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*स्ट्रेस-फ्री लाइफ के लिए जरूर लें मून बाथ*

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       ~ डॉ. प्रिया 

सूर्य की तरह चन्द्रमा की रोशनी भी शरीर के लिए फायदेमंद होती है। आयुर्वेद के अनुसार, हर रात एक निश्चित समय के लिए मून बाथ लिया जा सकता है। पूर्णिमा के दिन चांद की अधिक रोशनी मिलने के कारण यह मेंटल हेल्थ के साथ-साथ पूरे शरीर को फायदा पहुंचाता है।

       आपने यह महसूस किया होगा कि यदि आप चंद्रमा की रोशनी को कुछ देर के लिए निहारती हैं, तो आपका तनाव कुछ देर के लिए रफूचक्कर हो जाता है। आयुर्वेद में सदियों से कई फायदों के लिए मून बाथ को आजमाया जाता रहा है। तनाव को दूर करने के साथ-साथ गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडा रखने के लिए भी मून बाथ आजमाया जाता रहा है। इसके कई और भी लाभ हैं।

 चन्द्रमा की रोशनी हमारे तन-मन दोनों के लिए बढ़िया होती है।पूर्णिमा के दिन आसमान में पूरा चांद दिखता है और उसकी रोशनी भी अधिक चमकदार होती है। ज्येष्ठ महीने में गर्मी अपने प्रचंड रूप में रहती है। दिन भर आप सूर्य की तेज़ रोशनी से परेशान हो सकती हैं।

       पूर्णिमा के दिन रात में सोसाइटी पार्क या अपनी विंडो या फिर छत पर 10 मिनट चंद्रमा की रोशनी में बैठने की जरूर कोशिश करें। यह न सिर्फ आपको एंग्जायटी और स्ट्रेस से रिलैक्स करेगा, बल्कि पूरे शरीर को तरोताजा कर देगा।

     सामान्य दिनों में भी चन्द्रमा की रोशनी मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ पर बढ़िया प्रभाव डालती है।

     आयुर्वेद में चंद्रमा की रोशनी को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना जाता है।

भारत में मून बाथ का प्रयोग सदियों पुराना है। हमारा शरीर वात, कफ, पित्त दोषों से बना है। चन्द्रमा की रोशनी पित्त विकारों को दूर करने में बहुत उपयोगी है। यह तनाव मुक्त करता है। यह हार्मोनल इम्बैलेंस को ठीक करता है। मेनस्ट्रूअल साइकिल में अनियमितता (Moon Bath for Irregular Period) और इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर (Moon Bath for Infertility) करने में भी मून बाथ कारगर है।  

     आयुर्वेद मानता है कि जिस व्यक्ति का स्वभाव उग्र (Moon Bath for Anxiety) होता है, उसे यह फायदा पहुंचा सकता है।

     किसी भी व्यक्ति के पित्त दोष को शांत करने के लिए निर्धारित समय के लिए उसको चन्द्रमा की रोशनी में बैठाया जाता है। इस प्रक्रिया को भी मून बाथ (moon bath) कहा जाता है।

       जर्नल ऑफ़ रिसर्च इन आयुर्वेद के अनुसार, यदि आप आधे घंटे के लिए चंद्रमा की रोशनी में बैठती हैं या उसे निहारती हैं, यह हर तरह के तनाव को दूर कर सर्कडियन रिद्म को संतुलित करने में मदद कर सकता है। इसे सोने से ठीक पहले आजमाया जा सकता है।

      इसमें किसी भी प्रकार के कृत्रिम प्रकाश से खुद को दूर करना जरूरी है। इससे शरीर को यह संकेत मिलने लगता है कि आराम करने का समय आ गया है।

    शोध के अनुसार, तनाव ब्लड प्रेशर और हृदय गति को बढ़ा सकता है और माइग्रेन में भी योगदान दे सकता है। चंद्रमा की रोशनी तनाव की भावनाओं को शांत करता है।

अध्ययन बताते हैं कि चांदनी के प्राकृतिक वातावरण के संपर्क में आने से तनाव की भावनाओं को शांत करने और शरीर के ओवरआल हेल्थ को ठीक करने में मदद मिलती है।

       मून बाथ के लिए आपको सिर्फ एक शांत स्थान की तलाश करनी होती है, जहां मून लाइट पर्याप्त मात्रा में आ रही हो। इसके लिए चांद की रोशनी में बाहर जाना, घर के खिड़की-दरवाजों को खोलकर रोशनी अंदर आने देना, ताकि चांदनी घर के अंदर प्रवाहित हो सके।

     कम से कम 30 मिनट के लिए चंद्रमा की रोशनी में बैठना जरूरी है। इस दौरान हर्बल टी, लेमन बाम (Lemon Balm) और कैमोमाइल आयल (chamomile essential oil) लगाया जा सकता है।

      त्वचा को पोषण देने के लिए नारियल के तेल या बादाम के तेल का भी प्रयोग किया जा सकता है।

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