पटना
बिहार के नवनियुक्त खान एव भूतत्व मंत्री जनक राम का पहला दिन बहुत अच्छा नहीं रहा। आज जब वे अपने विभाग में निर्धारित समय से पदभार ग्रहण करने पहुंचे थे तो महकमे का एक भी अधिकारी उनका स्वागत करने नहीं आया। इससे उनका पारा चढ़ गया। काफी देर तक मंत्रीजी ने अपने महकमे के प्रधान सचिव से लेकर दूसरे आला अधिकारियों का इंतजार किया। फिर थक-हारकर कार्यालय के ही एक चपरासी से बुके लेकर अपना और उसका मान बढ़ाया।
अफसरशाही खत्म करने के लिए छापेमारी करेंगे
पदभार ग्रहण करने के बाद मंत्री जनक राम ने कहा कि वे इस अफसरशाही को खत्म करके रहेंगे। आज की घटना की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। साथ ही महकमे में वर्षो से कायम माफ़ियागिरी को भी जड़ से ख़त्म करेंगे। इसके लिए खुद छापेमारी भी करेंगे। इधर मंत्रीजी से सम्मान पाकर खान एवं भूतत्व विभाग का चपरासी सतीश यादव बेहद खुश है। उसका कहना है कि आजतक किसी मंत्री ने मुझे ऐसा सम्मान नहीं दिया।
प्रधान सचिव पहले कर चुकी थीं स्वागत
मंत्री जनक राम मंगलवार को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए थे। कैबिनेट की बैठक के बाद वो अपने विभाग के दफ्तर चले गए। वहां विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर मौजूद थीं और नए मंत्री का स्वागत किया था। आज जब मंत्री पहुंचे तो हरजोत कौर अपने केबिन में थी, लेकिन वीडियो कांफ्रेंसिंग से मीटिंग कर रही थी। इसलिए वो मंत्री जनक राम के स्वागत में नहीं पहुंची थीं।
खबर चलने के बाद फिर हुआ स्वागत
मीडिया में आज की घटना की खबर आने के बाद प्रधान सचिव हरजोत कौर एक बार फिर मंत्री जनक राम के चैंबर में पहुंची। इस बार उन्होंने बुके देकर मंत्रीजी का औपचारिक तौर पर स्वागत किया। इस स्वागत के बाद मंत्री जनक राम के चेहरे पर भी प्रसन्नता दिखी।
बिना किसी सदन के सदस्य रहे मंत्री बने हैं जनक
जनक राम गोपालगंज से सांसद रह चुके हैं। बसपा से भाजपा में शामिल हुए और 2014 का लोकसभा चुनाव रिकॉर्ड मतों से जीता था। वाणिज्य पर बनी संसद की स्थायी समिति के सदस्य थे। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य रह चुके हैं। भाजपा में दलित प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और पार्टी के स्टार प्रचारक भी रहे हैं।





