उर्स में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से चादर पेश। राहुल गांधी और सीएम गहलोत की चादर 5 फरवरी को
एस पी मित्तल, अजमेर
आखिरकार राजस्थान की सरकार ने 5 फरवरी से रात्रिकालीन कर्फ्यू हटाने का निर्णय ले लिया है। सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर अजमेर में चल रहे ख्वाजा साहब के सालाना उर्स पर पड़ेगा। छह दिवसीय उर्स में भाग लेने वाले जायरीन 4 फरवरी को रात 12 बजे बाद से ही दरगाह में होने वाली धार्मिक रस्मों में भाग ले सकेंगे। रात्रिकालीन कर्फ्यू और रात 8 बजे धार्मिक स्थल बंद करने की कोरोना गाइडलाइन के कारण जायरीन उर्स के दौरान रात में होने वाली रस्मों से वंचित हो रहे थे। जायरीन की परेशानियों को देखते हुए दरगाह के खादिम समुदाय ने प्रदेश के अल्पसंख्यक मामलात मंत्री साले मोहम्मद के जरिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद ही 4 फरवरी को राज्य के गृह विभाग ने कोरोना की नई गाइडलाइन जारी करते हुए रात्रिकालीन कर्फ्यू को हटाने के आदेश दिए तथा धार्मिक स्थलों को उनकी परंपराओं के मुताबिक खुले रखने की छूट भी दे दी। अब ख्वाजा साहब की दरगाह में जायरीन रात के समय होने वाली रस्मों में भी भाग ले सकेंगे। सरकार ने दरगाहों में चादर और मंदिरों में फूल-माला व प्रसाद चढ़ाने की छूट भी दे दी है। यानी अब उर्स के दौरान दरगाह में चादर भी पेश हो सकेंगी।
चार फरवरी को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से दरगाह कमेटी के उपाध्यक्ष मुनव्वर खान ने पवित्र मजार पर चादर पेश की। इस अवसर पर खादिम मुनव्वर चिश्ती नियाजी ने मुनव्वर खान को जियारत करवाई। राजनाथ सिंह ने देश में अमन चैन का संदेश भी दिया। तय कार्यक्रम के अनुसार 5 फरवरी को कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से ख्वाजा साहब की मजार पर चादर पेश की जाएगी। इन चादरों को राजस्थान वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष खानू खान बुधवाली लेकर आएंगे। शादी समारोह में 250 व्यक्तियों की छूट:गृह विभाग ने चार फरवरी को जो नई गाइडलाइन जारी की है, उसके अनुसार शादी समारोह में 250 व्यक्ति भाग ले सकेंगे, इनमें बैंड वाले शामिल नहीं है। इसी प्रकार राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक, खेलकूद आदि के समारोह में भी 250 व्यक्ति उपस्थित रह सकते हैं।





