनुमति मिले, तो वे हर साल रामलला के लिए अपने हाथ से वस्त्र तैयार करेंगी। दरअसल, मेरा हक फाउंडेशन से जुड़ी महिलाएं जरी जरदोजी का काम करती हैं। इसका बारीक काम हाथ से ही किया जाता है।
मुस्लिम समाज से लगातार मिल रहा सहयोग
मंदिर निर्माण के लिए संघ के अभियान को कई जगहों पर मुस्लिम समाज का खुलकर सहयोग मिला। दो साल पहले पाटन, नेपाल के डॉक्टर दंपती हामिद मंसूरी और मुमताज ने दान देने के साथ ही रामलला के दर्शन किए थे। तमिलनाडु के डब्ल्यूएस हबीब ने दान देते हुए कहा कि वह हिंदू-मुसलमान में सौहार्द देखना चाहते हैं। हाल में काशी प्रांत के 27 जिलों से 4 हजार से अधिक मुसलमानों ने सहयोग राशि दी।
हर गांव में दिवाली, हर बूथ से रामलला के दर्शन, लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने तैयार किया रोडमैप
भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले पूरे देश को राममय करने की रणनीति बनाई है। इसके तहत जहां 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन हर गांव में दिवाली मनाने की योजना बनाई गई है, वहीं प्राण-प्रतिष्ठा के बाद लोकसभा चुनाव से पहले हर बूथ से कम से कम एक व्यक्ति को रामलला का दर्शन कराने की तैयारी है। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ता गांव-गांव एक बुकलेट वितरित करेंगे जिसमें राम मंदिर आंदोलन में संघ-भाजपा नेताओं की भूमिका और विपक्ष के रोड़े अटकाने का जिक्र होगा।सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने हर बूथ से कम से कम एक व्यक्ति को रामलला के दर्शन कराने की जो योजना तैयार की है उसमें दक्षिण के राज्यों से अधिक से अधिक लोगों को शामिल किया जाएगा ताकि राजनीतिक रूप से यहां भाजपा मजबूत हो सके।
इस संबंध में मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में मैराथन बैठक हुई। बैठक में सभी राज्यों के पदाधिकारियों के साथ पार्टी महासचिव सुनील बंसल, तरुण चुघ, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और अश्विणी वैष्णव मौजूद थे। बैठक में संघ और विश्व हिंदू परिषद के अक्षत वितरण सहित राम मंदिर से जुड़े दूसरे कार्यक्रमों में भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने की भी रणनीति बनी।
दक्षिण के राज्यों पर ज्यादा फोकस
पार्टी ने हर बूथ से कम से कम एक व्यक्ति को रामलला के दर्शन कराने की जो योजना तैयार की है उसमें दक्षिण के राज्यों से अधिक से अधिक लोगों को शामिल किया जाएगा ताकि राजनीतिक रूप से यहां भाजपा मजबूत हो सके। पार्टी की रणनीति है कि हर लोकसभा चुनाव से कम से कम पांच हजार लोग रामलला का दर्शन करें और दर्शन के बाद अपने अपने क्षेत्र में इसका प्रचार प्रसार करें।
दर्शन के दौरान भव्य स्वागत
रामलला के दर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ता भक्तों का ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत करेंगे। उन्हें आंदोलन के इतिहास के संदर्भ में बुकलेट देंगे और उनकी सुविधाओं का पूरा ख्याल रखेंगे। सूत्रों का कहना है कि 23 जनवरी से प्रतिदिन कम से कम 50 हजार भक्त भाजपा की सहायता से रामलला का दर्शन करेंगे। यही लोग बाद में अपने गांव-इलाके में वापस जा कर इसका प्रचार प्रसार करेंगे।
430 शहरों से प्रतिदिन पांच से पैंतीस ट्रेनें चलेंगी
लोगों को रामलला का दर्शन कराने के लिए देश के 430 शहरों से प्रतिदिन पांच से पैंतीस ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा अयोध्या के नजदीकी राज्यों से बड़ी संख्या में बस सेवा भी उपलब्ध होगी। कार्यकर्ताओं को भक्तों की यात्रा शुरू होने से रामलला के दर्शन और घर वापसी तक उनका ख्याल रखने का निर्देश भी दिया गया है।
लोक सेवा आयोग के नए कैलेंडर में होगी भर्तियों की भरमार, तिथिपत्र इसी माह जारी करने की तैयारी

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) इसी माह वर्ष 2024 के लिए भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करने की तैयारी कर रहा है। इस बार कैलेंडर में बड़ी संख्या में भर्तियों को शामिल करने की तैयारी है। इनमें पीसीएस, एपीएस, आरओ/एआरओ जैसी बड़ी भर्तियां शामिल होंगी।इस बार कैलेंडर में बड़ी संख्या में भर्तियों को शामिल करने की तैयारी है। इनमें पीसीएस, एपीएस, आरओ/एआरओ जैसी बड़ी भर्तियां शामिल होंगी।
अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी होने का इंतजार है, ताकि उसी के हिसाब से परीक्षाओं की तैयारी शुरू की जा सके। आयोग की ओर से अब तक पीसीएस-2024, अपर निजी सचिव (एपीएस) परीक्षा-2023, स्टाफ नर्स (एलोपैथ)-2023, स्टाफ नर्स (आयुर्वेद) परीक्षा-2023, स्टाफ नर्स (यूनानी) परीक्षा-2023, समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा-2023 जैसी प्रमुख भर्तियों का विज्ञापन जारी किया जा चुका है।
आयोग के नए कैलेंडर में इन सभी भर्तियों को शामिल किया जाएगा। कैलेंडर जारी होने के साथ यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि पीसीएस-2024 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा कब होगी। कैलेंडर जारी होने के बाद उन परीक्षाओं के आयोजन की तिथियां भी स्पष्ट हो जाएंगी, जो अब तक घोषित नहीं की गई हैं। इसके साथ ही आयोग अगले दो से तीन माह में कई बड़ी भर्तियों के विज्ञापन जारी करने की तैयारी में है।
इनमें सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा, राज्य कृषि सेवा परीक्षा, प्रवक्ता राजकीय महाविद्यालय जैसे पदों पर भर्तियां प्रस्तावित हैं। वहीं, आयोग के पास पिछले साल से एलटी ग्रेड शिक्षक के छह हजार से अधिक पदों का अधियाचन पड़ा है। प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज के पदों का अधियाचन भी आयोग को काफी पहले मिल चुका है, लेकिन समकक्ष अर्हता स्पष्ट न होने के कारण ये दोनों शिक्षक भर्तियां अटकी हुई हैं।
वर्ष 2024 की भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी होने के बाद इन दोनों शिक्षक भर्तियों पर भी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। अगर कैलेंडर में ये एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती और प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज भर्ती शामिल कर ली जाती हैं तो यह साफ हो जाएगा कि समकक्ष अर्हता को लेकर विवाद दूर कर लिया गया है। अगर ये भर्तियां कैलेंडर में शामिल नहीं की जाती हैं तो यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि समकक्ष अर्हता को लेकर विवाद बना हुआ है।
हालांकि, वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में भर्ती परीक्षाओं और चुनाव की तिथियां टकरा सकती हैं। ऐसा हुआ तो आयोग को कुछ भर्तियां टालनी पड़ेंगी। आयोग के सूत्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर तैयार किया जा रहा है और इसी माह जारी किए जाने की तैयारी है। यूपीपीएससी के मीडिया प्रभारी विनोद गौड़ का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।
सीमा पार के हमलों-तस्करियों पर लगेगा लगाम, तीन भारतीय कंपनियों की एंटी ड्रोन तकनीक का परीक्षण सफल

नए साल में सीमा पार से ड्रोन के जरिये होने वाली हथियारों, ड्रग्स की तस्करी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की घटनाओं पर लगाम लग सकेगी। दरअसल, तीन स्वदेशी कंपनियों का एंटी ड्रोन तकनीक का परीक्षण सफल रहा है। इसी साल से अंतराष्ट्रीय सीमा पर इस तकनीक का इस्तेमाल कर ड्रोन के बढ़ते खतरों को रोका जाएगा। सीमा पार के हमलों-तस्करियों पर लगेगा लगाम, तीन भारतीय कंपनियों की एंटी ड्रोन तकनीक का परीक्षण सफल Testing of anti drone technology of three Indian companies successful
गृह मंत्रालय के अतिविशिष्ट सूत्र ने बताया कि इस दिशा में मंत्रालय के अधीन आधुनिकीकरण पर अनुसंधान करने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) लंबे समय से कई कंपनियों के संपर्क में थी। तीन कंपनियों का परीक्षण सफल रहा है। अब यह तय करना है कि सीमा पर ड्रोन के खतरों से निपटने के लिए किस कंपनी की तकनीक का इस्तेमाल किया जाए। भारत से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय सीमा बेहद लंबी है, ऐसे में तीनों कंपनियों की सेवा ली जा सकती है।
खुली नहीं रहेगी म्यांमार सीमा
पूर्वोत्तर भारत में उग्रवाद की मुख्य समस्या म्यांमार से घुसपैठ से जुड़ी है। हालिया मणिपुर हिंसा में म्यांमार में शरण लेने वाले उग्रवादी गुट की भूमिका सामने आई थी। इसी के मद्देनजर सरकार ने अगले पांच साल में म्यांमार से लगती 1,643 किमी सीमा पर स्थाई बाड़ लगाने की योजना बनाई है। इस क्रम में 300 किमी में बाड़ लगाने का टेंडर हो चुका है।
घुसपैठ पर भी कसेगा शिकंजा
इस तकनीक से न सिर्फ दुश्मन देशों के ड्रोन को नाकाम किया जा सकेगा, बल्कि सीमा पर घुसपैठ को रोकने में भी मदद मिलेगी। उक्त सूत्र ने बताया कि अलग-अलग कंपनियों के काउंटर ड्रोन सिस्टम की रेंज अलग-अलग है।
वन कानूनों के बाद भी 10.26 लाख हेक्टेयर जंगल खत्म, दशकों बाद दुनिया भर के वन्यजीवों की आबादी में कमी

पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय के अधिकृत आंकड़ों के अनुसार पिछले 15 वर्षों (2008 से 2023) में 3,05,756 हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन हुआ है। पिछले पांच साल में देशभर के 33 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की सबसे अधिक 90 हजार हेक्टेयर वन भूमि सड़क और खनन के लिए ली गई है।साल 1980 में वन संरक्षण अधिनियम बनने के बाद देशभर में अब तक करीब 10 लाख 26 हजार हेक्टेयर जंगल खत्म हो चुके हैं। यह वन भूमि दिल्ली के भौगोलिक क्षेत्रफल से लगभग 7 गुना अधिक है। सबसे ज्यादा वन भूमि का डायवर्जन 1990 में 1.27 लाख हेक्टेयर हुआ है। दूसरा सबसे बड़ा डायवर्जन साल 2000 में हुआ। इस साल 1 लाख 16 हजार से अधिक वन भूमि गैर वनीय उपयोग के लिए खत्म कर दी गई।
पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय के अधिकृत आंकड़ों के अनुसार पिछले 15 वर्षों (2008 से 2023) में 3,05,756 हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन हुआ है। पिछले पांच साल में देशभर के 33 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की सबसे अधिक 90 हजार हेक्टेयर वन भूमि सड़क और खनन के लिए ली गई है। इसमें सड़क के लिए 19,497 हेक्टेयर और खनन के लिए 18,790 हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन हुआ है। इसी तरह ट्रांसमिशन लाइन व सिंचाई के लिए 10 हजार हेक्टेयर, रक्षा से जुड़ी परियोजनों के लिए 7,631 हेक्टेयर, हाइड्रो परियोजनों के लिए 6,218 हेक्टेयर और रेलवे के लिए 4,770 हेक्टेयर भूमि का डायवर्जन किया गया है। इंसान हर मिनट 27 फुटबॉल मैदान के बराबर जंगलों को साफ कर रहा है।
जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदारी
रिपोर्ट के अनुसार वनों की कटाई से वन्यजीवों के निवास स्थान की क्षति, जैव विविधता की हानि और शुष्कता में वृद्धि हुई है। वनों की कटाई से वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड का बायोसेस्ट्रेशन भी कम हो जाता है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग में योगदान देने वाले नकारात्मक प्रतिक्रिया चक्र बढ़ जाते हैं ।
दो तिहाई वन्यजीव खत्म
वर्ल्डवाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की रिपोर्ट के अनुसार इंसानी गतिविधियों की वजह से 1970 से अब तक दुनियाभर के जंगली जीवों की आबादी में 69 फीसदी यानी दो-तिहाई खत्म हो चुकी है। इसके पीछे तीन बड़े कारण हैं। पहला जलवायु परिवर्तन, दूसरा जंगलों का खात्मा और तीसरा प्रदूषण। जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ लंदन (जेडएस एल) में कंजरवेशन एंड पॉलिसी के डायरेक्टर एंड्र्यू टेरी ने कहा कि यह खतरनाक है। हम अपनी दुनिया को खाली करते जा रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने जेडएसएल के डेटा का विश्लेषण करके बताया है कि 5000 से ज्यादा प्रजातियों के 32 जंगली जीवों की आबादी में 69 फीसदी की कमी हुई है।
अमेरिकी कंपनी का दावा- एक फीसदी रह जाएगा भारत का चालू खाता घाटा

मजबूत पूंजी प्रवाह के साथ भारत का वैश्विक स्तर पर लेनदेन से जुड़ा बही-खाता उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत है। इसे देखते हुए चालू खाते का घाटा (कैड) 2023-24 में कम होकर जीडीपी के एक फीसदी पर आने का अनुमान है। इससे देश के लिए 39 अरब डॉलर के भुगतान अधिशेष की स्थिति होगी।अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी गोल्डमैन सैश ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा, चालू खाते का घाटा कम होने, मजबूत पूंजी प्रवाह, पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार और कम विदेशी कर्ज के साथ देश का वैश्विक स्तर पर लेनदेन से संबंधित बही-खाता अनुकूल रहेगा।
अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी गोल्डमैन सैश ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा, चालू खाते का घाटा कम होने, मजबूत पूंजी प्रवाह, पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार और कम विदेशी कर्ज के साथ देश का वैश्विक स्तर पर लेनदेन से संबंधित बही-खाता अनुकूल रहेगा। साथ ही, फेडरल रिजर्व के इस साल ब्याज दर में कटौती को देखते हुए बाहरी मोर्चे पर भारत की स्थिति बेहतर रहेगी। क्रूड की कीमतों में नरमी का भी भारत को लाभ मिलेगा। सेवा निर्यात भी उम्मीद से बेहतर रहेगी। इन चीजों को देखते हुए ब्रोकरेज कंपनी ने कैड के अनुमान को संशोधित कर एक फीसदी कर दिया है। पहले यह 1.3 फीसदी था। वहीं, 2024-25 के लिए इसके 1.3 फीसदी रहने की संभावना है।
चीनी उत्पादन 7.7 फीसदी घटकर 112 लाख टन
दो प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र व कर्नाटक में उत्पादन कम रहने से चालू सत्र 2023-24 के पहले तीन माह में देश का चीनी उत्पादन 7.7 फीसदी घटकर 112 लाख टन रह गया। 2022-23 की अक्तूबर-दिसंबर अवधि में उत्पादन 121.35 लाख टन था। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज के मुताबिक, महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन 2023-24 सत्र के दिसंबर तक 38.20 लाख टन था, जो एक साल पहले 47.40 लाख टन रहा था। कर्नाटक में भी चीनी उत्पादन घटकर 24 लाख टन रहा।
कच्चा तेल : विंडफॉल टैक्स 1,000 रुपये बढ़ा
देश में उत्पादित होने वाले कच्चे तेल पर सरकार ने विंडफॉल टैक्स 1,000 रुपये बढ़ाकर 2,300 रुपये प्रति टन कर दिया है। डीजल निर्यात व जेट ईंधन पर इसे घटाकर शून्य कर दिया गया है। पेट्रोल पर पहले से ही शून्य है। नई दरें मंगलवार से लागू हैं।
कोयला उत्पादन दिसंबर में 11% बढ़ा
कोयला उत्पादन दिसंबर में 10.75% बढ़कर 9.28 करोड़ टन रहा है। एक साल पहले समान अवधि में यह 8.38 करोड़ टन था। अप्रैल-दिसंबर में कुल उत्पादन बढ़कर 68.4 करोड़ टन रहा है। कोल इंडिया का उत्पादन 8.27% बढ़कर 7.18 करोड़ टन रहा है।
विभिन्न हमलों से उबर चुका है अदाणी समूह
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कर्मियों को भेजे वीडियो संदेश में कहा, इंटरनेशनल शॉर्ट सेलर व हमारे हितों का विरोध करने वाले विभिन्न समूहों के हमलों से हम उबर चुके हैं। इस उथल-पुथल भरे दौर से अभूतपूर्व मजबूती के साथ हमने वापसी की है।
भारत से हर कोई चाहता है मुक्त व्यापार समझौता, एफटीए से भारतीय बाजार तक बढ़ेगी देशों की पहुंच

यूरोप और ब्रिटेन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से लेकर ओमान व पेरू जैसे कई छोटे देश भी भारत के तेजी से बढ़ते बाजार के कारण उसके साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) करना चाहते हैं। आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत के साथ एफटीए करने से ये देश कम या बिना किसी आयात शुल्क के बड़े खरीदारों वाले भारतीय बाजार तक पहुंच कायम कर सकते हैं। इससे उन देशों की कंपनियों को भारतीय बाजार में अपने उत्पादों की बिक्री करने में दूसरों के मुकाबले काफी बढ़त मिल सकती है।भारत वर्तमान में अधिकतर आयात (75 फीसदी से अधिक) उन देशों से करता है, जिनसे उसका एफटीए नहीं है। इसलिए ये समझौते आकर्षक हैं क्योंकि वे भारत में महत्वपूर्ण नए बाजार अवसर प्रदान करते हैं।
बिना एफटीए वाले देशों से 75 फीसदी से ज्यादा आयात
भारत वर्तमान में अधिकतर आयात (75 फीसदी से अधिक) उन देशों से करता है, जिनसे उसका एफटीए नहीं है। इसलिए ये समझौते आकर्षक हैं क्योंकि वे भारत में महत्वपूर्ण नए बाजार अवसर प्रदान करते हैं।
बड़ी वजह, भारत में उच्च आयात शुल्क
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के साथ एफटीए की सबसे बड़ी वजह यहां का उच्च आयात शुल्क है। इस शुल्क की वजह से इन देशों के लिए भारत के बड़े व तेजी से बढ़ते बाजार तक पहुंच मुश्किल हो जाती है। जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ब्रिटेन का आयात शुल्क 4.1 फीसदी, कनाडा का 3.3 फीसदी व अमेरिका का 2.3 फीसदी है। वहीं, भारत का आयात शुल्क 12.6 फीसदी से अधिक है। ब्रिटेन व कनाडा को एफटीए से अधिक लाभ हो सकता है, क्योंकि वे भारत में अपने उत्पाद उन उच्च शुल्कों के बिना बेचने में सक्षम होंगे। हालांकि, भारत को प्रस्तावित एफटीए से निर्यात में बड़ी वृद्धि मिलने की उम्मीद कम है क्योंकि जिन देशों के साथ समझौते पर बातचीत कर रहा है, वहां पहले से ही आयात शुल्क कम है।
- नए कानूनों के अध्ययन के लिए दिल्ली पुलिस ने एक कमिटी का गठन किया।

अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस की बैठक पर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा, “हमने आज अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस के प्रतिनिधियों से चर्चा की। सरकार ये बताना चाहती है कि नए कानून एवं प्रावधान अभी लागू नहीं हुए हैं, हम ये भी कहना चाहते हैं कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(2) लागू करने से पहले अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस से विचार विमर्श करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। ..
अडानी-हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल
सुप्रीम कोर्ट शेयर बाजार के उल्लंघन के संबंध में अडानी समूह की कंपनियों के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर कल फैसला सुनाएगा।
ब्रिक्स के सदस्य बने सऊदी-यूएई समेत 5 देश, रूस ने संभाली कमान, क्या शामिल होगा पाकिस्तान?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बताया है कि ब्रिक्स में पांच नए सदस्य आधिकारिक तौर पर शामिल हो गए हैं। इस वक्त ब्रिक्स की अध्यक्षता रूस के पास है। इन पांच नए सदस्यों के नाम मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात हैं। अभी तक ब्रिक्स में सिर्फ भारत, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील ही शामिल थे। ब्रिक्स दुनिया के विकासशील देशों का एक समूह है। इस समूह में शामिल होने के लिए भारत का पड़ोसी पाकिस्तान भी हाथ-पांव मार रहा है, लेकिन उसे सदस्यता नहीं मिल सकी है। पाकिस्तान का आरोप है कि भारत उसे ब्रिक्स का सदस्य बनने नहीं दे रहा, जबकि चीन चाहता है कि उसे सदस्यता मिले।
कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी के सामने पेश होने पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, “इस मामले से मेरा कोई लेनादेना नहीं है लेकिन हमें इससे गुजरना होगा।…जिस मामले की वे स्पष्ट रूप से जांच कर रहे हैं, उससे मेरा कोई संबंध नहीं है…”
जापान में 300 यात्रियों से भरे विमान में लैंड करते ही लगी आग
जापान में शक्तिशाली भूकंप और सुनामी आए अभी 24 घंटे भी नहीं बीते कि एक और हादसे ने लोगों को दहला दिया। मंगलवार को जापान के टोक्यो हानेडा हवाई अड्डे के रनवे पर उतर रहे एक विमान में आग लग गई। इस विमान में 300 यात्री सवार हैं। विमान की खिड़कियों से आग की लपटें निकलती देखी गईं। जापान के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके टीवी ने इस घटना का एक वीडियो भी जारी किया। वीडियो में रनवे पर खड़े एक विमान की खिड़कियों से आग की लपटें निकलती देखी गईं। निप्पॉन टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, तटरक्षक विमान के साथ संभावित टक्कर के कारण इस विमान में आग लगी। हालांकि, जांचकर्ता हादसे को लेकर हर एंगल से जांच कर रहे हैं।
दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा, “दिल्ली के गांव समस्याओं से जूझ रहे हैं…मैं दिल्ली के गांवों का दौरा करता रहा हूं…वहां सड़कों, सफाई, कुछ स्कूलों की समस्या है…दिल्ली देश की राजधानी है इसलिए दिल्ली में सब कुछ विश्वस्तरीय होनी चाहिए लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं है। दिल्ली के गांवों में बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है…पिछले साल मैंने 5 गांवों को गोद लिया था और वहां काफी सारे काम हुए हैं….”
तटरक्षक विमान के साथ संभावित टक्कर के बाद टोक्यो के हानेडा हवाई अड्डे पर जापान एयरलाइंस के एक जेट में आग लगी। एयरलाइन ने कहा कि सभी 379 यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया है: रॉयटर्स
अब दस जगह नहीं करना होगा सर्च, टिकट से शिकायत तक… रेलवे के सारे काम निपटाएगा सुपर ऐप
रेलवे की अलग-अलग सेवाओं के लिए अभी यूजर्स को अलग-अलग ऐप यूज करने पड़ते हैं। लेकिन जल्दी ही इस समस्या का समाधान होने वाला है। रेलवे एक सुपर ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है जिसमें सभी मौजूदा ऐप्स को मर्ज किया जाएगा। यानी अब एक ही ऐप में रेलवे से जुड़ी सारी सेवाएं होंगी। मसलन टिकट बुक कराने या ट्रेन ट्रैक करने के लिए मोबाइल पर अलग-अलग ऐप रखने की जरूरत नहीं होगी। रेलवे से सुपर ऐप से ही यह काम हो जाएगा। इस सुपर ऐप को रेलवे की आईटी कंपनी क्रिस विकसित करेगी।
तीन मूर्तिकारों से भगवान राम की तीन मूर्तियां तैयार कराई गई हैं। मंदिर में तीन तलों पर तीन मूर्तियों की आवश्यकता भी है। तीनों मूर्तियों का आयुवर्ग एक ही है। गर्भगृह में कौन सी मूर्ति लगेगी, यह विषय हमने आचार्य लोगों पर छोड़ दिया है…: कामेश्वर चौपाल, राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्टी




