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मध्यप्रदेश फिसड्डी: देश के दस शीर्ष जिलों में नहीं मिला प्रदेश को स्थान

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भोपाल। मध्यप्रदेश में भले ही सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (एमएसएमई) का नया विभाग गठित कर दिया गया है, लेकिन देश के शीर्ष दस जिलों में मप्र का कोई जिला स्थान बनाने में कामयाब नहीं हो सका है। केन्द्र सरकार द्वारा इसकी रेंटिंग नए उद्यम रजिस्ट्रेशन के आधार पर की गई है।

दरअसल देश में अब तक  इस सेक्टर में कुल 13 लाख 47 हजार उद्योग रजिस्टर्ड हैं, जिनमें 1 करोड़ 48 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इस मामले में अब भी मप्र अन्य राज्यों की तुलना में फिसड्डी बना हुआ है। यही वजह है कि देश के सर्वाधिक एमएसएमई वाले शीर्ष दस जिलों में मप्र के किसी भी जिला का नाम नहीं आ पाया है। अगर प्रदेशों की  तुलना की जाए तो जरूर मप्र का काम संतोषजनक है। सर्वाधिक उद्योगों की सूची में मप्र का स्थान सातवां है। मप्र में कुल 48 हजार 990 उद्योग रजिस्टर्ड हुए हैं और 3 लाख 89 फीसदी महिलाएं व शेष अन्य द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि रोजगार देने के मामले में भी मप्र शीर्ष 10 राज्यों की सूची में जगह नहीं बना पाया है। इस मामले में सवा तीन लाख रजिस्टर्ड उद्योगों की वजह से महाराष्ट्र पहले स्थान पर है। इसके बाद तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान, यूपी और कर्नाटक का स्थान आता है। इसी तरह से इस सेक्टर में सर्वाधिक रोजगार भी महाराष्ट्र प्रदेश में ही दिया जा रहा है। वहां पर 24 लाख से अधिक लोग इस सेक्टर में काम कर रहे हैं।

पुणे का पहला स्थान

रजिस्टर्ड उद्योगों के मामलों में पहले स्थान पर महराष्ट्र का पुणे जिला पहले स्थान पर है। इस जिले में कुल 51हजार रजिस्टर्ड उद्योग है। इसमें मप्र से एक भी जिला नहीं है। महाराष्ट्र से चार तो गुजरात व तमिलनाडु से दो-दो जिले व राजस्थान व कर्नाटक का एक -एक जिला शीर्ष दस में शामिल है। उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन तभी होता है जब वह आधार से लिंक कराता है, तभी नंबर जारी होता है। यही नंबर अब उद्योगपति को बैंक लोन लेने में लगता है। आधार नंबर से लिंक होने पर कारोबारी का पैन व जीएसटीएन भी लिंक हो जाता है, इससे विभाग के पास उसके उद्योग, टर्नओवर आदि की सभी की जानकारी का डेटा आ जाता है।

मप्र की यह है स्थिति

कुल रजिस्टर्ड एमएसएमई उद्योग 48990
माइक्रो इंडस्ट्री         45858
स्मॉल इंडस्ट्री          2758
मीडियम इंडस्ट्री      374

कुल रोजगार- तीन लाख 89 हजार 604  इसमें 18 फीसदी यानी 70 हजार महिलाएं भी उद्योग से जुड़ी हैं। करीब तीन लाख पुरुष व शेष अन्य द्वारा संचालित हैं।

यह  है एमएसएमई की नई परिभाषा

माइक्रो जिनका प्लांट, मशीनरी में अधिकतम एक करोड़ निवेश और टर्नओवर पांच करोड़ तक हो।

स्मॉल: जिनका प्लांट, मशीनरी में अधिकतम दस करोड़ निवेश और टर्नओवर 50 करोड़ के भीतर हो।ंमध्यम: जिनका प्लांट, मशीनरी में अधिकतम 50 करोड़ निवेश व टर्नओवर 250 करोड़ के भीतर हो।

Ramswaroop Mantri

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