भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार नये उद्यमियों को सबसे ज्यादा अवसर देने के लिए अपनी उद्योग नीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. इस बदलाव के लिए सरकार और डिक्की के बीच मंथन होगा. सरकार का टारगेट है कि उद्योग नीति में बदलाव से सबसे निचले तबके को उनका हक मिल सके.

–
भोपाल में आज हुई दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) की नेशनल काउंसिल मीटिंग में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा देश में एससी-एसटी उद्यमिता विकास में डिक्की का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है. मैं अपने अनुसूचित जाति और जनजातीय भाइयों और उनके परिवारों का हर तरह से विकास करना चाहता हूं. इस मंच से यहां उपस्थित डिक्की के सदस्यों से कहना चाहता हूं कि आइए साथ बैठ कर बात कर योजना बनाते हैं और धरातल पर उतारते हैं. ऐसी योजना जो व्यवहारिक हो और जिससे इन दोनों वर्गों के युवाओं को उद्यमिता के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलें.
व्यक्ति को मंच देने की जरूरत…
एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा कहा आखिरी छोर के व्यक्ति को सबसे आगे लाने का प्रयास होना चाहिए. एससी-एसटी वर्ग में उद्यमिता विकास के लिए डिक्की बेहतर कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा हम केवल कहना नहीं बल्कि उसे करने में विश्वास रखते हैं. हुनर और कला हर व्यक्ति में होती है, बस मंच देने की आवश्यकता होती है. सही मार्गदर्शन मिल जाए तो फिर सफलता खुद आती है। हमने हमेशा अपने अनुसूचित जाति और जनजातियों के लिए कार्य किया है. कलस्टर विकास जैसी योजनाएं चल रही हैं.
जनजातियों को मौका मिले..
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री मंत्री बिसाहु लाल सिंह ने कहा हमारे प्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों में बहुत संपदा है, मगर इनका दोहन जनजातीय लोग नहीं करते हैं. हमारा प्रयास है कि आने वाले समय में जब इन क्षेत्रों में कोई भी कार्य शुरू हो तो उसमें यहीं के लोग काम करें न कि बाहर के लोग आएं. हम अपने जनजातीय लोगों को प्रशिक्षित करेंगे ताकि उन्हें उनके क्षेत्र में ही रोजगार मिल सके.





