भोपाल। कांग्रेस द्वारा इंदौर में जिस तरह से अपने विधायक संजय शुक्ला को महापौर पद का प्रत्याशी घोषित किया गया है, उससे भाजपा का प्रदेश संगठन भी अब अपनी प्रत्याशी चयन की गाइड लाइन को बदलने को मजबूर हो गई। यही वजह है कि अब माना जा रहा है कि प्रदेश के दो महत्वपूर्ण शहरों में शामिल भोपाल व इंदौर में भी भाजपा अपने दो विधायकों पर दांव लगाने की तैयारी कर रही है। इनमें इंदौर से रमेश मेंदोला और भोपाल से कृष्णा गौर का नाम तय माना जा रहा है। अगर इस मामले में कोई बड़ा पेंच नहीं आया तो यह नाम लगभग तय हैं। इसके संकेत मिलना शुरू हो गए हैं। यही वजह है कि इन दोनों ही विधायकों द्वारा अंदर ही अंदर अपने स्तर पर इस चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
दरअसल इंदौर में कांगे्रस द्वारा पिछले दिनों संजय शुक्ला के नाम की घोषणा की गई थी, उसके बाद जिस तरह से उनके द्वारा चुनावी तैयारियों की जा रही हैं, उससे भाजपा पर इस सीट को लेकर मनौवैज्ञानिक दबाब बना हुआ है। शुक्ला के प्रत्याशी घोषित होने की वजह से इस बार यह सीट भाजपा के लिए मुश्किल मानी जाने लगी है। इसकी वजह है शुक्ला के पक्ष में कई तरह के समीकरणों का अनुकूल होना। यही वजह है कि भाजपा को अब इस मामले में अपनी रणनीति बदलनी पड़ रही है। इंदौर में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से विधायक रमेश मेंदोला की दावेदारी बेहद मजबूत हो चुकी है। इसकी वजह है वे भाजपा के ऐसे विधायक हैं, जो हर चुनाव में पहले से अधिक मतों से जीत का रिकार्ड बना रहे हैं। यही नहीं प्रदेश में बीते चुनाव में सबसे अधिक मतों से जीत का रिकार्ड भी मेंदोला के नाम ही हो चुका है। वर्तमान में वे ही ऐसे नेता हैं, जो कांग्रेस प्रत्याशी के लिए न केवल मुश्किल बनेंगे, बल्कि उसे हराने की भी क्षमता रखते हैं। यही नहीं बीते कई सालों से उनकी मंत्रिमंडल में शामिल होने की भी मजबूत दावेदारी बनी हुई है, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगती रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब अधिक दिनों तक उनकी उपेक्षा नहीं की जा सकती है। मेंदोला को इंदौर की राजनीति में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का बेहद करीबी माना जाता है। यही वजह है कि अब संगठन भी मेंदोला के पक्ष में दिखना शुरू हो गया है। बीते रोज जिस तरह से पार्टी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने अपने इंदौर प्रवास के दौरान एक कार्यक्रम में मेंदोला को हाथ पकड़कर पास बुलाया और उनका स्वागत कराया उसके राजनैतिक मायने निकाले जा रहे हैं। यही नहीं इस दौरान उनके द्वारा जिस तरह से मीडिया से चर्चा में स्पष्ट रूप से यह कहा कि मेयर पद का टिकट विधायक और पूर्व विधायक सहित किसी को भी मिल सकता है, बस उसे जीत की संभावना पर खरा उतरना होगा।
इस वजह से ही यह चर्चा शुरू हो गई है कि भाजपा इंदौर से अपने विधायक मेंदोला को कांग्रेस प्रत्याशी के सामने उतारने का पूरी तरह से तैयारी कर रही है। दरअसल इंदौर में इसके पहले भी भाजपा विजयवर्गीय सहित मालनी गौड़ तक को विधायक रहते चुनाव में उतार चुकी है। खास बात यह है कि हर बार भाजपा विधायक महापौर का चुनाव जीतने में भी सफल रहे हैं। यह बात अलग है कि इस पद के लिए कई पूर्व विधायक और नेता भी दावेदारी कर रहे हैं। इसी तरह के हालात भोपाल में भी बने रहे हैं। भोपाल में कांग्रेस की ओर से पूर्व महापौर विभा पटेल की उम्मीदवारी तय मानी जा रही है। ऐसे में भाजपा संगठन विधायक कृष्णा गौर के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहा है। गौर भी पूर्व में महापौर रह चुकी हैं और वर्तमान में विधायक भी हैं। खास बात यह कि उनकी तुलना में भाजपा के पास फिलहाल कोई दूसरी महिला नेता नहीं है।
यह भी है वजह
इंदौर में मेंंदोला की अपनी विधानसभा सीट पर और भोपाल में गोंविदपुरा सीट पर इन दोनों ही नेताओं की बेहद मजबूत पकड़ मानी जाती है। यही नहीं इन दोनों ही सीटों पर यह दोनों दावेदार अच्छे खासे अंतर से बीते चुनाव में जीत भी दर्ज कर चुके हैं, जिसकी वजह से भी उनकी दावेदारी बेहद मजबूत बनी हुई है।
इंदौर में मेंदोला तो भोपाल में गौर हो सकती हैं भाजपा प्रत्याशी





