मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर विरोध जताने के लिए आज विपक्षी सांसद काले कपड़ों में संसद आएंगे। कांग्रेस ने राज्यसभा सांसदों को विप जारी किया है। आम आदमी पार्टी ने भी अपने राज्यसभा सांसदों को 27 और 28 जुलाई को सदन में रहने के लिए विप जारी किया है। केंद्र सरकार दिल्ली से संबंधित अध्यादेश की जगह राज्यसभा में NCT दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक लाने की तैयारी में है। वहीं, PM मोदी आज से राजस्थान और गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। वह दो राज्यों में कई प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। उधर, मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR समेत पूरे भारत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के ASI सर्वे पर गुरुवार तक रोक बढ़ा दी। अदालत दोपहर 3.30 बजे मामले पर आगे सुनवाई करेगी। वहीं, भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की सीरीज का पहला वनडे आज खेला जाएगा। मैच शाम 7 बजे से शुरू होगा।
आज के प्रमुख इवेंट्स
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान के सीकर जाएंगे। यहां मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे गुजरात जाएंगे। यहां सौराष्ट्र के लिए 2 हजार करोड़ रुपए के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे।
- भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा। अगर भारत सीरीज जीतता है तो ये वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 13वीं जीत होगी।
ज्ञानवापी के ASI सर्वे पर आज सुनवाई; ASI ने कहा- जांच से ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचेगा

वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के पास सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी।
ज्ञानवापी में ASI सर्वे से जुड़े मामले पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। तब तक सर्वे पर रोक जारी रहेगी। अदालत ने आज ASI के अफसर को पेश होने को कहा है। ASI ने कोर्ट में हलफनामा दिया है कि जांच से ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। मुस्लिम पक्ष सर्वे के खिलाफ है।
सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में ASI के सर्वे पर 26 जुलाई शाम 5 बजे तक रोक लगाई थी। इसके बाद मुस्लिम पक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा है। हिंदू पक्ष के वकील का कहना है कि इससे पहले राम मंदिर का भी सर्वे तीन साल चला और कोई नुकसान नहीं हुआ। वहीं मुस्लिम पक्ष ने कहा कि हिंदू पक्ष ने मांगों में खुदाई के जरिए ASI से सर्वे कराने की बात कही गई है।
सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव मंजूर; सभी दलों से बातचीत के बाद इस पर बहस होगी
मानसून सत्र के 5वें दिन लोकसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। जिसे लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने मंजूरी दे दी। अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पेश किया। स्पीकर ने कहा कि इस पर बहस का समय सभी दलों से बातचीत के बाद तय होगा। विपक्ष अड़ा हुआ है कि मणिपुर मामले पर प्रधानमंत्री संसद में बयान दें।
सरकार सदन में आसानी से बहुमत साबित कर देगी, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव मंजूर होने के बाद प्रधानमंत्री का भाषण होगा। यानी बहस के दौरान मणिपुर मुद्दे पर सरकार को घेरकर वे लड़ाई जीत लेंगे। मोदी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव 20 जुलाई 2018 को आया था।
पहला अविश्वास प्रस्ताव नेहरू सरकार के खिलाफ 1963 में जेबी कृपलानी लाए थे। तब से अब तक 26 अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं और सिर्फ 3 बार ही सरकार गिरी है। वीपी सिंह 11 महीने PM रहने के बाद 1990 में, एचडी देवेगौड़ा 1997 में और अटल बिहारी वाजपेयी 1999 में अविश्वास मत हारे थे।
देश के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन; PM बोले- भारत टॉप-3 इकोनॉमी में शामिल होगा

दिल्ली के प्रगति मैदान में बने कन्वेंशन सेंटर का इनॉगरेशन करते PM मोदी।
देश के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर का नाम भारत मंडपम रखा गया है। PM मोदी ने दिल्ली में इसका इनॉगरेशन किया। उन्होंने गारंटी देते हुए कहा कि मेरी सरकार के तीसरे कार्यकाल में दुनिया की टॉप 3 इकोनॉमी में भारत का नाम होगा।
123 एकड़ में बने कन्वेंशन सेंटर में 7 हजार लोग बैठ सकते हैं। ये ऑस्ट्रेलिया के सिडनी ओपेरा हाउस से भी बड़ा है। सितंबर में होने वाली 18वीं जी-20 समिट भी यहीं होगी। ये दुनिया के टॉप 10 कन्वेंशन सेंटर्स में से एक है। यहां एक साथ 5,500 से ज्यादा गाड़ियां पार्क की जा सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘दुनिया का सबसे बड़ा सोलर विंड पार्क, सबसे ऊंचा रेल ब्रिज, दुनिया की सबसे लंबी टनल, दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड, दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल रोड ब्रिज भारत में है। जल्द ही दिल्ली में दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजियम भी बनने जा रहा है।’
IECC की इमारत का नाम ‘भारत मंडपम’ रखा गया है। पीएम ने इस मौके पर सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया। इससे पहले सुबह उन्होंने हवन और पूजा की थी। कन्वेंशन सेंटर का रीडेवलपमेंट 2,700 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।
इस कन्वेंशन सेंटर में 9 और 10 सितंबर को 18वीं G-20 बैठक होगी। सरकारी एजेंसी इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन यानी ITPO का यह कॉम्प्लेक्स 123 एकड़ में फैला है। IECC दुनिया के लीडिंग एग्जीबिशन और कन्वेंशन सेंटर्स में से एक है। यह कॉम्प्लेक्स देश का सबसे बड़ा MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन) सेंटर है।

PM मोदी ने इंटरनेशनल एग्जीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर का इनॉगरेशन किया

दिल्ली में नए कन्वेंशन सेंटर ‘भारत मंडपम’ में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

PM मोदी ने कन्वेंशन सेंटर का इनॉगरेशन किया। इसका नाम भारत मंडपम रखा गया है।

पीएम मोदी ने कन्वेंशन सेंटर के उद्घाटन के दौरान स्मारक टिकट और सिक्के जारी किए

पीएम मोदी ने बुधवार सुबह कन्वेंशन सेंटर में हवन और पूजा की थी
सिडनी के ओपेरा हाउस से भी बड़ा है सेंटर
इसमें 7,000 से ज्यादा लोगों के बैठने की क्षमता है और यह सिडनी के ओपेरा हाउस से भी बड़ा है, जहां 5,500 लोग बैठ पाते हैं। इस कन्वेंशन सेंटर में 3,000 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता वाला एक एम्फीथिएटर भी है, जो तीन PVR थिएटरों के बराबर है। मीटिंग रूम में 100 लोग एक साथ बैठ सकते हैं। 5,500 से ज्यादा वाहनों के लिए पार्किंग की जगह भी दी गई है।

IECC के बाहर सजावट की गई है। रात में लाइटिंग से यह और खूबसूरत दिखता है।

इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन यानी ITPO का यह कॉम्प्लेक्स 123 एकड़ में फैला है।

कॉम्प्लेक्स के अंदर मीटिंग रूम है, जिसमें करीब 100 लोग एक साथ बैठ सकते हैं।

कन्वेंशन सेंटर में 3,000 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता वाला एक शानदार एम्फीथिएटर है।

कॉम्प्लेक्स के अंदर फ्लोरिंग को भी शानदार तरीके से डिजाइन किया गया है।

कॉम्प्लेक्स की दीवारों और गेट पर कई सुंदर कलाकृतियां बनाई गई हैं।
दुनिया के टॉप 10 कन्वेंशन कॉम्प्लेक्स में शामिल
दिल्ली के प्रगति मैदान में स्थित भारत का यह कन्वेंशन सेंटर दुनिया के टॉप 10 कन्वेंशन सेंटर्स में शामिल हो गया है। यह जर्मनी के हनोवर एग्जीबिशन सेंटर और शंघाई के नेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर को टक्कर देता है।
2017 में शुरू हुआ था रीडेवलपमेंट
दिल्ली के प्रगति मैदान का रीडेवलपमेंट 2017 में शुरू हुआ था जिसकी इनिशियल डेडलाइन 2019 थी। हालांकि साइट पर काम हाल तक जारी रहा है। इस प्रोजेक्ट को राज्य के स्वामित्व वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC (इंडिया) लिमिटेड एग्जीक्यूट कर रही है। IECC के अलावा प्रोजेक्ट में नए एग्जीबिशन हॉल का कंस्ट्रक्शन भी शामिल है।
देश में रूस जैसा मिसाइल डिफेंस सिस्टम बनाने की तैयारी; 400 किमी दूर दुश्मन के एयरक्राफ्ट को तबाह कर देगा
भारत रूस की तरह ही लंबी दूरी तक जमीन से हवा में मार करने वाला डिफेंस सिस्टम बनाने की तैयारी में है, जो 400 किलोमीटर तक दुश्मन के एयरक्राफ्ट को मार गिराने में सक्षम होगा। इस LRSAM यानी लॉन्ग रेंज सरफेस टु एयर मिसाइल सिस्टम को बनाने में करीब 20 हजार करोड़ खर्च होंगे।
डिफेंस मिनिस्ट्री इस मिसाइल सिस्टम के प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी दे सकती है। ये तकनीक चुनिंदा देशों के पास ही है। इसमें जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की तीन लेयर होंगी, जिससे डिफरेंट रेंज तक टारगेट को हिट किया जा सकेगा। भारत इजराइल के साथ मिलकर मीडियम रेंज मिसाइल सिस्टम MRSAM बना चुका है, जिसकी रेंज 70 किमी है।
भारत लंबी दूरी तक जमीन से हवा में मार करने वाला डिफेंस सिस्टम बनाने की तैयारी में है। यह 400 किलोमीटर तक दुश्मन के एयरक्राफ्ट को मार गिराने में सक्षम होगा। इसे LRSAM यानी लॉन्ग रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल नाम दिया गया है।
ANI ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि तीन लेयर वाले इस मिसाइल सिस्टम को बनाने का प्रस्ताव डिफेंस मिनिस्ट्री के पास है और इसे जल्द ही मंजूरी दी जा सकती है। भारत इसे बनाने के लिए 20.5 हजार करोड़ खर्च करेगा।
मीडियम रेंज का मिसाइल सिस्टम बना चुका है भारत
LRSAM डिफेंस सिस्टम डेवलप करने के बाद भारत दुश्मन के ड्रोन और लड़ाकू विमानों को हवा में ही निशाना बना सकेगा। इस तरह की स्वदेशी तकनीकी क्षमता दुनिया के चुनिंदा देशों के पास ही है। इस मिसाइल सिस्टम में जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की तीन लेयर होंगी, जिससे डिफरेंट रेंज तक टारगेट को हिट किया जा सकेगा। अधिकतम रेंज 400 किलोमीटर होगी।
इससे पहले भारत इजराइल के साथ मिलकर मीडियम रेंज का मिसाइल सिस्टम MRSAM बना चुका है, जिसकी रेंज 70 किलोमीटर है। अब इसके बाद लॉन्ग रेंज एयर डिफेंस सिस्टम LRSAM को डेवलप करने की तैयारी है।

LRSAM रक्षा प्रणाली विकसित करने के बाद भारत हवा में ही दुश्मन के ड्रोन और लड़ाकू विमानों को निशाना बना सकेगा।
रूस की S-400 की तरह है यह तकनीक
हाल ही में भारत ने रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदा था। रूस और भारत ने अक्टूबर 2018 में S-400 की सप्लाई को लेकर एक डील की थी। यह मिसाइल सिस्टम 4 अलग-अलग मिसाइलों से लैस है जो दुश्मन के जंगी जहाज, ड्रोन, विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों को 400 किमी की दूरी पर निशाना बना सकता है।
अब समझिए S-400 सिस्टम क्या है?
S-400 एक एयर डिफेंस सिस्टम है, यानी ये हवा के जरिए हो रहे अटैक को रोकता है। ये दुश्मन देशों के मिसाइल, ड्रोन, राकेट लॉन्चर और फाइटर जेट्स के हमले को रोकने में कारगर है। इसे रूस के एलमाज सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो ने बनाया है और दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है। भारत और रूस के बीच S-400 की 5 यूनिट के लिए 2018 में करीब 40 हजार करोड़ रुपए की डील हुई थी।
इस सिस्टम की खासियत क्या है?
- S-400 की सबसे बड़ी खासियत इसका मोबाइल होना है। यानी रोड के जरिए इसे कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है।
- इसमें 92N6E इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरो रडार लगा हुआ है जो करीब 600 किलोमीटर की दूरी से ही मल्टिपल टारगेट्स को डिटेक्ट कर सकता है।
- ऑर्डर मिलने के 5 से 10 मिनट में ही ये ऑपरेशन के लिए रेडी हो जाता है।
- S-400 की एक यूनिट से एक साथ 160 ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक किया जा सकता है। एक टारगेट के लिए 2 मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं।
- S-400 में 400 इस सिस्टम की रेंज को दर्शाता है। भारत को जो सिस्टम मिल रहा है, उसकी रेंज 400 किलोमीटर है। यानी ये 400 किलोमीटर दूर से ही अपने टारगेट को डिटेक्ट कर काउंटर अटैक कर सकता है। साथ ही यह 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी अपने टारगेट पर अटैक कर सकता है।
सलमान को धमकाने वाला गैंगस्टर UAE से अरेस्ट; सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी शामिल था

विक्रम बराड़ ने सलमान खान के पिता सलीम खान को एक चिट्ठी भिजवाई थी। जिसमें लिखा था- बहुत जल्द आपका मूसेवाला होगा।
सलमान खान को जान से मारने की धमकी देने वाले गैंगस्टर विक्रम बराड़ को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने UAE से गिरफ्तार कर लिया है। बराड़ पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मर्डर में भी शामिल था और तभी से फरार था। वह दुबई में बैठकर गैंगस्टर लॉरेंस की गैंग चला रहा था।
विक्रम बराड़ राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले का रहने वाला है। NIA की टीम बराड़ को भारत ला रही है। जिसके बाद कई खुलासे हो सकते हैं। NIA ने बराड़ को आतंकी माना है और उसके खिलाफ UAPA के तहत आतंकी धाराओं में मामले दर्ज हैं। NIA के मुताबिक, बराड़ राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में गोल्डी बराड़ और लॉरेंस गैंग को हथियार मुहैया करवाता था।
भारत-पाक वर्ल्ड कप मैच एक दिन पहले हो सकता है; अहमदाबाद में 15 अक्टूबर को है मुकाबला
भारत और पाकिस्तान के बीच वनडे वर्ल्ड कप मैच तय तारीख से एक दिन पहले हो सकता है। 15 अक्टूबर को अहमदाबाद स्टेडियम में दोनों टीमों के बीच मुकाबला है। इसी दिन नवरात्रि भी शुरू हो रही है। जिसे देखते हुए इंटेलिजेंस एजेंसियों ने मैच की तारीख या वेन्यू बदलने का सुझाव दिया है।
BCCI सचिव जय शाह ने आज वर्ल्ड कप वेन्यू को लेकर दिल्ली में इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। इसमें वर्ल्ड कप मैच होस्ट करने वाले सभी स्टेट एसोसिएशन के अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है मीटिंग में मैच की नई तारीख या वेन्यू बदलने पर फैसला लिया जा सकता है।
दूसरी ओर BCCI सचिव जय शाह ने गुरुवार को वर्ल्ड कप वेन्यू के स्टेट एसोसिएशन की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। माना जा रहा है मीटिंग में मैच की नई तारीख या वेन्यू बदलने पर फैसला लिया जा सकता है।
भीड़ ज्यादा होने से दिक्कतें होंगी- BCCI अधिकारी
नाम न बताने की शर्त पर BCCI के अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘हम दूसरे ऑप्शन (वेन्यू के) तलाश रहे हैं, जल्द ही फैसला ले लिया जाएगा। सिक्योरिटी एजेंसी ने बताया कि भारत-पाकिस्तान का हाई प्रोफाइल मैच नवरात्रि पर है। मैच के लिए हजारों फैंस अहमदाबाद ट्रैवल करेंगे। इस दिन नवरात्रि की वजह से भी शहर में बहुत भीड़ रहेगी।’

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच वर्ल्ड कप का ओपनिंग मुकाबला भी होगा। 15 अक्टूबर को यहां भारत-पाकिस्तान के बीच मैच होना है।
इंग्लैंड-अफगानिस्तान का मैच 15 अक्टूबर को हो सकता है
भारत और पाकिस्तान के बीच मैच अगर 14 अक्टूबर को शिफ्ट हुआ तो इंग्लैंड-अफगानिस्तान का मैच 15 अक्टूबर को कराया जा सकता है। शेड्यूल के अनुसार, फिलहाल 14 अक्टूबर को 2 मैच होंगे। न्यूजीलैंड-बांग्लादेश के बीच बेंगलुरु में पहला और इंग्लैंड-अफगानिस्तान के बीच दिल्ली में दूसरा मुकाबला होगा।
दिल्ली में होने वाला मुकाबला दोपहर 2 बजे से होगा, भारत-पाक मैच भी 2 बजे से ही होना है, इसीलिए इसी मैच की तारीख बदली जा सकती है। बाकी मैचों की टाइमिंग और वेन्यू में कोई बदलाव नहीं होगा।
टीम इंडिया पहला मैच 8 अक्टूबर को चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया और दूसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ खेलेगी। वहीं पाकिस्तान 6 और 12 अक्टूबर को हैदराबाद में नीदरलैंड और श्रीलंका के खिलाफ मैच खेलेगा। यानी अगर 14 अक्टूबर भारत-पाक मुकाबला हुआ तो भारत को 2 दिन का रेस्ट मिलेगा, जबकि पाकिस्तान को एक ही दिन का गैप मिलेगा।
जय शाह 27 जुलाई की मीटिंग में सिक्योरिटी पर बात कर सकते हैं
BCCI के सचिव जय शाह ने 27 जुलाई को मीटिंग बुलाई है। मीटिंग नई दिल्ली में होगी, जिसमें वर्ल्ड कप मैच होस्ट करने वाले सभी स्टेट एसोसिएशन के अधिकारियों को बुलाया गया है। माना जा रहा है कि BCCI स्टेट एसोसिएशन के सामने सिक्योरिटी समस्या का मुद्दा रखेगा। इसी मीटिंग में वेन्यू या तारीख बदलने का फैसला लिया जा सकता है।
स्टेट एसोसिशन को भेजे गए लेटर में बताया गया, ‘सभी वर्ल्ड कप एसोसिएशन से मीटिंग में शामिल होने की रिक्वेस्ट की जा रही है। मुझे लगता है कि सभी संबंधितों (राज्य एसोसिएशन) को मिलकर बोर्ड के सामने आ रही समस्या पर चर्चा करनी चाहिए और एक फैसले पर पहुंचना चाहिए।’
अहमदाबाद में वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला भी होगा
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 27 जून को ही वर्ल्ड कप का शेड्यूल अनाउंस कर दिया था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम को 5 मैच मिले। यहां 5 अक्टूबर को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच टूर्नामेंट का ओपनिंग मुकाबला होगा। 15 अक्टूबर को भारत-पाकिस्तान मैच के साथ 2 अन्य लीग मैच भी इस स्टेडियम में होंगे। 19 नवंबर को टूर्नामेंट का फाइनल भी अहमदाबाद में ही होगा।
तारीख बदली तो फैंस को परेशानी होगी
सिक्योरिटी एजेंसी का सुझाव मानकर अगर मैच का वेन्यू या तारीख बदली गई तो अहमदाबाद में ट्रैवल प्लान बना चुके फैंस को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। टूर्नामेंट के मैचों की टिकट बिक्री अब तक शुरू नहीं हुई है, लेकिन फैंस ने अहमदाबाद में होटल के कमरे बुक करना शुरू कर दिया है।
होटल के साथ हॉस्पिटल रूम भी बुक किए
ICC के शेड्यूल जारी करते ही देश-विदेश से हजारों फैंस ने अहमदाबाद में होटल रूम बुक कर लिए। होटल मालिकों ने उम्मीद के अनुसार किराया बढ़ा दिया। जिसे देखते हुए फैंस ने 15 अक्टूबर के आस-पास की तारीखों के लिए हॉस्पिटल तक के कमरे बुक कर लिए। हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने बताया कि लोग फुल बॉडी चेक-अप के नाम पर कमरे बुक कर रहे हैं।
अगर वेन्यू या तारीख बदली तो होटल और हॉस्पिटल रूम की बुकिंग भारी मात्रा में कैंसिल होने की आशंका है, क्योंकि मैच जिस भी जगह री-शेड्यूल हो, फैंस भारत-पाकिस्तान का मैच देखने के लिए वहां पहुंचना चाहेंगे।
टीम इंडिया 9 अलग-अलग वेन्यू पर मैच खेलेगी
वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का ओपनिंग मुकाबला 8 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से होगा। मैच चेन्नई में होगा, इसके बाद टीम को 15 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलना है। टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होगा, इसलिए भारत को बाकी 9 टीमों से एक-एक मुकाबला खेलना है। टीम इंडिया टूर्नामेंट के 10 में से 9 अलग-अलग वेन्यू पर सभी मुकाबले खेलेगी।
लंदन में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा; बोले- यहां से कोहिनूर लेकर ही भारत लौटेंगे

बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने लंदन में राम कथा सुनाई। इस दौरान उन्होंने कहा- भारत से लगातार फोन आ रहे हैं और लोग पूछ रहे हैं कि मैं कब लौटूंगा। मैंने एक भक्त से कहा है चिंता मत करो हम कोहिनूर लेकर आएंगे। पहले अंग्रेज भारत जाकर लेक्चर देते थे और हमारे दादा परदादा सुनते थे। लेकिन आज हम इंग्लैंड में बोल रहे हैं और यहां के लोग हमें सुनते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री को 14 जून 2022 को ब्रिटिश संसद 3 सम्मान दे चुकी है। इनमें संत शिरोमणि, वर्ल्ड बुक ऑफ लंदन और वर्ल्ड बुक ऑफ यूरोप अवार्ड शामिल हैं। इस साल मई में ब्रिटिश रॉयल फैमिली ने भी माना था कि ईस्ट इंडिया कंपनी भारत से कोहिनूर ले गई थी। महाराजा दलीप सिंह को इसे सरेंडर करने के लिए मजबूर किया गया था।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री लंदन गए हुए हैं। यहां वो लोगों को राम कथा सुना रहे हैं। यहीं पर एक प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा- हम कोहिनूर लेकर ही भारत वापस जाएंगे। भक्तों से बात करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि उन्हें लगातार भारत से फोन आ रहे हैं और लोग पूछ रहे हैं कि वो भारत कब लौटेंगे।
इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अब उनको लंदन में ही अच्छा लग रहा है। पहले अंग्रेज भारत जाकर बोलते थे और हमारे दादा सुनते थे, लेकिन अब हम इंग्लैंड आकर बोलते हैं और वहां के लोग बातें सुनते हैं। पंडित शास्त्री ने कहा कि ब्रिटेन के लोग बहुत अच्छे हैं। मैं चाहता हूं कि यहां के राजा ऐसे ही देश की इकोनॉमी और अध्यात्म बढ़ाते रहें। इसके साथ ही उन्होंने लंदन के लोगों को धन्यवाद भी कहा।

ब्रिटेन के टावर ऑफ लंदन की प्रदर्शनी में कोहिनूर जड़े ताज के साथ कई रॉयल ज्वेल्स शामिल किए गए हैं।
ब्रिटेन ने माना- जबरन ले गए थे कोहिनूर
इससे पहले मई में ब्रिटेन की रॉयल फैमिली ने ये मान लिया था कि ईस्ट इंडिया कंपनी भारत से कोहिनूर हीरा ले गई थी। महाराजा दलीप सिंह को इसे सरेंडर करने के लिए मजबूर किया गया था। ब्रिटेन के टावर ऑफ लंदन में रॉयल ज्वेल्स की प्रदर्शनी में बताया गया है कि लाहौर संधि के तहत दलीप सिंह के सामने कोहिनूर सौंपने की शर्त रखी गई थी। बकिंघम पैलेस के रॉयल कलेक्शन ट्रस्ट की मंजूरी के बाद प्रदर्शनी में ये टेक्स्ट लिखा गया है।
कोहिनूर हीरा ‘विजय का प्रतीक’
क्राउन ज्वेल्स एग्जीबिशन में कोहिनूर पर एक फिल्म भी दिखाई गई है। इसमें इसके पूरे इतिहास को एक ग्राफिक मैप के जरिए दिखाया गया है। इसमें बताया गया है कि हीरे को गोलकुंडा की खदानों से निकाले जाने का दावा किया जाता है। इसके बाद एक तस्वीर में महाराजा दलीप सिंह इसे ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपते नजर आ रहे हैं।
एक और तस्वीर में ब्रिटेन की क्वीन मदर के ताज में कोहिनूर जड़ा नजर आ रहा है। टॉवर ऑफ लंदन में ये एग्जीबिशन किंग चार्ल्स की ताजपोशी के अवसर पर लगाई गई है। 6 मई को किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला की ताजपोशी हुई थी।
भारत कई बार कोहिनूर वापस मांग चुका है
कोहिनूर जड़े ताज को सबसे पहले ब्रिटेन की क्वीन मदर ने पहना था। इसके बाद ये ताज क्वीन एलिजाबेथ को मिला था। इस ताज में कोहिनूर के अलावा अफ्रीका का बेशकीमती हीरा ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका सहित कई कीमती पत्थर जड़े हैं। इसकी कीमत करीब 40 करोड़ डॉलर आंकी गई है। भारत ने ब्रिटेन के सामने कई बार कोहिनूर हीरे पर अपना कानूनी हक होने का दावा किया है।
कई देश करते हैं कोहिनूर पर अपना दावा
कोहिनूर हीरे का इतिहास विवादों से भरा रहा है। कहा जाता है कि साल 1849 में जब अंग्रेजों ने पंजाब पर कब्जा किया तो इस हीरे को ब्रिटेन की तब की महारानी विक्टोरिया को सौंप दिया गया था। बाद में इसे और कई हीरों के साथ ब्रिटेन के शाही ताज में लगा दिया गया। भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और ईरान भी इस हीरे पर अपना दावा कर चुके हैं।
नासा में बिजली गुल, इंटरनेशनल स्पेस-स्टेशन से संपर्क टूटा; रूसी कम्युनिकेशन चैनल ने की मदद
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के ह्यूस्टन मिशन कंट्रोल में बिजली गुल होने के कारण इसका इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से संपर्क टूट गया। इस वजह से मिशन कंट्रोल, स्टेशन पर कमांड नहीं भेज पा रहा था और ऑर्बिट में मौजूद 7 अंतरिक्ष यात्रियों से बात भी नहीं हो पा रही थी। आउटेज के 20 मिनट के भीतर, क्रू को रशियन कम्युनिकेशन चैनल के जरिए समस्या के बारे में जानकारी दी गई।
बिजली गुल होने के 90 मिनट के भीतर बैकअप कंट्रोल सिस्टम्स ने टेकओवर कर लिया। ऐसा पहली बार हुआ है जब बैकअप सिस्टम को एक्टिव करना पड़ा। नासा ह्यूस्टन से थोड़ी दूरी पर एक बैकअप कंट्रोल सेंटर बनाए रखती है ताकि आउटेज के समय इसका इस्तेमाल किया जा सके।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा में बिजली गुल होने के कारण मंगलवार को मिशन कंट्रोल और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बीच संपर्क टूट गया। मिशन कंट्रोल, स्टेशन पर कमांड नहीं भेज पा रहा था और ऑर्बिट में मौजूद सात अंतरिक्ष यात्रियों से बात भी नहीं हो पा रही थी। ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर की इमारत में अपग्रेड का काम चल रहा है, जिसके चलते बिजली गुल हो गई थी।
स्पेस स्टेशन प्रोग्राम मैनेजर जोएल मोंटालबानो ने कहा कि न तो अंतरिक्ष यात्री और न ही स्टेशन कभी किसी खतरे में थे क्योंकि यह समस्या ग्राउंड से जुड़ी थी स्पेस स्टेशन में नहीं। बैकअप कंट्रोल सिस्टम्स ने 90 मिनट के भीतर टेकओवर कर लिया। आउटेज के 20 मिनट के भीतर, क्रू को रशियन कम्युनिकेशन सिस्टम्स के जरिए समस्या के बारे में सूचित कर दिया गया था।

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में साल 2000 से एस्ट्रोनॉट रह रहे हैं
बैकअप सिस्टम को पहली बार एक्टिव करना पड़ा
मोंटालबानो के अनुसार, यह पहली बार है कि नासा को कंट्रोल लेने के लिए इन बैकअप सिस्टम को एक्टिव करना पड़ा है। तूफान या अन्य आपदा की स्थिति में इवैक्यूएशन के लिए नासा ने ह्यूस्टन से मीलों दूर एक बैकअप कंट्रोल बनाया है, लेकिन मंगलवार के मामले में फ्लाइट कंट्रोलर्स, मिशन कंट्रोल में रुके रहे क्योंकि वो लाइट और एयर कंडीशनिंग का काम कर रहे थे।
NASA के कंट्रोल से बाहर हो गया था स्टेशन
दो साल पहले ISS अपनी कक्षा में जिस पोजिशन में रहता है वहां से 45 मिनट के लिए हट गया था। बाद में नासा के कंट्रोल सेंटर्स में मौजूद टीम ने कंट्रोल थ्रस्टर्स की मदद से स्टेशन को उसकी जगह पर पहुंचाया था। यह घटना रूसी लैबोरेटरी मॉड्यूल नाउका (Nauka) में तकनीकी खामी की वजह से हुई थी। नाउका के जेट थ्रस्टर्स अपने आप चालू हो गए थे।
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन क्या है?
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी के चारों ओर घूमने वाला एक बड़ा अंतरिक्ष यान है। इसमें एस्ट्रोनॉट रहते हैं और माइक्रो ग्रैविटी में एक्सपेरिमेंट परफॉर्म करते हैं। यह 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रैवल करता है। यह हर 90 मिनट में पृथ्वी की परिक्रमा पूरी कर लेता है। 5 स्पेस एजेंसीज ने मिलकर इसे बनाया है। स्टेशन का पहला पीस नवंबर 1998 में लॉन्च किया गया था।
दिल्ली-NCR में भारी बारिश; नोएडा में स्कूल-कॉलेज बंद; पंजाब में 19 जिले बाढ़ प्रभावित

दिल्ली-NCR में लगातार बारिश होने से यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। राजधानी में मंडी हाउस से लेकर रिंग रोड तक सड़कों पर पानी भरा है। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से नोएडा के आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। यहां खतरे वाले इलाकों के सभी स्कूल और कॉलेज आज बंद रहेंगे। पंजाब में अब भी 19 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।
पंजाब में 19 जिलों के 1472 गांव बाढ़ में डूबे हुए हैं। राज्य में 42 लोग जान गंवा चुके हैं। हिमाचल में बाढ़ और लैंड स्लाइड की अलग-अलग घटनाओं में 44 की मौत हुई है। आज मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है।
रिद्धि और सिद्धि जब गर्भ में थीं, तभी उनके पैरंट्स को पता चल गया था कि जुड़वा हैं। लेकिन प्रेग्नेंसी के छठे महीने में की गई अल्ट्रासाउंड जांच के बाद मेरठ के डॉक्टरों ने कहा कि दोनों जुड़ी हुई हैं, बचना मुश्किल है। एम्स लेकर जाओ। डरे-सहमे पैरंट्स जब एम्स पहुंचे तो डॉक्टरों ने भरोसा दिया कि बच्चियां बच जाएंगी और अपनी पूरी जिंदगी जिएंगी। जन्म के लगभग एक साल बाद एम्स के डॉक्टरों ने साढ़े बारह घंटे की मैराथन सर्जरी कर दोनों बच्चियों को अलग कर किया और मेडिकल साइंस में एक और नया कीर्तिमान जोड़ दिया।
पीएम मोदी आज राजस्थान, गुजरात के दौरे पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (27 जुलाई) से राजस्थान और गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। 27 जुलाई को मोदी राजस्थान के सीकर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। राजस्थान में इस साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। 27 जुलाई को ही मोदी गुजरात के राजकोट पहुंचेंगे जहां वह 1400 करोड़ रुपये की लागत से बने नए अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री राजकोट में 860 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। 28 जुलाई को मोदी गांधीनगर में सेमीकॉनइंडिया 2023 का उद्घाटन करेंगे, जहां वह इस अवसर पर सभा को भी संबोधित करेंगे। (IANS)
सिख विरोधी दंगा मामले में टाइटलर को समन
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को समन जारी करते हुए पांच अगस्त को बतौर आरोपी उसके सामने पेश होने का बुधवार को निर्देश दिया। टाइटलर के खिलाफ सीबीआई ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में चार्जशीट दायर की है। जांच अधिकारी को भी अगली सुनवाई पर चार्जशीट और डॉक्युमेंट्स के साथ अदालत में मौजूद रहने का निर्देश दिया। मामला सिख विरोधी दंगों के दौरान तीन लोगों की हत्या और एक गुरुद्वारे में आग लगाने के आरोपों से जुड़ा है।
दूसरे टर्म में पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत, तीसरे टर्म में टॉप 3 में होंगे: पीएम मोदी
भारत के सामने बहुत बड़ा अवसर है। आज से 100 साल पहले जब भारत आजादी की जंग लड़ रहा था तो पिछली शताब्दी का तीसरा दशक 1923- 1930 का कालखंड भारत की आजादी के लिए बहुत अहम था। इसी तरह 21वीं सदी का ये तीसरा दशक भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पिछली शताब्दी के तीसरे दशक में स्वराज्य का लक्ष्य था, आज लक्ष्य है समृद्ध व विकसित भारत बनाने का लक्ष्य है। उस दशक में देश के कोने- कोने से आजादी की गूंज सुनाई देती थी, इसी का परिणाम था कि 25 साल के भीतर- भीतर देश आजाद हो गया। इस शताब्दी के तीसरे दशक में हमारे सामने अगले 25 साल का लक्ष्य है, समर्थ व विकसित भारत का सपना लेकर निकल पड़े है भारत को वो ऊंचाई देनी है, जिसका सपना हर स्वतंत्रता सेनानी ने देखा था।
नकारात्मक सोच वाले लोगों की कमी नहीं है… पीएम मोदी ने किस तरफ कर दिया इशारा
पीएम मोदी ने कन्वेंशन सेंटर के उद्घाटन के मौके पर कहा कि हमारे यहां कुछ अलग सोच वाले व्यक्ति भी हैं। नकारात्मक सोच वाले लोगों की कमी तो है नहीं हमारे यहां। इस निर्माण को रोकने के लिए नकारात्मक सोच वालों ने क्या-क्या कोशिश की, अदालतों के चक्कर काटे। जहां सत्य होता है वहां ईश्वर भी होता है। कुछ लोगों की फितरत होती है। हर अच्छे काम को रोकने-टोकने की। कर्तव्यपथ को लेकर क्या-क्या चल रहा था। अदालत में भी क्या-क्या बाते हुईं। दो लोग विरोध कर रहे थे वो भी अब दबी जबान में बोल रहे तो हुआ तो ठीक। मुझे विश्वास है कि कुछ दिन बाद विरोध करने वाले आज खुलकर बोलें न बोलें लेकिन बाद में यहां आएंगे और लेक्चर भी दे जाएंगे।
प्रगति मैदान के नए आईटीपीओ कॉम्प्लेक्स भारत मंडपम के उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह, एक्टर आमिर खान और बाकी गणमान्य लोग भी उपस्थित हैं। देखिए वीडियो





