इंदौर
शहर में फिलहाल नाइट कर्फ्यू नहीं लगाया जाएगा। मास्क अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा कार्यक्रमों में लोगों की संख्या सीमित की जाएगी। ये निर्णय शुक्रवार को क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में लिए गए। इसके अलावा कुछ सुझाव बैठक में सामने आए हैं। इन्हें गृह मंत्रालय को भेजा गया है। इस पर भोपाल में बैठक के बाद सुझावों को लागू किया जाएगा। बैठक में कहा गया है कि अगर अगले सात दिनों में स्थिति नियंत्रण में नहीं आती, तो शासन की अनुमति से नाइट कर्फ्यू पर विचार किया जा सकता है।
शाम 5 बजे हुई आपदा प्रबंधन समूह की बैठक रेसीडेंसी कोठी में हुई। इसमें इंदौर में बढ़ते संक्रमण को राेकने पर मंथन किया गया। मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। होने वाले कार्यक्रमों की समय सीमा तय करने के साथ उनमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी सीमित की जाएगी।
इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में भीड़ को रोकने के लिए ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। लॉकडाउन को लेकर बैठक में चर्चा नहीं हुई। मास्क नहीं लगाने पर जुर्माने की राशि 200 रुपए तय की गई है। इसके अलावा जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। रेस्टोरेंट और होटल को रात 10 बजे तक बंद कराए जाने का भी प्रस्ताव भेजा गया है।
219 नए मरीज, एक की मौत हुई
इंदौर सहित प्रदेशभर में काेरोना ने एक बार फिर से पैर पसार लिए हैं। इंदौर में लगातार 6वें दिन कोरोना से मौत हुई है। 11 मार्च को हुई 1 और मौत के साथ कुल आंकड़ा 940 तक पहुंच गया है। वहीं, लगातार 10 दिनों से आ रहा डेढ़ सौ का आंकड़ा अब 200 के पार पहुंचकर 219 हो गया है। इस साल पहली बार ऐसा हुआ है, जब नए संक्रमित 200 के पार गए हैं। इसके पहले 31 दिसंबर 2020 को 219 पाॅजिटिव मरीज मिले थे। इस साल सबसे ज्यादा 5 जनवरी को 191 पाॅजिटिव मरीज सामने आए थे। मार्च के 11 दिनों की बात की जाए तो 1881 नए संक्रमित मिल चुके हैं। एक्टिव मरीजों की बात करें तो यह अब बढ़कर 1528 तक पहुंच गई है। हालांकि रिकवरी रेट 97 फीसदी होने से थोड़ी राहत है। अब तक 8 लाख 58 हजार 221 सैंपलों की जांच में 61642 संक्रमित मिले हैं। इनमें से 59174 लोग ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं।




