
मुनेश त्यागी
आज मैं क्यूबा के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव, महान क्रांतिकारी और कमांडर, फिदेल कास्त्रो को पढ रहा था, उनके "विचारों की जंग" लेख को पढकर लगा कि मुझे फिदेल के विचारों से आप सभी मित्रों, दोस्तों और साथियों को भी अवगत कराऊं ताकि भविष्य में ये विचार हमारे काम आयें, हमारे क्रांतिकारी अभियान में हमारी कुछ मदद करें, हम गलतियों से बचें और अवश्यकर्णीय को करते रहे और सामाज के क्रांतिकारी परिवर्तन को आगे बढाते रहें और अपनी गलतियों और कमियों से चिपके ही ना रहें, बल्कि समय रहते उन्हें दूर करते रहें और दोस्ताना आलोचना का हमेशा स्वागत करें। आइए जानते हैं महान क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो के विचारों के बारे में,,,,,,, ,,हम सब मिलजुलकर एक बेहतर दुनिया के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
,,क्रांतिकारी साहित्य और विचार एवं क्रांतिकारी कानून ही समाजवादी चेतना विकसित करते हैं.
,,,कोई भी क्रांति केवल संस्कृति और विचारों से ही हो सकती है ,
,,कोई भी आदमी जबरन क्रांतिकारी नही बन सकता.,
,,जो विचार बोते हैं, उन्हें जनता को कुचलना नही पडता,
,,जाग्रित और सचेतन जनता साम्राज्यों को भी मात दे सकती है,
,,विचारवान और एकजुट जनता को परास्त नही किया जा सकता है ,
,,हमें अपने दुश्मनों से निरंतर, लगातार और सतत वैचारिक जंग लडनी होगी,
,,हमें दुनिया के शोषित शापित उत्पीडित अन्यायग्रस्त गरीब लोगों के लिए खून पसीना बहाना होगा,
,,आज सारी दुनिया को और सारी मानवता को बचाने की जरूरत है,
,,हमने क्रांति की कोशिस की, क्रांति की, और इसे बचाया है,,,,,,, फिदेल कास्त्रो,
,,पूंजीवादी वैश्विक साम्राज्य के वैश्विक हमलों को समाजवादी वैश्विक संघर्षों से ही परास्त किया जा सकता है, हराया जा सकता है,
,,नवउदारवादी वैश्विकरण सारी दुनिया को अपनी प्राइवेट सम्पत्ति बनाने पर आमादा है, बनाना चाहता है,
,,नवउदारवादी वैश्विकरण सारी दुनिया को लूट खसोट रहा है
,,वह सारी दुनिया को विशाल और अनियंत्रित मुक्त व्यापार में तबदील करना चाहता है,
,,मार्क्स ऐंगेल्स आजतक के सबसे बड़े आर्थिक और राजनैतिक चिंतक हैं,
,,नवउदारवादी क्या चाहते हैं,,,,, टैक्स नही, कोई नियंत्रण नही, टैक्स छूट, पूंजी और माल की मुफ्त आवाजाही, बंटी हुई दुनिया, सस्ते मजदूर, गुलाम मजदूर, अंधे, गूंगे, बहरे, बंटे हुए मजदूर,
,,,,अमेरिका पूरी दुनिया को बौना बनाये रखना चाहता है,
,,वह देशों और महाद्वीपों को, लोगों को विभाजित करना और विभाजित करना चाहता है,
,,मैं एक न्यायपूर्ण दुनिया को देखना चाहता हूँ,,,,, फिदेल कास्त्रो,
,,,हम सारी दुनिया के लोगों,,, काले, गोरे, भारतीयों, चीनी, रूसी, अमेरिकी, यूरोपियनों, अफ्रीकी,,,,, को एकजुट, जाग्रित, भाईचारापूर्ण, और आजाद, व समान देखना चाहते हैं.
,,क्यूबा हमें दुनिया से सबसे शक्तिशाली पडोसी से लडना और जीतना सिखाता है
,,,जो लेनिन और समाजवादियों की पुस्तकें और साहित्य नही पढते, वे अग्यानी हैं,,,,,,,,,,,फिदेल कास्त्रो,
,,,हमने असम्भव को किया है और असम्भव को प्राप्त किया है,
,,हमने एक झटके में नस्ली भेदभाव को खत्म कर दिया था,
,,हमने अपने उत्तरी दुश्मन के,, हमलों , हस्तक्षेप ,धमकियों ,युध्द ,सबोटेज का मुकाबला किया है और समाजवादी चेतना का निर्माण किया है.
,,अंतर्राष्ट्रीयतावाद ने हमारी मदद की और हमने भी अपना अंतर्राष्ट्रीयतावादी फर्ज र्निभाया है,
,,,विचार अमर हैं, उन्हें कोई नही मार सकता,
,,किसी को भी, अपनी इमदाद करने वालों की मदद करनी चाहिए,
,,हमें अपने मददगार का, मददगार होना चाहिए,
,,हम जाग्रित जनता के समर्थन से ही दुश्मनों का मुकाबला कर पाये,
,,,हमारा मुख्य काम है कि हम अपने विचार प्रकाशित और प्रचारित करें,
,,अपने विचारों को थोपो मत, जनता को अपनी परिस्थितियों के हिसाब से निर्णय लेने दो, हम उनके फैसले को समर्थन देंगे,
,,विश्व नागरिक होने के नाते, हमें अपने विचार प्रकट करने चाहिएं,
,,मानवता हमारी मातृभूमि है,
,,हमने संसाधनों में जो कटौतियां की, वह मजदूरों, किसानों, नौजवानों, छात्रों, महिलाओं, पुरूषों की सहमति से की थीं,
,,क्या क्यूबा की क्रांति ताकत के बल पर जिंदा है,
,,नही, नही,
,,यह जनता की भागेदारी, समर्थन, विशाल सहयोग, और संघर्ष से हासिल की गयी है,
,,हमने इसे बनाया है, बचाया है, इसकी हिफाजत की है,
,,एकजुट जनता जो लडने और जीतने को तैयार हो, वह सर्वशक्तिमान और शक्तिशाली और अजेय होती है,
मानवीय चेतना को बनाने ,बचाने में सामाजिक पर्यावरण और सामाजिक परिस्थितियों की मुख्य भूमिका होती है,
,,अगर मैं उच्च वर्ग में पढा पला होता तो मैं यूटोपियाई, मार्क्सवादी या कम्युनिस्ट विचारों का न होता,
,,कोई भी जन्मजात क्रांतिकारी, कवि, लेखक, या योध्दा नही होता, परिस्थितियां ही उसका निर्माण करती हैं, और वे ही उसे अच्छा या बुरा आदमी बनाती हैं,
,,सबसे मुख्य बात है कि आप, प्रतिबध्द, अनुशासित, वफादार और सबसे ऊपर ईमानदार बने रहिये.
(फिदेल कास्त्रो के भाषण “विचारों की जंग” से )





