दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस ने वोट चोर गद्दी छोड़ रैली की. इस दौरान कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर हमला बोला. राहुल गांधी ने इस मंच से बीजेपी और RSS पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर नरेंद्र मोदी-RSS सरकार को सत्ता से बाहर करेगी.
रैली इसलिए भी अहम रही क्योंकि राहुल गांधी ने न सिर्फ सरकार, बल्कि चुनाव आयोग को भी कटघरे में खड़ा किया. चुनावी अनियमितताओं, ‘वोट चोरी’ और SIR को लेकर उन्होंने जो आरोप लगाए, उन्होंने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.
कांग्रेस की यह रैली उन आरोपों के बाद हुई है, जिसमें पार्टी ने बीजेपी पर चुनावों के दौरान व्यवस्थित वोट चोरी और डुप्लीकेट एंट्री का आरोप लगाया है. राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई सत्ता की नहीं, बल्कि सच बनाम झूठ की है और कांग्रेस इस लड़ाई को अंत तक ले जाएगी.

कैसे चुनाव आयोग पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान ₹10,000 के ट्रांसफर जैसे मामलों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो लोकतंत्र पर सवाल खड़े करता है.
क्यों CEC कानून बना विवाद का मुद्दा
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘CEC और अन्य चुनाव आयुक्त विधेयक, 2023’ के जरिए चुनाव आयोग को कानूनी सुरक्षा दे दी है. उनके मुताबिक इस कानून के तहत चुनाव आयुक्तों पर कार्रवाई मुश्किल हो गई है. राहुल ने साफ कहा कि कांग्रेस सत्ता में आई तो इस कानून को बदलेगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी.
कांग्रेस पार्टी ने आज दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ नारे के साथ विशाल महारैली का आयोजन किया। यह रैली चुनावी प्रक्रिया में कथित धांधली, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और ‘वोट चोरी’ के आरोपों के खिलाफ पार्टी के अभियान को तेज करने के लिए आयोजित की गई। रैली में सरकार और निर्वाचन आयोग पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए गए।
रैली को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संबोधित किया। इसके अलावा प्रियंका गांधी वाद्रा, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, सचिन पायलट समेत कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे। पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के भी शामिल होने की संभावना जताई गई थी। रैली से पहले सभी नेता पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में एकत्र हुए और बसों से रामलीला मैदान पहुंचे।
55 लाख हस्ताक्षर जुटाए, राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा ज्ञापन कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पार्टी ने देशभर में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अभियान चलाकर करीब 55 लाख हस्ताक्षर जुटाए हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने सबूतों के साथ दिखाया कि वोट चोरी कैसे हो रही है। गृह मंत्री को खुली बहस की चुनौती दी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।” रैली के बाद पार्टी राष्ट्रपति से मिलने का अनुरोध करेगी और उन्हें इन हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपेगी।
लोकसभा बहस के बाद आंदोलन तेज यह रैली लोकसभा में चुनाव सुधारों और SIR को लेकर सरकार-विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस के कुछ दिनों बाद हुई है। कांग्रेस का आरोप है कि SIR के नाम पर विपक्षी वोटरों को सूची से हटाया जा रहा है, जिससे चुनावी अनियमितताएं हो रही हैं।
लाखों कार्यकर्ताओं का दावा, जनआंदोलन का रूप कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने दावा किया कि रैली में लाखों लोग जुटेंगे। देशभर से कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे। सचिन पायलट ने कहा कि मुख्य नारा ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ है, क्योंकि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा। भूपेश बघेल ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप लगाया। उदित राज ने इसे जनआंदोलन बताते हुए आम नागरिकों से शामिल होने की अपील की।





