भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चौथी पारी का एक साल पूरा होने जा रहा है। इस एक साल में करोड़ों रुपयों की जनहितैषी योजनाओं पर काम हुआ है। यानी एक साल बेमिसाल। इस एक साल के कार्यकाल में उनकी कई उपलब्धियां रही हैं। आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर आत्मनिर्भर मप्र बनाने के लिए बाकायदा रोडमैप तैयार कर उस पर काम शुरू किया गया है। कोविड-19 में सरकार की आय में कमी के बावजूद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने एक मैनेजमेंट गुरु की तरह काम करते हुए प्रदेश को संभाला ही नहीं बल्कि आगे भी बढ़ाया है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश से देशभर में पहले स्थान पर आ गया है। वहीं इस एक साल के दौरान प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत किए गए विकास कार्यों को प्राथमिकता से गति दी गई है। यजी नहीं शिव सरकार ने सड़कें, पुल-पुलियाओं के निर्माण कार्य को उच्च प्राथमिकता में रखा और हजारों करोड़ रुपये से जनता के लिए सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
योजना से बढ़ेगी सरकार की आय
हाल ही में शिवराज कैबिनेट ने यूजर फी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना तहत 1098 किलोमीटर लंबाई की तरह सड़कों से एक साल में 162 करोड रुपए की आय राज्य सरकार को होगी। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन ईपीसी योजना के तहत 5 राष्ट्रीय राजमार्गों और 10 राज्य राजमार्गों एवं 9 मुख्य जिला मार्गों का निर्माण कराया गया है। प्रदेश सरकार की यह उपलब्धि राज्य की आय में वृद्धि करेगी।
आम जनता को होगा कानून के राज का एहसास
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की आम जनता को कानून के राज का एहसास कराना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने शराब माफिया, भू-माफियाओं, मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया है। इसमें सबसे बड़ी सफलता यह मिली कि हजारों करोड़ रुपए मूल्य की सरकारी जमीन भूमाफियाओं के चंगुल से छुड़ाई जा चुकी है। हजारों की संख्या में गायब हुई लड़कियों को री-कवर किया गया है। उल्लेखनीय है कि सीएम अफसरों को सख्त लहजे में कह चुके हैं कि महिलाओं के साथ अपराध के मामलों में सरकार मूकदर्शक नहीं रहेगी।
सरकार का संकल्प है कि ऐसे अपराधियों को मिटा दीजिए, तबाह कर दीजिए। हाल ही में महिला सम्मान संबंधी एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आम लोगों को कानून के राज का एहसास कराया जाएगा। पिछले आठ माह में अपराधियों के प्रति की जा रही सख्त कार्रवाई का ही परिणाम है कि विभिन्न अपराधों में 15 से लेकर 50 प्रतिशत तक की कमी आई है। सम्मान अभियान के चार प्रमुख अंग हैं। जिसमें प्रथम 15 दिवसीय अभियान में महिला अपराधों के विरुद्ध सामाजिक जनचेतना, महिला सुरक्षा और सम्मान से संबंधित विषय पर प्रतियोगिताएं संपन्न करवाना और साइबर सुरक्षा शामिल है। प्रदेश में इस अभियान की शुभंकर गुड्डी एक 16 वर्षीय जागरूक बालिका है। जो अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं।
करोड़ों की जनहितैषी योजनाएं शुरू हुईं
यही नहीं पिछले एक साल के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 190 करोड 60 लाख रुपए खर्च कर 9 फुल चार आरओबी सहित 13 बड़े निर्माण कार्य पूरे हुए हैं। साथ ही इस दौरान नाबार्ड से वित्त पोषित कार्यक्रम के तहत 194 बड़े पुलों के कार्य स्वीकृत किए गए जिनकी लागत तकरीबन 37 सौ करोड़ रुपये है। इन कार्यों के लिए दिसंबर 2020 तक 955 करोड़ रुपए खर्च हुए। वर्ष 2021-22 में 105 रेलवे क्रॉसिंग पर नवीन रेलवे ओवरब्रिज बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भी 3132 करोड़ 31 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। प्रदेश में एनडीबी के आर्थिक सहयोग से मध्य प्रदेश मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट की कुल लागत 500 मिलियन यूएस डॉलर है। इस योजना के लिए पूर्व में ही 3400 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत है। वर्तमान वित्त वर्ष में 14 पैकेज के तहत 897 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। दिसंबर 2020 तक 85 करोड़ की राशि इस पर खर्च की जा चुकी है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम मुख्यालय भोपाल में 11 करोड़ की लागत से एक्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम एंड मैनेजमेंट सेंटर की स्थापना की है। इसके तहत राजमार्गों पर घटित दुर्घटना की सूचना कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 1099 दे सकता है। इसके अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के कैशलैस इलाज की भी व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है। सड़कों एवं पुलों के नियोजन एवं बेहतर रखरखाव के लिए रोड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया गया है।
हजारों किमी सड़कें और ब्रिज बने
मध्यप्रदेश में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान प्रदेश में 25 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया। 13 बड़े पुल और रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए गए। राज्य सरकार ने अब तक इस पर 3522 करोड़ रुपए खर्च किए। यही नहीं इस दौरान 1300 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का नवीनीकरण कार्य भी हुआ है। यानी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की जनता के आवागमन को सुगम बनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। यही नहीं निर्माण कार्यों की योजनाओं पर लगातार काम जारी है। जो भविष्य में मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने की दिशा में मजबूती प्रदान करेगा।
बेटियों के प्रति बदलेगी समाज की सोच
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बेटियों के प्रति स्नेह किसी से छुपा नहीं है। प्रत्येक सरकारी कार्यक्रम के पहले वे कन्या पूजन करते हैं। समाज की सोच बदलने के लिए बेटा के मुकाबले बेटी को कम आंकने वालों की मानसिकता में बदलाव के लिए सीएम द्वारा माध्यम और जनसंपर्क से महिला जागरूकता के लिए फिल्म तैयार कराने को कहा गया है।





