आओ दीए जलाएं
समता के,
समानता के,
जनतंत्र के,
गणतंत्र के,
आओ रोशन करें
नफरत भरे दिमागों को,
अंधेरी बस्तियों को,
घनघोर अंधेरों को,
बुझा दिए गए दियों को,
आओ दिए जलाएं
धर्मनिरपेक्षता के,
समाजवाद के,
भाई-चारे के,
इंकलाब के,आओ रोशन करें
बंद और कुंद दिमागों को,
असमानता के शासन को,
भुलाएं वादों और नारों को,
मार दिए गए भाईचारे को,
आओ दिए जलाएं
मोहब्बत के,
इंसाफ के,
दोस्ती के,
इंसानियत के
मुनेश त्यागी,जनकवि और सीनियर ऐडवोकेट,मेरठ कोर्ट,मेरठ, संपर्क- 98371 51641
संकलन-निर्मल कुमार शर्मा,'गौरैया एवम् पर्यावरण संरक्षण ', गाजियाबाद, उप्र




