खंडवा। खंडवा पुलिस ने हरियाणा की मेवात गैंग के दो बदमाशों को हिरासत में लिया है। देर रात हरिगंज स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम में रुपए निकालने के दौरान वे छेड़छानी करते दिखे तो सिक्युरिटी गार्ड ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया। दोनों बदमाशों के कब्जे से 57 एटीएम कार्ड समेत एटीएम मशीन खोलने की चाबी मिली है
।एसपी विवेकसिंह ने बताया 1 जुलाई की रात थाना कोतवाली पर सूचना मिली कि एसबीआई एटीएम हरिगंज में दो बदमाश एटीएम में छेड़छाड़ कर रहे है। सूचना पर बैंक की सुरक्षा देखने वाली एफएसएस कंपनी से संपर्क किया तो एटीएम मशीन में दो लोग छेड़छाड़ करते दिखे। मौके पर पहुंची पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम मो. अंसार पिता सोहराब मुसलमान ( 25 ) निवासी जिला नूह हरियाणा बताया। आरोपी अंसार के कब्जे से कई बैंकों के 87 एटीएम कार्ड, एटीएम खोलने की एक छोटी चॉबी तथा 2500 रूपए मिले है। पूरे घटनाक्रम में सीएसपी ललित गठरे, कोतवाली टीआई बीएल मंडलोई, अजाक टीआई ब्रजभूषण हिरवे समेत स्टॉफ की भूमिका रही। आरोपी गांव के व्यक्तियों तथा रिश्तेदारों के एटीएम कार्ड लेकर करते थे फ्रॉड :आरोपी अंसार के गांव झारोकरी में अधिकतर लोग एटीएम से संबंधित फ्राड करने का काम करते है। आरोपी अंसार करीबन दो माह से शहजाद के साथ में रह रहा है। शहजाद ने अंसार को एटीएम मशीन में अन्य व्यक्तियों का एटीएम कार्ड लगाकर पैसा निकालना सिखाया है। दोनों लोग एवं गांव के व्यक्तियों तथा रिश्तेदारों के एटीएम कार्ड लेकर फ्रॉड करते है। उसके लिए संबंधित एटीएम धारक के बैंक एकाउंट में पहले रूपए डालते है। फिर वापस उतनी ही राशि निकालने का काम करते है। आरोपी अक्सर जिस बैंक का एटीएम कार्ड रहता है। उसकी उलट दूसरी बैंक के एटीएम में कार्ड लगा कर रुपए निकालने का काम करते हैं। जैसे ही एटीएम मशीन में राशि निकालने के लिए डाली जाती है। उनके पास उपलब्ध एक चाबी से एटीएम मशीन को खोलकर उसे स्विच मोड में डाल देते है। जिससे उसमे एरर आ जाता है। इससे रुपए तो निकल जाते है। लेकिन संबंधित एकाउंट से रुपए नहीं कटते है।आरोपी और रिश्तेदार आधे-आधे पैसे बांट लेते : जिसके बाद आरोपी बैंक को रिक्वेस्ट भेजकर अपने एकाउंट में रूपए डलवा लेते है। संबंधीत व्यक्ति को मैसेज नहीं जाता है। फिर आरोपी टोल फ्री नम्बर पर फोन लगाते हैं। तो पैसा आरोपियों के खाते में आ जाता है। इस प्रकार जो पैसा मिलता है। आरोपी और रिश्तेदार जिनका एटीएम होता है। आधे-आधे बांट लेते है। आरोपी के पास जितने भी एटीएम कार्ड है। वो आरोपी के रिश्तेदार और दोस्तों के है। आरोपियों की गैंग देश के हर राज्यों के तकरीबन हर शहर मे एटीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ कर घटनाओं को अंजाम देते है।





