आज के प्रमुख इवेंट्स
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में NCP चीफ शरद पवार भी मौजूद रहेंगे। इसको लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस ने विरोध जताया है।
- दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग पर नियंत्रण से जुड़ा विधेयक आज लोकसभा में पेश किया जाएगा। केंद्र सरकार ने 19 मई को इस मामले पर अध्यादेश जारी किया था।
- भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा। फिलहाल सीरीज 1-1 से बराबर है। अगर टीम इंडिया जीतती है तो ये वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 13वीं सीरीज जीत होगी।
हरियाणा के नूंह में धार्मिक यात्रा के दौरान हिंसा भड़की; दो होमगार्ड की मौत, इंटरनेट बंद

नूंह में भड़की हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने कारों को आग के हवाले कर दिया।
हरियाणा के नूंह में एक धार्मिक यात्रा के दौरान दो गुटों में टकराव के बाद हिंसा भड़क उठी। जिसमें होमगार्ड के 2 जवानों की मौत हुई है। DSP समेत कई पुलिस वाले घायल हैं। उपद्रवियों ने थाने पर भी हमला किया। एक शोरूम से 200 बाइक लूट लीं। नूंह प्रशासन ने जिले में धारा 144 लगाते हुए दो अगस्त तक इंटरनेट बंद कर दिया है। जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं।
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने केंद्र सरकार से मदद मांगी। जिसके बाद केंद्र ने नूंह में पैरामिलिट्री फोर्स की 3 कंपनी भेजी हैं। नूंह के अलावा गुरुग्राम, रेवाड़ी और फरीदाबाद में भी धारा 144 लगाई गई है। जिला प्रशासन ने पास के जिलों से पुलिस की 10 कंपनियां बुलाई हैं। राज्य सरकार ने नूंह के लोगों से घरों में रहने की अपील की है।
कहा जा रहा है कि एक होमगार्ड जवान की मौत भीड़ की तरफ से चली गोली लगने से हुई। हिंसा में कई लोग और पुलिसवाले घायल हो गए। मेवात के DSP सज्जन सिंह के सिर में गंभीर चोट लगी है। गुरुग्राम क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनिल के पेट में गोली लगी है।
उपद्रवियों ने नूंह के साइबर थाना पर भी हमला कर दिया। उपद्रवियों ने पथराव किया और बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। हंगामे को देख पुलिसकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा। मेवात के कस्बे नगीना और फिरोजपुर-झिरका में भी कई जगह आगजनी की गई।
इससे पहले उप्रदवियों ने स्कूल बस में भी तोड़फोड़ की थी। बस में बच्चे थे या नहीं, ये साफ नहीं हो पाया। बस को उपद्रवी लूट ले गए और थाने को तोड़ने के लिए उसकी दीवार में टक्कर मार दी।
हिंसा के बाद उपजे हालात से निपटने के लिए नूंह के अलावा गुरुग्राम, रेवाड़ी और फरीदाबाद जिलों में धारा 144 लगा दी गई। नूंह जिले की सीमाएं सील करते हुए वहां दो अगस्त यानी 2 दिन के लिए इंटरनेट भी बंद कर दिया गया। नूंह जिला प्रशासन ने दूसरे जिलों से पुलिस फोर्स बुलाई है।
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि केंद्र सरकार पैरामिलिट्री फोर्स की 3 कंपनियों को नूंह में एयरड्रॉप कर रही है। वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए अतिरिक्त फोर्स भेजी जा रही है। विज ने ये भी बताया कि मेवात के SP छुट्टी पर थे, उनकी जगह पलवल के SP को वहां भेजा गया था। हरियाणा के DGP पीके अग्रवाल सोमवार शाम को ही नूंह के लिए रवाना हो गए। उनके देर रात वहां पहुंचने की उम्मीद है।

नूंह में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ के बाद गाड़ियों को आग लगा दी।
शिव मंदिर में फंसी महिलाएं
नूंह के नल्हड़ शिव मंदिर में अभी भी काफी लोगों के फंसे होने की बात सामने आई है। इनकी संख्या 2 हजार से ज्यादा बताई जा रही है। जिसमें काफी संख्या में महिलाएं हैं।इनमें करनाल, अंबाला, जींद, हिसार, नारनौल, गुरुग्राम, फ़रीदाबाद, सोनीपत, रेवाड़ी और रोहतक के लोग भी शामिल है। ये सभी यात्रा में शामिल हो गए थे। वे सोशल मीडिया के जरिए सरकार से सुरक्षित बाहर निकालने की अपील कर रही हैं।

नूंह के शिव मंदिर के आगे से निकलता धुआं। यहां काफी लोगों के फंसने की संभावना जताई जा रही है।
गुरुग्राम तक पहुंचे उपद्रवी, गाड़ी फूंकी
वहीं उपद्रवी अब गुरुग्राम तक पहुंच गए हैं। यहां सोहना में एक गाड़ी को फूंक दिया गया। इतना ही नहीं दो गाड़ियों पर छतों पर बैठी महिलाओं ने जबरदस्त पथराव कर दिया। हिंसा शुरू होते ही व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दी। गुरुग्राम के DCP ईस्ट नीतीश अग्रवाल ने कहा कि स्थिति कंट्रोल में है। पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हिंसा के आसार को देखते हुए नूंह के बाद गुरुग्राम में भी धारा 144 लागू कर दी गई है।
ब्रजमंडल यात्रा नूंह के नल्हड़ शिव मंदिर से फिरोजपुर-झिरका की तरफ रवाना हुई थी। जैसे ही यात्रा तिरंगा पार्क के पास पहुंची, वहां एक समूह के लोग पहले से जमा थे। आमने-सामने आते ही दोनों पक्षों में तकरार हो गई और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया।

नूंह में तिरंगा पार्क के पास ब्रजमंडल यात्रा पर पथराव करते लोग।
40 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी
सोमवार दोपहर को सबसे पहले तिरंगा पार्क के पास हिंसा भड़की जिसने देखते ही देखते पूरे नूंह शहर को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान पुराना बस स्टैंड, होटल बाइपास, मेन बाजार, अनाज मंडी और गुरुग्राम-अलवर हाईवे पर एक के बाद एक गाड़ियां फूंक दी गई।
नूंह स्थित गुरुग्राम-अलवर नेशनल हाइवे पर हीरो कंपनी के शोरूम से उपद्रवियों ने 200 बाइक लूट ली। सुनील मोटर्स के मालिक सुनील ने बताया कि हजारों की संख्या में उपद्रवी अंदर घुसे और बाइक लेकर फरार हो गए। इसी रास्ते पर सुबह सबसे पहले हिंसा हुई थी।
दोपहर तक 40 से ज्यादा वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ हो गई। इनमें कारों के अलावा बसें, बाइक, स्कूटी और दूसरे वाहन शामिल रहे। गाड़ियों में लगाई गई आग की वजह से नूंह शहर के आसमान में धुआं ही धुआं नजर आने लगा।

नूंह के साइबर पुलिस थाने के बाहर उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियां फूंक दी।
मंदिरों में भी तोड़फोड़
नूंह में भड़की हिंसा की चिंगारी मंदिरों तक भी पहुंच गई। उपद्रवियों ने कई जगह मंदिरों में तोड़फोड़ करने के अलावा आगजनी की कोशिश की। नूंह सिटी में पलड़ी रोड श्मशान घाट के पास काली माता मंदिर में उपद्रवियों ने खूब तोड़फोड़ की।
भीड़ इतनी बेकाबू थी कि उसने मंदिर के आसपास के घरों पर भी जमकर पत्थर बरसाए ताकि वहां से कोई बाहर न निकल सके।

नूंह में अलवर-गुरुग्राम हाईवे पर कार में तोड़फोड़ करती भीड़।
पुलिस की 10 कंपनियां बुलाई
हिंसा शुरू होते ही पूरे नूंह शहर की मार्केट बंद हो गई। सबसे पहले तिरंगा पार्क के आसपास के इलाके की दुकानें बंद हुईं। उसके बाद देखते ही देखते नूंह सिटी के मेन मार्केट के अलावा नया बाजार, गली बाजार और होडल बाइपास समेत शहर के दूसरे मार्केट भी दुकानदारों ने बंद कर दिए।
शाम 5 बजे तक नूंह चौक पर सबसे ज्यादा तनाव बना रहा। हिंसा के कारण शहर के ज्यादातर इलाकों में भय और तनाव का माहौल बना रहा।
जिला प्रशासन ने स्थिति को कंट्रोल करने के लिए साथ लगते पलवल, फरीदाबाद और रेवाड़ी जिलों से पुलिस की 10 कंपनियां बुला ली हैं।

नूंह में ब्रजमंडल यात्रा के दौरान हुए बवाल में तिरंगा पार्क और पुराना बस स्टैंड के पास कई गाड़ियों में आग लगा दी गई। इसकी वजह से आसमान में काला धुआं छा गया।
गांवों से हथियार लेकर पहुंचे उपद्रवियों ने मचाई लूटपाट
ब्रजमंडल यात्रा के दौरान हिंसा भड़कते ही आसपास के ग्रामीण इलाकों से अलग-अलग युवाओं के ग्रुपों ने नूंह शहर की तरफ कूच कर दिया। हथियारों से लैस इन लोगों ने रास्ते में आने वाले वाहनों में तोड़फोड़ की और लूटपाट मचाई। उपद्रवियों ने कई जगह पुलिस टीमों पर भी हमला किया। इनके उत्पात से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गए।
नूंह शहर में बवाल के बाद हालात इस कदर खराब हो गए कि व्यापारी भी खौफ में आ गए। नूंह अनाज मंडी में कुछ व्यापारियों से लूटपाट की बात सामने आई। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।

उपद्रवियों ने पुलिस को भी नहीं बख्शा। उनके पथराव में नूंह पुलिस थाने के SHO ओमबीर सिंह भी लहूलुहान हो गए।
सरकार बोली- दंगाइयों को बख्शेंगे नहीं
CM मनोहर लाल खट्टर के OSD जवाहर यादव ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। आसपास के जिलों की पुलिस नूंह पहुंच चुकी है। लोगों से अपील है कि वह घरों से बाहर न निकलें ताकि असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जा सके। आम लोग घर पर रहेंगे तो पुलिस-प्रशासन को दंगाइयों से निपटने में आसानी होगी।

हरियाणा के नूंह में ब्रजमंडल यात्रा पर पथराव करते लोग।
नासिर-जुनैद हत्याकांड का आरोपी मोनू मानेसर नहीं आया
बता दें कि एक दिन पहले ही गो रक्षक मोनू मानेसर ने इस यात्रा में अपनी टीम के साथ शामिल होने की जानकारी देते हुए वीडियो जारी किया था।
राजस्थान के भरतपुर की पुलिस टीम मोनू को पकड़ने के लिए नूंह पहुंची थी। भरतपुर के SP मृदुल कच्छावाह ने इसकी पुष्टि की। हालांकि मोनू यहां नहीं आया।
हरियाणा में बजरंग दल के प्रांत गौरक्षा प्रमुख मोनू मानेसर पर राजस्थान में भरतपुर के रहने वाले दो युवकों नासिर और जुनैद की हत्या का आरोप है। इन दोनों को भिवानी में उनकी गाड़ी के अंदर जिंदा जला दिया गया था। मोनू इस केस में वांटेड है।

यात्रा पर पथराव के बाद इलाके में दुकानें बंद कर दी गई हैं। गलियों में इक्का-दुक्का लोग ही नजर आ रहे हैं।
बजरंग दल ने रवाना की थी यात्रा
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की तरफ से हर साल नूंह इलाके में ब्रजमंडल यात्रा निकाली जाती है। यह यात्रा नूंह से शुरू होती है और इसका समापन फिरोजपुर झिरका के गांव सिगार में होता है।
सोमवार सुबह बजरंग दल और गौरक्षा दल ने हरी झंडी दिखाकर नूंह से यात्रा को रवाना किया।

जानिए कल जारी वीडियो में मोनू मानेसर ने क्या कहा…
एक दिन पहले मोनू मानेसर ने वीडियो जारी करके कहा, ”जय गौमाता, जय श्रीराम, मैं आपका भाई मोनू मानेसर, बजरंग दल प्रांत गौरक्षा प्रमुख, हरियाणा से। सभी भाइयों को बड़ी खुशी के साथ बताया जा रहा है कि 31 जुलाई 2023 दिन सोमवार को मेवात ब्रजमंडल यात्रा है। सभी भाई बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मेवात के सभी मंदिरों में जाएं। ज्यादा से ज्यादा संख्या में जाएं। हम खुद यात्रा में शामिल रहेंगे। हमारी पूरी टीम इस यात्रा में शामिल होगी।”
मोनू मानेसर भिवानी में 2 मुस्लिम युवकों को किडनैप कर बोलेरो में जिंदा जलाने के केस में पिछले 5 महीने से फरार है।

इसी बोलेरो गाड़ी में नासिर-जुनैद को जिंदा जलाया गया था।
क्या है नासिर-जुनैद हत्याकांड, जिसमें मोनू मानेसर का नाम
इसी साल 16 फरवरी को हरियाणा के भिवानी में बोलेरो गाड़ी में 2 जली हुई लाशें मिली थीं। छानबीन में पता चला कि यह लाशें राजस्थान के गोपालगढ़ के जुनैद और नासिर की थीं। यह भी पता चला कि उन्हें हरियाणा के कुछ गौरक्षकों ने मिलकर किडनैप किया था। फिर जमकर मारपीट करने के बाद थाने ले गए। हालांकि नासिर-जुनैद की हालत खराब होने की वजह से पुलिस ने कस्टडी में लेने से इनकार कर दिया।
इसके बाद आरोपी पकड़े न जाएं, इसलिए उन्होंने दोनों को भिवानी के लोहारू में बोलेरो गाड़ी में जिंदा जला दिया। इसमें कई गौरक्षकों के नाम सामने आए, जिसमें सबसे प्रमुख नाम मोनू मानेसर उर्फ मोहित यादव का था। हालांकि मोनू ने एक वीडियो जारी करके इनकी हत्या में हाथ होने से इनकार कर दिया था।
उधर, राजस्थान में जुनैद और नासिर के घरवालों ने 15 फरवरी को मोनू समेत 5 लोगों के खिलाफ अपहरण की नामजद FIR दर्ज कराई थी। 22 फरवरी को राजस्थान पुलिस ने 8 आरोपियों की फोटो जारी की, उनमें मोनू का नाम नहीं था। 6 जून को कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में फिर मोनू का नाम शामिल किया गया। उसके बाद से राजस्थान पुलिस के कागजों में मोनू मानेसर फरार बताया जा रहा है।
हरियाणा के नूंह में भड़की हिंसा की PHOTOS

हरियाणा के नूंह में ब्रजमंडल यात्रा को लेकर भड़की हिंसा से पूरा शहर दहशत में है। तिरंगा पार्क से शुरू हुई हिंसा 2 घंटे में पूरे शहर में फैल गई। नूंह शहर की हर सड़कों पर सिर्फ आगजनी ही आगजनी दिखाई दी। 40 से ज्यादा वाहनों को फूंक दिया। दर्जनों घर और मंदिर पर उपद्रवियों पथराव किया
नूंह हिंसा पर हरियाणा ने केंद्र से मदद मांगी:पैरामिलिट्री फोर्स की 3 कंपनियां एयरड्रॉप होंगी; पड़ोसी जिलों में भी अलर्ट

नूंह में दो पक्षों के बीच हुई हिंसा को लेकर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है। इसकी पूरी जानकारी भी केंद्र को दी गई है। जिसके बाद केंद्र नूंह जिले में हिंसा प्रभावित क्षेत्र में 3 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स एयरड्रॉप कर रही है
कौन है मोनू मानेसर, जिसका नाम जुनैद-नासिर हत्या में आया

राजस्थान के 2 मुस्लिम युवक जुनैद-नासिर को बोलेरो गाड़ी में जिंदा जलाने के केस में हरियाणा के मोनू मानेसर का नाम फिर चर्चा में है। ऐसे में सब यह जानना चाहते हैं कि मोनू मानेसर कौन है, जिसका खुफिया नेटवर्क इतना मजबूत है। कैसे वह 8 साल एक साधारण लड़के से हरियाणा में बजरंग दल के गोरक्षा प्रमुख तक की कुर्सी पर पहुंच गया।
मोनू मानेसर के 2 VIDEO :बोला- गौ-तस्करों को मारेंगे, जिंदा काटेंगे; हरियाणा पुलिस सुपर-डुपर, पूरी मदद करती है

राजस्थान के 2 मुस्लिम युवकों नासिर-जुनैद हत्याकांड से चर्चा में आए गौरक्षक मोनू मानेसर के 2 वीडियो सामने आए हैं। पहले में वह गौ-तस्करों को मारने और जिंदा काटने की बात कर रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में वह हरियाणा पुलिस की तारीफ में खूब कसीदे पढ़ते हुए पूरा सहयोग करने की बात कर रहा है
योगी बोले- ज्ञानवापी को मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा; पूछा- त्रिशूल मस्जिद के अंदर क्या कर रहा
CM योगी आदित्यनाथ ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर ज्ञानवापी को मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा। भगवान ने जिसको दृष्टि दी है, वो देखे। त्रिशूल मस्जिद के अंदर क्या कर रहा है? हमने तो नहीं रखे हैं न। ज्योर्तिलिंग हैं, देव प्रतिमाएं हैं। पूरी दीवारें चिल्ला-चिल्लाकर क्या कह रही हैं। उन्होंने कहा- मुस्लिम समाज को ऐतिहासिक गलती दुरुस्त करनी चाहिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी के ASI सर्वे पर रोक लगा रखी है। मामले में कोर्ट 3 अगस्त को फैसला सुनाएगा। काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी केस में 1991 में वाराणसी कोर्ट में पहला मुकदमा दाखिल हुआ था, जिसमें ज्ञानवापी परिसर में पूजा की अनुमति मांगी गई थी। 2019 में वाराणसी कोर्ट में फिर से इस मामले में सुनवाई शुरू हुई, जो अभी भी जारी है।
RPF जवान ने चलती ट्रेन में गोली मारी, 4 की मौत; पहले ASI फिर 3 पैसेंजर्स को शूट किया

आरोपी जवान को मुंबई की बोरीवली पुलिस स्टेशन ले जाती पुलिस। घटना मुंबई से करीब 100 किमी दूर पालघर रेलवे स्टेशन के पास हुई थी।
RPF के एक जवान ने जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस में 4 लोगों को गोली मार दी। जिसमें RPF के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और 3 पैसेंजर्स की मौत हुई है। घटना के वक्त ट्रेन महाराष्ट्र के पालघर रेलवे स्टेशन के पास थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जवान और ASI के बीच समुदाय विशेष पर बहस हो रही थी। इस दौरान उसने फायरिंग कर दी। जवान को उसकी राइफल के साथ अरेस्ट कर लिया गया।
RPF में 74 हजार से ज्यादा जवान हैं। ये फोर्स 6,800 से ज्यादा रेलवे स्टेशन, पैसेंजर ट्रेन और 4 हजार से ज्यादा मालगाड़ियों को सिक्योरिटी मुहैया कराती है। ऐसे में RPF जवान का का फायरिंग करना रेल यात्रियों की सुरक्षा पर ही सवालिया निशान खड़े कर रहा है।
घटना के वक्त ट्रेन गुजरात से महाराष्ट्र जा रही थी। फायरिंग पालघर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के कोच बी-5 में हुई। जवान को उसकी राइफल के साथ अरेस्ट कर लिया गया है।
RPF ने क्या कहा?
आरपीएफ कमिश्नर रवींद्र शिशवे ने कहा कि चार शव अलग-अलग कोच से मिले। दो बॉडी B5, एक पैंट्री कार और एक बी 1 कोच से मिलीं। इस पर अभी जांच के बाद ही नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। उससे पहले कुछ कहना ठीक नहीं।
जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस फायरिंग केस से जुड़े अपडेट्स
- घटना की जांच के लिए RPF के ADG की अध्यक्षता वाली हाईलेवल कमेटी बना दी गई है।
- आरोपी चेतन सिंह को सोमवार रात 11:30 बजे मेडिकल के लिए कूपर अस्पताल ले जाया गया।
- बोरीवली रेलवे पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में गोलीबारी का कारण अज्ञात बताया गया है।

पुलिस आरोपी जवान को बोरीवली रेलवे स्टेशन में पूछताछ करने के लिए ले गई।
आरोपी गुस्सैल और मानसिक रूप से अस्थिर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी कॉन्स्टेबल गुस्सैल और मानसिक रूप से अस्थिर है। कॉन्सटेबल ने मुस्लिमों को लेकर कोई कमेंट किया था, इसका ASI ने विरोध किया। इसी बात पर आरोपी ने उसे गोली मार दी।
इसके बाद तीन यात्रियों की भी हत्या कर दी। वीडियो में सुनाई दे रहा है कि आरोपी कॉन्स्टेबल मुस्लिमों और पाकिस्तान को लेकर कई अपशब्द कह रहा है।
एस्कॉर्ट ड्यूटी पर थे ASI और कॉन्स्टेबल
RPF के मुताबिक, घटना सुबह लगभग 5 बजकर 23 मिनट पर हुई। आरोपी कॉन्स्टेबल चेतन कुमार चौधरी और ASI टीका राम मीणा एस्कॉर्ट ड्यूटी पर थे। चेतन ने टीका राम पर फायरिंग के बाद 3 और यात्रियों को गोली मारी।
इसके बाद वो दहिसर स्टेशन के पास ट्रेन से उतर कर भाग गया था। बाद में उसे हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के लिए बोरीवली पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पूछताछ के बाद फायरिंग की वजह का पता चलेगा।
6 महीने बाद रिटायर होने वाले थे मारे गए ASI
आरोपी शख्स उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले का रहने वाला है। वहीं, मारे गए ASI राजस्थान के सवाई माधोपुर के हैं। वे 6 महीने बाद रिटायर होने वाले थे।
उनके परिजन के लिए 25 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की गई है। परिजन को रेलवे सुरक्षा कल्याण निधि से भी 15 लाख रुपए दिए जाएंगे।
पश्चिमी रेलवे के प्रवक्ता सुमित ठाकुर ने बताया कि परिजन को डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और ग्रुप इंश्योरेंस की रकम भी दी जाएगी। इनके अलावा मारे गए 3 अन्य यात्रियों को भी मुआवजा दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

गोली चलाने वाला कॉन्स्टेबल चेतन (बाएं) और मृतक आरपीएफ एएसआई टीकाराम मीणा (दाएं)।
सूरत से ट्रेन को एस्कॉर्ट कर रही थी RPF टीम
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन जयपुर से दिन में 2 बजे निकली थी। सोमवार रात 2 बजकर 47 मिनट पर ट्रेन सूरत पहुंची। यहां से आरोपी समेत RPF के 4 जवान ट्रेन को एस्कॉर्ट कर रहे थे।
मृतक ASI ट्रेन में एस्कॉर्ट ड्यूटी के इंचार्ज थे। आरोपी जवान RPF की लोअर परेल पोस्ट में अटैच था, वहीं मृतक ASI दादर RPF पोस्ट से अटैच थे।

इस तस्वीर में आरोपी जवान अगली कतार में सबसे बाएं दिखाई दे रहा है।
घटना की तस्वीरें…

फायरिंग में ASI टीका राम मीणा की मौत हो गई।

फायरिंग के दौरान मारा गया एक पैसेंजर। रेलवे ने इसकी पहचान अभी नहीं बताई है।

जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस के बी-5 कोच में फायरिंग हुई।

फायरिंग के चलते ट्रेन की विंडो में छेद हो गया। ट्रेन के फ्लोर पर खून नजर आया।

घटना के बाद ट्रेन के बाहर पुलिसकर्मी तैनात हैं। फायरिंग वाले डिब्बों को बंद कर दिया गया है।
मणिपुर वायरल वीडियो केस, पीड़ित CBI जांच के खिलाफ; SC ने पूछा- हिंसा के बाद कितनी FIR हुईं
मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाए जाने के केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। पीड़ित महिलाओं ने इस मामले की CBI जांच का विरोध किया है। वहीं केंद्र का कहना है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच पर कोई ऐतराज नहीं है। अदालत ने सरकार से पूछा कि 3 मई से चल रही हिंसा की अब तक कितनी FIR दर्ज की गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे गंभीर मसलों के लिए एक मैकेनिज्म बनाना होगा। आज भी इस मामले की सुनवाई होनी है। CJI ने कहा कि मणिपुर मामले में बंगाल और दूसरे राज्यों में महिलाओं के खिलाफ हुई हिंसा का उदाहरण दिया जा रहा है, लेकिन इसका हवाला देकर मणिपुर के मामले को सही नहीं ठहराया जा सकता।
अदालत ने कहा कि यह इकलौती घटना नहीं है। दूसरी महिलाओं के साथ भी ऐसा हुआ। हमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे गंभीर मसले के लिए एक मैकेनिज्म बनाना होगा। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार (1 अगस्त) को भी इस मामले की सुनवाई करेगा।
दो पीड़ित महिलाओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस मामले की CBI जांच का विरोध किया। कुकी समुदाय की ओर से वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्वेज ने कहा कि इस मामले की जांच SIT करे। इसमें रिडायर्ड डीजीपी को शामिल किया जाए।
सभी पीड़ित महिलाओं की ओर से वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच एक हाई पावर कमेटी करे। इनमें ऐसे केस देखने वाली महिलाओं को शामिल किया जाए।
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच सुनवाई कर रही है। पिटीशन में पीड़ित महिलाओं की पहचान जाहिर नहीं की गई है। उन्हें X और Y नाम से संबोधित किया गया है।
FIR पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल, केंद्र का जवाब
सुप्रीम कोर्ट- घटना 4 मई को हुई और FIR 18 मई को दर्ज की गई। 14 दिन लग गए जीरो FIR दाखिल करने में? पुलिस कर क्या रही थी?
केंद्र सरकार- सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट चाहे तो मॉनिटरिंग कर सकती है। यहां हो या वहां, जो कुछ भी सामने आ रहा है, भयानक ही है।

इमेज महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाए जाने की घटना की है। ये घटना 4 मई को हुई और वीडियो 19 जुलाई को सामने आया था।
कोर्ट रूम में किसने क्या कहा…
याचिकाकर्ता: वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि यह साफ है कि पुलिस उन लोगों के साथ मिलकर काम कर रही है, जो महिलाओं के खिलाफ हिंसा की साजिश कर रहे हैं। पुलिस इन महिलाओं को ले गई और भीड़ में छोड़ दिया। इसके बाद भीड़ ने वो किया, जो सामने आया है।
दोनों में से एक के पिता और भाई को कत्ल कर दिया गया। अभी तक उन्हें बॉडी नहीं मिली है। जीरो FIR दर्ज की गई और वो भी 18 मई को। जब कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की तो कुछ हुआ। हमारे पास अब किसका भरोसा है? ऐसी कई घटनाएं हुई हैं।
केंद्र सरकार: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट यह मामला देखता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है।
याचिकाकर्ता: साफ है कि ऐसे कई वाकये हुए हैं। हम CBI जांच के खिलाफ हैं। हम चाहते हैं कि एक स्वतंत्र एजेंसी इसकी जांच करे। लॉ ऑफिसर या अटॉर्नी जनरल निगरानी कैसे करेंगे और क्या निगरानी करेंगे? और अगर कोई पक्षपात हुआ तो?
. चांद की तरफ चंद्रयान-3 का एक और कदम; 5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंचेगा

इसरो के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 को पृथ्वी की ऑर्बिट से चांद की तरफ भेजा है। इसे ट्रांस लूनर इंजेक्शन कहा जाता है। इससे पहले चंद्रयान ऐसी अंडाकार कक्षा में घूम रहा था, जिसकी पृथ्वी से सबसे कम दूरी 236 किमी और सबसे ज्यादा दूरी 1 लाख 27 हजार 609 किमी थी। चंद्रयान 5 अगस्त को चंद्रमा की ऑर्बिट में पहुंचेगा और 23 अगस्त को लैंड करेगा।
अगर सॉफ्ट लैंडिंग में सफलता मिली यानी मिशन सक्सेसफुल रहा तो अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इस मिशन के जरिए भारत दुनिया को बताना चाहता है कि उसके पास चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने और रोवर को वहां चलाने की काबिलियत है। इससे दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ेगा जो कॉमर्शियल बिजनेस बढ़ाने में मदद करेगा।
रूस के पूर्व राष्ट्रपति ने यूक्रेन को परमाणु हमले की धमकी दी; कहा- अंत में यही रास्ता बचेगा

व्लादिमिर पुतिन और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव। मेदवेदेव रूसी सिक्योरिटी काउंसिल के चेयरमैन भी हैं।
प्रेसिडेंट व्लादिमिर पुतिन के स्पेशल एडवाइजर और रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने यूक्रेन को परमाणु हमले की धमकी दी है। मेदवेदेव ने कहा- अगर यूक्रेन इसी तरह जवाबी हमले करता रहा और उसने नाटो के साथ मिलकर हमारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की तो फिर हमें मजबूरी में न्यूक्लियर वेपन्स इस्तेमाल करने पड़ेंगे।
मेदवेदेव ने फरवरी में कहा था कि अगर रूस चाहे तो चंद दिनों में जंग खत्म कर सकता है। उनका इशारा एटमी हथियारों के इस्तेमाल की तरफ था। फरवरी और अप्रैल में खुद पुतिन भी एटमी हथियारों के इस्तेमाल की बात कह चुके हैं। मेदवेदेव के बयान से पता चलता है कि जंग अगर यूक्रेन के फेवर में जाने लगी तो रूस उस पर एटमी हमला करेगा।
करीब डेढ़ साल से चल रही रूस-यूक्रेन जंग में अब परमाणु हमले का खतरा है। प्रेसिडेंट व्लादिमिर पुतिन के स्पेशल एडवाइजर और रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने यूक्रेन को परमाणु हमले की धमकी दी है।
मेदवेदेव ने कहा- अगर यूक्रेन इसी तरह जवाबी हमले करता रहा और उसने नाटो के साथ मिलकर हमारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की तो फिर हमें मजबूरी में न्यूक्लियर वेपन्स इस्तेमाल करने पड़ेंगे।
रूस की तरफ से यूक्रेन पर एटमी हमले की धमकी पहली बार नहीं दी गई है। फरवरी और अप्रैल में खुद पुतिन कह चुके हैं कि अगर अमेरिका और नाटो यूक्रेन की मदद करते रहे तो रूस एटमी हथियारों समेत तमाम ऑप्शंस इस्तेमाल करेगा।
इस धमकी की वजह क्या है
- एटमी हथियार इस्तेमाल करने की धमकी का जवाब मेदवेदेव ने खुद दिया और इससे पता चलता है कि यूक्रेनी फौज अब रूसी सेना पर भारी पड़ने लगी है। मेदवेदेव ने कहा- अगर यूक्रेन की तरफ से जारी हमले कामयाब होते रहे तो हम एटमी हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। मेदवेदेव ने यह बात सोशल मीडिया पर कही।
- उन्होंने कहा- जरा सोचिए, अगर हमारे सैनिकों को पीछे हटना पड़ा तो क्या होगा। यूक्रेन को अमेरिका और नाटो की तरफ से खुली मदद मिल रही है। अगर वो हमारी जमीन छीनने की कोशिश करते हैं या रूस के टुकड़े करने की कोशिश करते हैं तो हमें न्यूक्लियर वेपन्स इस्तेमाल करने ही होंगे।
- मेदवेदेव का बयान इस बात की पुष्टि करता है कि जंग अगर यूक्रेन के फेवर में जाने लगी तो रूस उस पर एटमी हमला करेगा। यहां ये जान लेना भी जरूरी है कि मेदवेदेव रूसी सिक्योरिटी काउंसिल के चेयरमैन भी हैं।

दिमित्री मेदवेदेव 2008 से 2012 तक रूस के राष्ट्रपति रहे। इसके बाद 2012 से 2020 तक वो प्रधानमंत्री रहे और इस वक्त नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चेयरमैन हैं। (फाइल)
हमारी कामयाबी की दुआ करें दुश्मन
- रूस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा- मेरी बात को सिर्फ एक लिहाज से देखें और समझें कि अगर रूस के खिलाफ हालात बने तो हमारे पास कोई और रास्ता नहीं बचेगा। लिहाजा, अगर इससे बचना है तो हमारे दुश्मनों को भी जंग में हमारी कामयाबी की दुआ करनी चाहिए। दुनिया को इस वक्त मिलकर सिर्फ ये सोचना चाहिए कि एटमी जंग से कैसे बचा जाए।
- मेदवेदेव के बयान का एक टेक्निकल बेस भी है। दरअसल, एटमी हथियारों के इस्तेमाल को लेकर रूस की अपनी एक रूल बुक या डॉक्ट्रिन है। इसके मुताबिक अगर पारंपरिक जंग के दौरान देश के वजूद पर आंच आती है तो मौजूदा सरकार एटमी हथियार का इस्तेमाल कर सकती है।

रूस ने पिछले दिनों यूक्रेन के साथ की गई ग्रेन डील भी खत्म कर दी थी। इसका सीधा असर ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ेगा और अफ्रीकी देशों में भुखमरी का खतरा पैदा हो जाएगा।
बयान की टाइमिंग अहम
- हालिया वक्त में वेस्टर्न मीडिया ने कई बार दावा किया कि यूक्रेन की फौज बहुत तेजी उन इलाकों को वापस ले रही है, जिन पर रूस ने शुरुआत में कब्जा कर लिया था। हालांकि पुतिन ने पिछले हफ्ते कहा था कि जंग में रूस का पलड़ा बहुत भारी है और 4 जून के बाद उसे काफी नुकसान हुआ है।
- दूसरी तरफ, यूक्रेन के प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने कहा था- हमने जीत की डगर पर कदम बढ़ा दिए हैं और बहुत जल्द हमारी फौज उन इलाकों को हासिल कर लेगी, जिन पर रूस ने कब्जा किया है।
- मेदवेदेव ने कुछ महीने पहले अमेरिका को भी सीधी धमकी दी थी। उन्होंने कहा था- अगर यूक्रेन से जंग में रूस की हार हुई तो अमेरिका में सिविल वॉर छिड़ जाएगा और इसके बाद न्यूक्लियर वॉर भी होगा। ऐसा कोई हथियार नहीं है, जो रूस के पास न हो। हमने अब तक खतरनाक हथियारों का यूज किया ही नहीं, रूस आज भी जंग को चंद दिनों में खत्म कर सकता है, लेकिन हम अपनी जिम्मेदारी समझते हैं।





