आरती शर्मा
_कईयों से सेक्स करवाने, योनि में बाहरी सामान डालने, बार-बार डिलीवरी या अवार्शन और मेनोपॉज़ के कारण योनि ढीली हो जाती है. तब स्त्री क़ो सेक्स में आनंद नहीं मिलता. उसे लगता है की लम्बा – मोटा लिंग मिले तो काम चले, लेकिन योनि लूज है तो कैसा भी लिंग अर्थहीन सावित होता होता. ऐसी योनि पुरुष क़ो भी कोई आनंद नहीं देती._
पेल्विक फ्लोर यानी कील एक्सरसाइज़ योनि में किंचित कसाव लाती है. मेडिटेटिव मसाज थेरेपी बेहतर रिजल्ट देती है. यह निरापद यानि साइड-इफेक्ट रहित ऑप्शन है. महंगा भी नहीं है. ज्यादातर मामलों में चेतना मिशन इसी पद्धति का उपयोग करता है, वह भी निःशुल्क.
सर्जरी परमानेंट इलाज है. पेरीनियल रिपेयर विधि द्वारा योनि में कसाव लाया जा सकता है. यह बहुत ही छोटी व आसान-सी विधि है. इसके अलावा कीहोल सर्जरी द्वारा यूटेरस को फिक्स किया जा सकता है.
गर्भाशय के बीच में अंदर की ओर फायब्रॉइड हो तो यह माहवारी के समय बहुत तकलीफ़ देता है. आधुनिक टेकनीक के चलते अब हीस्टिरोस्कोपिक व लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (कीहोल सर्जरी) द्वारा फायब्रॉइड को आसानी से हटाया जा सकता है.
आप चाहें तो इस ट्रीटमेंट का सहारा ले सकती हैं. ऐसे केस में यदि महिला की उम्र कम हो तो कोशिश की जानी चाहिए कि यूटेरस को बगैर हटाए फायब्रॉयड को निकाला जा सके.
लेजर वेजाइनल टाइटनिंग एक नॉन-सर्जिकल प्रक्रिया है जो योनि के ढीलेपन को दूर कर उसकी प्राकृतिक कसावट को वापस लाता है.
योनि का ढीलापन महिलाओं के जीवन को कई तरह से प्रभावित करता है। योनि में ढीलापन होने के कारण महिलाएं अपना आत्मविश्वास खो देती हैं। क्योंकि सेक्स के दौरान पुरुष अधिक रूचि या रोमांस नहीं दिखाते हैं।
लेजर वेजाइनल टाइटनिंग सर्जरी की मदद से योनि की नेचुरल इलास्टिसिटी को बहुत ही आसानी से फिर से वापस लाया जा सकता है।वेजाइनल टाइटनिंग की सर्जिकल प्रक्रिया 4-5 सेशंस में पूरी होती है। एक सेशन को पूरा होने में लगभग 20 मिनट का समय लगता है और एक से दूसरे सेशन के बीच लगभग 25 दिनों का अंतराल होता है।
इस मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान मरीज को कट या टांके नहीं आते हैं और ब्लीडिंग तथा दर्द नहीं होता है। साथ ही, मरीज को हॉस्पिटलाइजेशन और बेड रेस्ट की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है।
इस सर्जरी की मदद से योनि के ढीलेपन को दूर कर योनि को टाइट और जवान बनाने के साथ-साथ यूरिनरी लीकेज, योनि का ढीलापन, योनि में सूखापन, योनि में खुजली या योनि की असंवेदनशीलता जैसी समस्याओं को भी बहुत ही आसानी से दूर किया जा सकता है।





