बबिता यादव
आप ने एक्सटोर्शन यानी जबरन वसूली के बारे में सुना होगा जो एक जमाने में ठगी करने का एक तरीका हुआ करता था। लेकिन डिजिटलीकरण के इस युग में अब साइबर ठग आ गए हैं जो सोशल मीडिया पर सैक्सटोर्शन कर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं, पढ़ने में भले ही अजीब लगे पर यह सच है।
आजकल साइबर ठग लोगों से सैक्सुअल ब्लैकमेलिंग यानी सैक्सटोर्शन से वसूली कर रहे हैं। इस में वे पहले दाना डालते हैं, फिर लड़की बन कर या महिला के साथ मिल कर इंटिमेट बाते करते हैं और प्राइवेट जानकारियां इकट्ठा कर ब्लैकमेल करते हैं।
पहले यह ट्रैंड अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में देखने को मिला था लेकिन अब यह भारत में भी हो रहा है, बहुत ही फ़ास्टली। सेक्सटोर्शन डिजिटल युग की देन है।
आज हम जो कुछ भी इंटरनेट पर देख सर्व करते हैं, वह आसानी से ट्रेस हो सकता है। जैसे, कोई पॉर्न साइट, डेटिंग साइट, जो सिक्यौर नहीं हैं, हैकर सौफ्टवेयर के जरिए उन की सर्फिंग डिटेल का बैकअप क्रिएट कर लेते हैं। वैसे भी आज के समय में किसी की डिटेल निकालनी मुश्किल नहीं रह गई है। सोशल मीडिया पर लोग खुद ही अपने बारे में लंबीचौड़ी डिटेल डाल देते हैं।
इस के बाद ठग उस साइट को विजिट करने वाले का नंबर, ईमेल आईडी और सोशल मीडिया अकाउंट को तलाशते हैं। ये गिरोह अलगअलग तरीके से जुड़ कर ब्लैकमेल करने की कोशिश करते हैं कि आप ने जो देखा है उसे वे लोगों को बता देंगे या गलत नाम, पहचान के साथ अश्लील बात कर या वीडियो डाउनलोड कर कुछ ऐसी ऐसी सामग्री जमा कर लेते हैं जिन से पीड़ित को दिक्कत हो सकती है।
सब से पहले नाबालिग लड़के लड़कियों को ये गिरोह टारगेट करते हैं। सैक्सटोर्शन का असल मतलब किसी कंप्यूटर में सेंधमारी कर उस व्यक्ति के निजी डेटा को चुरा लेना और फिर उस के जरिए उसे ब्लैकमेल कर फिरौती मांगना है।
ठगी करने वाले लोग सब से पहले किसी सुंदर महिला के फोटो के साथ सोशल मीडिया पर प्रोफाइल बनाते हैं। इस के बाद फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजी जाती है या फिर मैसेंजर पर मैसेज कर नंबर निकलवा लेते हैं और व्हाट्सऐप पर बातचीत बात शुरू की जाती है। जब सामने वाला अच्छी प्रोफाइल देख कर रिकवैस्ट एक्सेप्ट कर लेता है तो वे बातचीत का सिलसिला शुरू करते हैं और कुछ ही दिनों में घुलमिल कर वे न्यूड फोटोग्राफ और वीडियोज एक्सचेंज करते हैं।
इन सभी चैट्स और वीडियो कंटेंट का वे अपने पास रिकोर्ड रखते हैं जिस से लोगों को ब्लैकमेल करने की शुरुआत करते हैं।
*सैक्सटोर्शन के तरीके :*
सोशल मीडिया आमतौर पर सैक्सटोर्शन सोशल मीडिया के जरिए सब से ज्यादा होते हैं डेटिंग साइट्स इस के लिए सब से अनुकूल जगह होती हैं। गिरोह वाले फेसबुक, इंस्टा, टेलीग्राम से बेसिक जानकारी हासिल करते हैं यहां से भी बातें शुरू होती हैं। यूजर्स की अच्छी खासी डिटेल सोशल मीडिया पर मौजूद रहती है।
ऐसे में अपराधियों को ऐसे लोगों को ट्रैक करना और उन के बारे में जानकारी इकट्ठा करना मुश्किल नहीं रहता।
इंटरनैट में खंगाली जा रही सामग्री से बनाते हैं शिकार. इस तरह के गिरोह उन लोगों को अपना आसान निशाना बनाते हैं जो पौर्न साइट्स पर विजिट करते हैं। वहां ये गिरोह बहुत ऐक्टिव रहते हैं। इन साइट्स पर “सैक्सी बात करें” “कॉलगर्ल से मुलाकात” जैसे एड आते रहते है। और जोश में आ कर व्यूअर इन के लिंक पर क्लिक कर देते हैं, फिर मामला बिगड़ना शुरू हो जाता है। हेकर्स फोन/लैपटॉप से जानकारियां इकट्ठी कर लेते हैं।
कहीं कहीं इस तरह के गिरोह बहुत ही खतरनाक तरीके से काम कर रहे हैं। ब्रिटिश सिक्योरिटी सौफ्टवेयर और हार्डवेयर कंपनी सोफोस की रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड के दौरान ये साइबर क्रिमिनल कभी डब्ल्यूएचओ अफसर बन कर तो कभी कोविड-19 के नाम पर फर्जी वैबसाइट बना कर लोगों को शिकार बना रहे थे।
*हैक्ड वैबकैम :*
एक हैकर कैमरे और माइक्रोफोन तक पहुंच प्राप्त कर के निजी जानकारी इकट्ठी कर सकता है। इस का मतलब है हैकर हर कदम पर नजर रख सकता है। वह आप के सभी खातों की जानकारी इकट्ठी कर सकता है। हैकर्स अकाउंट हैकिंग के जरिए सैक्सटॉर्शन कर सकते हैं। ऐसा तब होता है जब विक्टिम अपनी सेक्सुअल चैट या फोटो वीडियो सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सऐप या इंस्टा पर शेयर करते हैं तो हैकर वहां से निजी सामग्री जुटा लेते हैं।
एचटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फोरपिएक्स नाम का एक बॉटनेट है जो कि लोगों को हर घंटे 30 हजार ईमेल भेजता है। इस ईमेल के जरिए उन के सैक्स कंटेंट को लीक करने की धमकी दे कर फिरौती की मांग की जाती है। ईमेल में धमकी दी जाती है कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उन के वेबकैम से कैप्चर किए गए सैक्सुअल कंटेंट को लीक कर दिया जाएगा बेटपोस्ट के अनुसार, रिसर्चर्स का कहना है कि 5 महीनों के दौरान फोरपिएक्स कैम्पेन के वोलेट में लगभग 14 बिटक्वाइन ट्रांसफर हुए है जोकि लगभग 6.30 करोड़ रुपए के बराबर है।
यह बौटनेट इसलिए भी काफी खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि इसे यूजर का पासवर्ड भी पता होता है। इसलिए यह यूजर को उन का पासवर्ड बता कर डराता है।
*आप की चुप्पी :*
मैशेबल डॉट कॉम के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में सैक्सटोर्शन की घटनाएं दोगुनी से ज्यादा बढ़ी है। सैक्सटोर्शन ई-मेल सोर्स कंट्रीज में भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल है। इस में वियतनाम, ब्राजील और अर्जेटीना टॉप 3 में हैं।
जम्मूकश्मीर कार्यस्थल पर सेक्सटोर्शन को अपराध की श्रेणी में लाने वाला पहला राज्य था। इस में सब से बड़ी दिक्कत होती यह है कि ऐसे मामलों में बदनामी और शर्म की वजह से लोग पुलिस में इस फ्रॉड की शिकायत नहीं करते और ठगों की मांग पूरी कर देते हैं।
बहुत ही कम लोग हैं जो इस बारे में शिकायत करते है। पीड़ित के इन मसलों पर कहीं कुछ बोलने लायक नहीं रह पाता।
यह ऐसा ट्रैप है जिसे आदमी शर्म के मारे किसी को कुछ बताने लायक नहीं रहता, ऐसे में ये फ्रॉड बड़ी आसानी से अपना काम करते चले जाते हैं। जहां कोई शिकायत होती है वहां इन के पकड़े जाने की खबर भी आती ही है। ऐसे में जरूरी है कि इस की शिकायत पुलिस व साइबर सेल में की जाए, शिकायत करने पर इस तरह के गिरोह पकड़े भी जाते है।
इस लेख के लिखे जाने तक मेरी भी फॉलोवर लिस्ट में हो सकता है ऐसे कई लोग हों ऐसे लोगों को पहचान कर फेसबुक पर उनकी रिपोर्ट करें और इनको तुरंत ब्लॉक करें। यदि ऐसे लोग आप के दोस्तों के कॉमन फ्रेंड हों तो उनको भी आगाह करें।
आप की सतर्कता और समझदारी ही आप का बचाव है। सोशल मीडिया का प्रयोग सावधानी से करें तथा बच्चों और बुढों को सब से पहले आगाह करें की वो सोशल मीडिया पर कोई भी जरूरी या गैर जरूरी पोस्ट न करें जिस से आप का या उनका नुकसान हो। (चेतना विकास मिशन).





