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अहमदाबाद में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान बालकनी गिरी: एक युवक की मौत, आगरा में रथयात्रा में भगदड़

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अहमदाबाद

अहमदाबाद के दरियापुर काडियानाका रास्ते में मंगलवार को एक इमारत की दूसरी मंजिल की बालकनी का हिस्सा गिर गया। इसकी चपेट में आकर रथयात्रा के दर्शन कर रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई। 3 बच्चों समेत 10 लोग घायल हुए हैं जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है।

अहमदाबाद के जमालपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा सुबह 7.40 बजे निकली थी। शाम 5 बजे तीनों रथ दरियापुर पहुंचे। यहां इन्हें एक मंदिर के पास करीब 15 मिनट रोका गया। पूजा-अर्चना के बाद ये रवाना हुए। जब ये कडियानाका इलाके में पहुंचे तो यह हादसा हो गया। हालांकि, अब रथयात्रा कडियानाका से रवाना हो गई है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

महानगर पालिका की भी लापरवाही
इस हादसे के पीछे अहमदाबाद महानगर पालिका की लापरवाही भी सामने आई है। रथ यात्रा मार्ग के सभी खतरनाक और जर्जर घरों को नोटिस दिया जाना था। लेकिन जांच के बाद भी इस मकान के लिए कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा था तब महानगर पालिका की टीम नोटिस लेकर घर पहुंच गई।

हादसे के बाद की स्थिति

इसी बिल्डिंग की बालकनी रथयात्रा के दौरान गिरी।

इसी बिल्डिंग की बालकनी रथयात्रा के दौरान गिरी।

हादसे के फौरन बाद घर के मालिक को महानगर पालिका की टीम ने नोटिस दिया।

हादसे के फौरन बाद घर के मालिक को महानगर पालिका की टीम ने नोटिस दिया।

हादसे के बाद मौके पड़ा मलबा। गनीमत रही कि ये बड़े पत्थर किसी के सिर पर नहीं गिरे।

हादसे के बाद मौके पड़ा मलबा। गनीमत रही कि ये बड़े पत्थर किसी के सिर पर नहीं गिरे।

हादसे के बाद मौके पर भगदड़ की स्थिति बन गई।

हादसे के बाद मौके पर भगदड़ की स्थिति बन गई।

रथयात्रा के लिए सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे भीड़ यात्रा में न घुसे।

रथयात्रा के लिए सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे भीड़ यात्रा में न घुसे।

अहमदाबाद में देश की दूसरी सबसे बड़ी जगन्नाथ रथ यात्रा
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा मंगलवार को देशभर में निकाली जा रही है। ओडिशा के पुरी में होने वाली रथयात्रा के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा अहमदाबाद के जमालपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में होती है। गृहमंत्री अमित शाह ने सुबह जमालपुर जगन्नाथ मंदिर में परिवार समेत मंगला आरती की।

अहमदाबाद में रथयात्रा सुबह 7 बजे शुरू हुई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पाहिंद विधि कर रथ यात्रा की शुरुआत की। इससे पहले सुबह 4.30 बजे भगवान को खिचड़ा हुआ। 6.30 बजे भगवान की तीनों मूर्तियों को रथ में विराजमान किया गया।

अहमदाबाद में जगन्नाथ रथ यात्रा की तस्वीरें…

भगवान जगन्नाथ मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती हुई। अमित शाह भी परिवार सहित शामिल हुए।

भगवान जगन्नाथ मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती हुई। अमित शाह भी परिवार सहित शामिल हुए।

सुबह 6.30 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथ में बैठाया गया।

सुबह 6.30 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथ में बैठाया गया।

सुबह सात बजे जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू हुई। मंदिर परिसर का एरियल व्यू।

सुबह सात बजे जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू हुई। मंदिर परिसर का एरियल व्यू।

अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर का एरियल व्यू।

अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर का एरियल व्यू।

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दर्शन करने के लिए भक्त काफी संख्या में पहुंचे।

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दर्शन करने के लिए भक्त काफी संख्या में पहुंचे

आगरा में जगन्‍नाथ रथयात्रा में भगदड़:महिलाओं-बच्चों समेत 25 लोग रथ के नीचे दबे

आगरा से बड़ी खबर है। यहां जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान अचानक भगदड़ मच गई। महिलाओं और बच्चों समेत करीब 25 लोग रथ के नीचे दब गए। चीख-पुकार मच गई। बड़ी मुश्किल से सभी को बाहर निकाला गया। लोगों को हल्की चोटें आई हैं।

मंगलवार को बल्केश्वर महादेव मंदिर से जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जा रही है। रथ यात्रा में शामिल होने के लिए महादेव मंदिर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। मंदिर के मुख्य गेट पर रथ खड़ा था। रथ के बिल्कुल पास एक छोटा मंच बना था। जिस पर ढोल ताशे बज रहे थे।

सैकड़ों भक्त रथ को खींचने के लिए रस्सा हाथ में लेकर खड़े थे। अचानक रस्सा खींचने से रथ आगे बढ़ गया, जिससे रथ और मंच के बीच में खड़ी महिलाएं, बच्चे और अन्य लोग नीचे दब गए। चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद लोग रथ को रोकने के लिए दौड़े।

रथ को पीछे की ओर धकेला। तब जाकर नीचे दबे लोगों को बाहर निकला जा सका। रेस्क्यू की गई महिला श्रद्धालु ने कहा कि वो नीचे आ गई थीं। वो तो अंतिम समय पर रथ रुक गया, नहीं तो गंभीर चोट आती।

भीड़ अधिक होने से रथ के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने में काफी दिक्कत हुई।लोगों ने मिलकर रथ को उठाया, तब जाकर नीचे दबी महिलाएं रेंगकर बाहर निकलीं।रथ को पीछे धकेल कर लोगों को बमुश्किल बाहर निकाला गया।

गनीमत रही नहीं हुआ बड़ा हादसा
लोगों के दबने से वहां मौजूद कार्यकर्ताओं के हाथ पांव फूल गए। गनीमत रही कि समय रहते रथ को और आगे बढ़ने से रोक लिया गया। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हैं।

दोपहर 2 बजे ही जुट गई थी भीड़
रथ यात्रा में शामिल होने के लिए दोपहर 2 बजे से भक्तों की भीड़ जुट गई थी। शाम 4 बजे तक बल्केश्वर महादेव मंदिर रोड पूरी तरह से भक्तों से भर गया था। भक्त ढोल नगाड़ों की थाप पर झूम रहे थे। महादेव मंदिर से रथ यात्रा शुरू होकर बल्केश्वर चौराहा, चांदनी चौक, सिटी मॉल, न्यू आदर्श नगर, पानी की टंकी, महाराजा अग्रसेन मार्ग होते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर पर पहुंचेगा।

  • काशी की रथयात्रा के बारे में …

20 फीट ऊंचे रथ पर सवार होकर निकले जगन्नाथ:साथ में हैं बलभद्र और सुभद्रा, भक्तों ने केशरिया पेड़ा-राजभोग का लगाया भोग

काशी में लक्खा मेले की शुरुआत हो चुकी है। हर ओर रथयात्रा मेले की धूम है। परंपरा के तौर पर काशीराज परिवार के कुंवर अनंत नारायण सिंह ने भगवान जगन्नाथ जी की पूजा अर्चना के बाद रथ को दो पग खींचा। इसी के साथ राजातालाब में भी रथयात्रा का मेला शुरू हो गया।

14 पहियों वाले 20 फीट चौड़े और 18 फीट लंबे सुसज्जित रथ पर भगवान सवार हैं। रथ का शिखर 20 फीट ऊंचा है। जिसका भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलदाऊ और बहन सुभद्रा को आज परंपरा के तौर परवल की मिठाई, केशरिया पेड़ा, राजभोग, आम, नानखटाई का भोग लगाया। आज से शुरू होने वाला लक्खा मेला 3 दिन तक चलेगा। यहां पूर्वांचल और बिहार के करीब 4 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं। यह मेला 221 साल से लगातार जारी है।

काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह ने पारंपरिक तौर पर राजातालाब में रथयात्रा मेले की शुरुआत की।

दोपहर को रथयात्रा निकलने पर श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।

रथयात्रा में शामिल भक्त भक्त दीपक जलाकर पूजा-पाठ कर रहे हैं।

सोमवार की आधी रात परंपरागत तरीके से बेनी के बगीचे में भगवान जगन्नाथ, भाई बलदाऊ और बहन सुभद्रा की मंगला आरती की गई। इसके बाद उनकी प्रतिमा को रथ पर विराजमान किया गया। यहां से रथ यात्रा मेले की आधिकारिक शुरुआत हो गई।

रविवार को खुले थे भगवान जगन्नाथ के पट
इससे पहले अस्सी घाट स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के पट रविवार को ही खुल गए थे। ट्रस्ट जगन्नाथजी के सचिव आलोक शापुरी ने बताया, ”15 दिन की बीमारी और बेड रेस्ट के बाद भगवान फिर से भक्तों को दर्शन दिए। रविवार 18 जून को अस्सी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में विराजमान प्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलदाऊ और बहन सुभद्रा का भव्य श्रृंगार किया गया था।”

Ramswaroop Mantri

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