अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

न्यू साइंसटिफिक रिसर्च …हेल्थी लाइफ के लिये जरूरी है डेली सेक्स

Share

डॉ. गीता (दिल्ली)

_अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के ताजे रिसर्च आधारित स्टेटमेंट के अनुसार कम्प्लीट सेक्सुअल एक्टिविटी पर्याप्त साइकिल चलाने, सीढ़ियां चढ़ने अथवा योगासन जैसी ही लाभप्रद गतिविधि है. यह  ऐक्टिविटी मनुष्य की सेहत के लिए नियमित आवश्यक है।_

 सेक्स एक शारीरिक क्रिया है जो जीवन में प्रजनन के अलावा भी बहुत महत्व रखती है. सेक्स का मकसद केवल बच्चे पैदा करना नहीं है। यह एंटरटेनमेंट, रेलशनशिप, हेल्थ-व्यूटी-ऐज डेवलपमेन्ट व सैटिस्फैक्शन लिए भी अहम है.

सेक्स कामेच्छा की पूर्ती करता है और 12 -13 साल की उम्र से मरते दम तक मनुष्य में यह इच्छा बनी रहती है. हार्ट एशोसिएशन के अनुसार सेक्स महीने में एक बार की जाने वाली क्रिया नहीं है। यह नियमित करना जरूरी है। नियमित नहीं हो तो हफ्ते में कम से कम दो बार तो करना ही चाहिए.
हां, अगर मेडिटेटिव सेक्स का सौभाग्य आपके जीवन में है तो 15 दिन में एक रात या 30 दिन में एक रात का मिक्सअप भी पर्याप्त हो सकता है।

सेक्स में मेंटली- हार्टली और ‘उसके बाद’ फिजिकली इनवॉल्वमेन्ट और “सैटिस्फैक्शन” यानी ओर्गास्मिक तृप्ति आवश्यक है। ऐसा नहीं होने पर सेक्स न करना बेहतर है, क्योंकि तब वह हार्मोनल व्यतिक्रम- असंतुलन उत्पन्न कर पॉइजन सावित होता है।
इस सन्दर्भ में मेडिटेशन रिसर्च फाउंडेशन नॉर्थ कैरोलिना, यूएसए का कहना है :
पुरुष के लिए कैसा भी सेक्स, नुकसानदायक नहीं होता। वह डिस्चार्ज होकर तृप्त हो जाता है, चाहे 1-2 मिनट में ही हो जाए। लेकिन स्त्री को कम से कम एक घण्टे का लवफुल्ली- हॉटेस्ट सेक्स चाहिए होता है। कुछेक स्त्रियां चंद मिनट में डिस्चार्ज हो जाती हैं, जो अपवाद हैं। बाकी कोई भी स्त्री गरम होकर टोटली उत्तेजित होने, पिघलने और डिस्चार्ज होने में 60 से 90 मिनट का समय लेती है। इसके पहले स्खलित होने वाला पुरुष उसे केवल मानसिक- दैहिक व्याधियां ही देता है। ऐसे पुरुष को स्त्री के साथ इनवॉल्व नहीं होना चाहिये।

♀रेगुलर बेसिस सेक्स के फायदे :
अमेरिकन हार्ट एसो. के अनुसार कम्प्लीट सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान शरीर की जो मूवमेंट होती है वह पेट और पेल्विक की मसल्स को टाइट करती है. महिलाओं में यह मासपेशियां मूत्राशय नियंत्रण को बेहतर भी बनाती हैं.
स्टडी के मुताबिक़ 6,000 लोगों पर हुई रिसर्च के आधार पर पाया गया कि वह लोग जो नियमित रूप से सेक्स करते हैं उन की याददाश्त उन लोगों से कही ज्यादा बेहतर होती है जो सेक्स नियमित रूप से नहीं करते.
नियमित सेक्स केवल फिजिकल ही नहीं बल्कि इमोशनल, साइकोलौजिकल और व्यक्तिगत दृष्टि से भी अतिआवश्यक होता है.

सेक्सुअल एक्टिवनेस महिलाओं में लिबिडो को बूस्ट करता है जिस से उन में सेक्स करने की इच्छा बढ़ती है.
सेक्स के दौरान हमारे शरीर में एंडोर्फिन्स रिलीज़ होते हैं जिन्हें ‘फील गुड’ केमिकल्स कहते हैं को डिप्रेशन और चिड़चिड़ेपन को दूर करने में सहायक होते हैं. ओर्गास्म प्रोलैक्टिन नामक हार्मोन रिलीज़ करता है जो नींद में सहायक होता है.
सेक्स सेल्फ एस्टीम बढ़ाता है और इन्सेक्योरिटी को कम करता है.

स्टडीज के मुताबिक जितना ज्यादा पुरुष सेक्स करते हैं उतनी बेहतर उनके स्पर्म की क्वालिटी होती है.
आर्काइव्ज औफ सेक्सुअल बिहेवियर में पब्लिश्ड एक स्टडी के मुताबिक़ ~
नियमित सेक्स से महिलाओं में हार्मोन्स का बैलेंस बना रहता है जिस से उन के पीरियड्स भी नौर्मल होते हैं और पीरियड क्रैम्प्स भी कम होते हैं. UTI, लिकोरिया और स्तन विकार से बचाव होता है। शरीर में इम्यूनोग्लोबिन ए लेवल को बढ़ा देता है. इस से शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है और सर्दी जुकाम जैसे रोग नहीं होते, किसी वायरस अटैक की संभावना कम होती है।.

पेंसिलविनिया की विल्क्स यूनिवर्सिटी का गतवर्षीय शोध बताता है कि~
नियमित सेक्स करने वाले स्टूडेंट्स का इम्यूनोग्लोबिन ए लेवल सैक्स न करने वाले स्टूडेंट्स की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा होता है. सेक्स से मनुष्यों में औक्सीटोसिन, डोपामाइन और सेरोटोनिन रिलीज़ होते हैं. यह मूड बूस्ट करते हैं और व्यक्ति रिलैक्स्ड फील करता है. वह खुश रहने लगता है और इस से उस की कार्यक्षमता और प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है.
ओस्ट्रोजन नामक हार्मोन का सैक्स के दौरान स्त्राव होता है. यह हार्मोन स्किन को स्मूथ बनाता है. नियमित सैक्स करने वाली महिलाओं में ओस्ट्रोजन की मात्रा अन्य महिलाओं से दोगुनी होती है.
नियमित सेक्स कोर्टिसोल लेवल कम कर मनुष्य के दिमाग को भी प्रोटेक्ट करता है. सेक्सुअल इंटरकोर्स स्ट्रेस जैसी प्रतिक्रियाओं से लड़ने में दिमाग की क्षमता को बढ़ाता है. इससे एंग्जायटी लेवल में भी गिरावट आती है.

सेक्स का लाभ सुरक्षित, समर्पित, और स्वस्थ सैक्स से ही मिलता है. अनचाहे, एबनौर्मल, अपाहिज सेक्स से फायदे नुक्सान में बदल जाते हैं.
यहां सैक्स से साफतौर पर मतलब लव मेकिंग और पैशनेट सेक्स से है. तो नियमित सेक्स कीजिए और इस का भरपूर लाभ उठाइए.
इंटरकोर्स के हर पॉइंट पर सेन्ट्रलाईजेशन और फीलिंग की टेक्निक डेवलप करके स्त्री जल्दी चरम पर पहुंच सकती है। इसी तरह स्पर्म-रिलीज़ कंट्रोलिंग की पॉवर डेवलप कर पुरुष ‘स्त्री’ के “बस-बस प्लीज..” कहने के बाद तक भी ऐक्टिव रह सकता है। यह मेडिटेटिव थेरेपी से संभव है, जो हम सुलभ कराते हैं. व्हाट्सप्प 9997741245 पर संपर्क कर के कपल्स हमारी निःशुल्क सेवा का लाभ उठा सकते हैं.
(निःशुल्क मेडिकल सर्विसेस प्रोवाइड करा रही लेखिका चेतना विकास मिशन से सबद्ध चिकित्सिका हैं.)

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें