सुसंस्कृति परिहार
ये वही जून 2023की पटवारी परीक्षा है जिसकी भर्ती पर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने लगाई थी। हाल ही में मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की जांच में सरकार को क्लीन चिट मिल गई है। सरकार की तरफ से पटवारी परीक्षा के जारी रिजल्ट के अनुसार भर्ती करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। आदेश के मुताबिक होल्ड किए गए ग्रुप 2 और सब ग्रुप 4 के परिणाम भी जल्द घोषित किए जाएंगे। विदित हो इस परीक्षा पर कई संगीन आरोप लगे जिसे जानकर शिवराज सिंह ने जांच के आदेश दिए थे। लोकसभा चुनाव आते ही जांच रिपोर्ट आती है और रुके रिजल्ट भी आ जाएंगे इतना उतावला पन आखिरकार क्यों ?

यह ख़बर मिलते ही पटवारी परीक्षार्थियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया तथा लाखों परीक्षार्थियों ने अपने अपने जिले के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इन भर्तियों को रोकने और सीबीआई जांच की मांग की। हालांकि विश्वगुरु की बात कौन टाल सकता है। सीबीआई भी उनके आधीन है।
ज्ञातव्य हो,जुलाई 23 में प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एमपी पटवारी भर्ती पर मचे हाहाकार के बाद इस पर रोक लगा दी है। मामला ये है कि बीती 30 जून को मध्य प्रदेश इंप्लॉइज सेलेक्शन बोर्ड ने एमपी पटवारी भर्ती परीक्षा 2023 के जो नतीजे जारी किए इन नतीजों में टॉप करने वाले 7छात्र भाजपा विधायक संजीव सिंह कुशवाह के एन आर आई कॉलेज के सेंटर के थे।दो भोपाल और एक सागर का था । इसलिए परिणाम को दोबारा परीक्षण के लिए कमेटी को दिया गया।कितना आश्चर्य जनक है दस में से सात कैंडिडेट एक ही सेंटर के टाप हों।
व्यापम स्कैम के आरोप लगने पर मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया और कहा ,था कि ‘ग्रुप 2, सब – ग्रुप – 4 और पटवारी रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन पर स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड ने सवाल खड़े किए हैं। मैं इस परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्तियों को रोकता हूं. इस सेंटर का रिजल्ट फिर से चेक किया जाएगा। ये जानकारी सामने आने के बाद उम्मीदवारों ने कई सवाल उठाए और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर शंका जाहिर की। मामला बढ़ने पर ही रोक लगी। इस रिजल्ट को कैंडिडेट्स ने स्वीकार नहीं किया और गड़बड़ी का आरोप लगाया. उनका कहना था कि इन कैंडिडेट्स ने एग्जामिनेशन फॉर्म हिंदी में साइन किया और इन्होंने क्वैश्चन पेपर इंग्लिश में आंसर किए।ये परीक्षा मध्य प्रदेश इंप्लॉइज सेलेक्शन बोर्ड जिसे पहले प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के नाम से जानते थे या जिसे व्यावसायिक परीक्षा मंडल भी कहते हैं के द्वारा आयोजित की गई है।
इस परीक्षा के रिजल्ट खुलने के बाद तथाकथित टापर्स से मिलने जब ग्वालियर के पत्रकार पहुंचे तीन लोग दुबक गए जिन चार से मुलाकात हुई उसमें इन मेधावियों से जो सामान्य सवाल पूछे गए तो मूर्खों की तरह हंसते टालते रहे और कुछ ने जो जवाब दिए वो तमाम गलत थे।ये सवाल वही थे जो परीक्षा में आए थे।उनके रंग ढंग आप यू ट्यूब में मौजूद बातचीत में देख सकते हैं। वास्तव में तो इसे उच्च शिक्षा विभाग में रहे होनहार मुख्यमंत्री डा मोहन यादव जी को भी देखना चाहिए ताकि एकदम अयोग्य लोगों की भर्ती रोकी जा सके।वे प्रशासन का हिस्सा बनेंगे इससे प्रदेश शर्मसार होगा। उम्मीद की जा रही है वर्तमान सरकार इसकी निष्पक्ष सीबीआई जांच करवाएगी।
कुछ लोगों का इस भर्ती के बारे कहना है कि अब तो इस बात को आसानी से समझा जा सकता है कि भाजपा विधायक दागदार हो ही नहीं सकता।आखिर वह चुनाव के वक्त काम आएगा और इधर देखिए इस भर्ती से तकरीबन नौ हजार लोगों को रोजगार मिलेगा तथा प्रदेश सरकार को वाहवाही मिलेगी और वोट भी लेकिन यह दांव पटवारी परीक्षार्थियों की एकजुटता के कारण संभव है उल्टा पड़ जाए क्योंकि युवा अब जाग रहे हैं और आंदोलन रत कर्मचारी लाखों में हैं।





