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अब टूलकिट ,ट्वीट गूगल डाक्यूमेंट से वार

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*सुसंस्कृति परिहार

      दुनिया में तकनीकी विकास ने युवाओं को क्या इस मुकाम पर ला दिया है कि वे अपने ट्वीट और टूलकिट के ज़रिए किसी भी देश के आंदोलनकारियों को सरकार के खिलाफ बरगला सकते हैं आंदोलन को ताकत दे सकते हैं ? भारत-सरकार के ख़िलाफ़ विदेशी युवा कलाकार,अदाकार और सामाजिक कार्यकर्ता पीछे पड़े हुए हैं । विरोध करने वाले  ये सब नाम दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध नाम हैं ।ग्रेटा थनबर्ग को कौन नहीं जानता अल्पायु से ही इस स्वीडिश बालिका के जलवायु परिवर्तन के लिए किए अवदान का कोई सानी नहीं । पिछले दिनों दिल्ली पुलिस ने किसानों के समर्थन में बनाई गई एक विवादित ‘टूलकिट‘ को सोशल मीडिया पर शेयर करने का आरोप लगाकर दिशा रवि को गिरफ्तार किया है. ये वही टूलकिट है जो पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने सोशल मीडिया पर शेयर किया थी   हाल ही में टूलकिट और ट्वीट  मामले में अदालत ने  दिशा रवि को पांच दिनों की रिमांड पर सौंपा है. उन्हें  शनिवार को गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने आपराधिक साजिश रचने के आरोप में टूलकिट के एडिटरों के खिलाफ FIR नंबर 49/21 दर्ज किया था. पुलिस ने आरोप लगाया है कि टूलकिट मामला खालिस्तानी ग्रुप को दोबारा खड़ा करने और भारत सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश है. पुलिस ने 26 जनवरी की हिंसा  में भी टूलकिट की साजिश के संकेत दिए हैं.दिशा रवि पर आरोप लगाया गया है।दिल्ली पुलिस ने इस टूलकिट को विद्रोह पैदा करने वाला दस्तावेज बताते हुए इसके लेखकों के खिलाफ आईपीसी की धारा-124ए, 153ए, 153, 120बी के तहत केस दर्ज कर लिया. हालांकि, इसमें किसी का नाम शामिल नहीं किया गया लेकिन अफवाह उड़ी कि ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, जिसका दिल्ली पुलिस ने खंडन किया. आरोप है कि इसी टूलकिट को बेंगलुरू की दिशा रवि ने एडिट किया है.

बेंगलुरु में वरिष्ठ पत्रकार इमरान क़ुरैशी के मुताबिक़, शनिवार शाम दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिशा रवि को टूलकिट मामले में बैंगलुरू से गिरफ्तार किया । उसने प्राइवेट कॉलेज से बीबीए की डिग्री ली है और वो पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था ‘फ़्राइडेज़ फ़ॉर फ़्यूचर’ के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं.बेंगलुरु में एक पुलिस अधिकारी ने नाम ना बताने की शर्त पर बीबीसी से कहा था कि दिशा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, ताकि टूलकिट मामले में उनसे पूछताछ की जा सके. वर्तमान दौर में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जो भी आंदोलन हो रहे हैं, चाहे वो ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ हो, या अमेरिका का ‘एंटी-लॉकडाउन प्रोटेस्ट’ या फिर दुनियाभर में ‘क्लाइमेट स्ट्राइक कैंपेन’ हो, सभी मामलों में उन आंदोलनों से जुड़े लोग टूलकिट के जरिए ही ‘एक्शन पॉइंट्स’ तैयार करते हैं, और आंदोलनों को आगे बढ़ाते हैं.” वास्तव में टूलकिट किसी भी मुद्दे को समझाने के लिए बनाया गया एक गूगल डॉक्यूमेंट होता है. यह इस बात की जानकारी देता है कि किसी समस्या के समाधान के लिए क्या-क्या किया जाना चाहिए? यानी इसमें एक्शन प्वाइंट्स दर्ज होते हैं. इसे ही टूलकिट कहते हैं. इसका इस्तेमाल सोशल मीडिया के संदर्भ में होता है, जिसमें सोशल मीडिया पर कैम्पेन स्ट्रेटजी के अलावा वास्तविक रूप में सामूहिक प्रदर्शन या आंदोलन करने से जुड़ी जानकारी दी जाती है. इसमें किसी भी मुद्दे पर दर्ज याचिकाओं,  विरोध-प्रदर्शन और जनांदोलनों के बारे में जानकारी शामिल हो सकती है । इस बीच मीडिया में दिशा और ग्रेटा का व्हाट्सएप चैट सामने आया है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि टूलकिट अपलोड होने के बाद दोनों के बीच बातचीत हुई थी.कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के सोशल मीडिया में टूलकिट के प्रयोग का मामला तेजी से बढ़ता ही जा रहा है।एबीपी न्यूज के हवाले से खबर है कि दिशा ने ग्रेटा को टूलकिट शेयर करने के लिए कह रही थी. दिशा ने ग्रेटा को ये बताया है कि उनके खिलाफ UAPA कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है. एबीपी न्यूज ने दावा किया है कि उसके पास ग्रेटा और दिशा के बीच हुई बातचीत की कॉपी मौजूद है.बताया जा रहा है कि 11 और 22 जनवरी को निकिता जैकब, दिशा रवि, शांतनु समेत कई लोग जूम के जरिये मीटिंग की थी. जिसमें कथित रूप से बताया जा रहा है कि किसान आंदोलन के जरिये देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात योजना बनी थी.टूलकिट केस में मास्टरमाइंड भी सामने आया है. दिल्ली पुलिस के अनुसार पीटर फैड्रिक इस मामले में मास्टरमाइंड है. बताया जा रहा है कि टूलकिट का नाम ग्लोबल फार्मर्स स्ट्राइक और ग्लोबल डे ऑफ एक्शन 26 जनवरी रखा गया था. दिल्ली पुलिस के अनुसार फैड्रिक 2006 से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है.यदि यह सच है तो सरकार सख़्त कार्रवाई करे।

      दूसरी तरफ पर्यावरण से जुड़ी समाजसेवी दिशा रवि की गिरफ्तारी का विरोध हो रहा है अब तो छात्र छात्राएं भी गिरफ्तारी का विरोध कर रिहा करने की मांग कर रहे हैं नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी दिशा के पक्ष में आवाज उठाई है।कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि माउंट कार्मेल कॉलेज की छात्रा और जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि राष्ट्र के लिए खतरा बन गई है, तो इसका मतलब है कि भारतीय राज्य बहुत ही कमजोर नींव पर खड़ा है.चिदंबरम ने कहा कि इस देश में किसानों का समर्थन करने के लिए जारी किया गया एक टूलकिट चीनी सैनिकों के घुसपैठ से भी खतरनाक हो गया है. उन्होंने कहा कि भारत बचकानी और बकवास हरकतें कर रहा है और यह दुखद है कि दिल्ली पुलिस उत्पीड़कों का हथियार बन गई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिशा रवि की गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर अभूतपूर्व हमला मानते हुए कहते हैं  किसानों का समर्थन करना अपराध नहीं दिशा रवि के बचाव में आए कन्हैया कुमार, बोले- दंगाइयों का समर्थन करती तो मंत्री-सीएम या पीएम बन जाती ।

     वहीं अमेरिका में वकील और उप राष्‍ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस ने भी दिशा रवि की गिरफ्तारी को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि भारतीय अधिकारियों ने एक और युवती को गिरफ्तार किया है, दिशा रवि. क्योंकि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक टूलकिट पोस्ट किया था. जिसमें बताया गया था कि किसानों के आंदोलन का समर्थन कैसे करें?

       सरकार को सोचना चाहिए कि उसने कहां गलती की है कि दुनिया के समाजसेवी अग्रिम पंक्ति के युवा क्यों उनके विरुद्ध है । 

Ramswaroop Mantri

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