भोपाल। मप्र की नौकरशाही सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी सुशासन के प्रयासों को सफल नहीं होने दे रही है। अब तो हद यह है कि अफसर सीएम हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों के निराकरण तक में घोर लापरवाही बरतने लगे हैं। इसका उदाहरण हैं वे डेढ़ हजार शिकायतें जो बीते करीब एक साल से निराकरण का इंतजार कर रही हैं।
यह हालत तब है जबकि सरकार व शासन द्वारा सीएम हेल्पालाइन में आने वाली शिकायतों के निराकरण के लिए सात से लेकर तीस दिन तक का समय तय कर रखा है। यहां आने वाली शिकायतों को लेकर कलेक्टर से लेकर तमाम आला अफसर हर सप्ताह निराकरण के निर्देश तो देते हैं, लेकिन लापरवाह बने रहने वाले कर्मचारी और अफसरों पर कार्रवाई नहीं करते हैं, जिसकी वजह से लापरवाही जारी रहती है। अगर सीएम हेल्पलाइन की वर्तमान स्थिति को देखें तो अभी करीब तीन हजार से अधिक शिकायतें लंबित हैं। इसमें 1174 शिकायतों को सौ दिन और 1763 शिकायतों को 300 दिन से अधिक का समय हो चुका है। इस मामले में सर्वाधिक खराब स्थिति राजस्व, स्कूल शिक्षा, कृषि सहित अन्य विभागों की है।
यह हैं इन विभागों के हाल
पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की सर्वाधिक 514 शिकायतें लंबित हैं। इसमें एल1 में 317, एल2 में 64, एल3 में 94 और एल4 में 39 शिकायतें निराकरण का इंतजार कर रही हैं। दूसरे स्थान पर खाद्य आपूर्ति विभाग है। इसकी 293 शिकायतें लंबित हैं। इसमें एल1 में 141, एल2 में 38, एल3 में 103 और एल4 में 11 शिकायतें हैं। तीसरे स्थान पर राजस्व विभाग है, जिसकी 228 शिकायतें लंबित हैं। इसमें एल1 में 170, एल2 में 17, एल3 में 27 और एल4 में 14 शिकायतें शामिल हैं। इसी तरह से संस्थागत वित्त की 138, पुलिस की 123, सुल्तानिया महिला चिकित्सालय की 119, लोक स्वास्थ्य की 117, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय 105, भोज मुक्त विश्वविद्यालय 82, भवन अनुज्ञा नगर निगम 73, सामान्य प्रशासन विभाग 69, लीड बैंक 57, ऊर्जा विभाग की 55 शिकायतें हैं।
सौ दिन से लंबित हैं 12 सौ शिकायतें
अकेले भोपाल जिले की ही सीएम हेल्पलाइन में सौ दिन बाद भी 1174 शिकायतों का निराकरण नहीं हो सका है। इसमें सर्वाधिक 221 मामले राजस्व विभाग के हैं। इसमें एल4 की स्थिति में 65 प्रकरण हैं। इसी तरह से किसान कल्याण एवं कृषि विभाग की 158 शिकायतें, स्कूल शिक्षा की 128, वित्त विभाग की 108, सामान्य प्रशासन विभाग की 96, लोक निर्माण विभाग की 8 और चिकित्सा शिक्षा विभाग की 62 शिकायतें लंबित बनी हुई हैं।
तीन सौ अधिक दिनों से लंबित शिकायतें 1763
सीएम हेल्पलाइन में आई 1763 शिकायतें ऐसी हैं, जिनका निराकरण तीन सौ दिन बाद भी नहीं हुआ है। इसमें सर्वाधिक स्कूल शिक्षा विभाग की 387, कृषि विभाग की 278, राजस्व विभाग की 223, चिकित्सा शिक्षा की 222, सामान्य प्रशासन विभाग की 115, वन की 79, और वित्त की 70 शिकायतें शामिल हैं।
इस तरह की हैं शिकायतें
कोलार इलाके के बंजारी गृह निर्माण समिति के एक प्लॉट पर अवैध कब्जों को लेकर अनूप सिंह सहित अन्य ने 4 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। इसका निराकरण अब तक नहीं किया गया है। यहां पर एक होटल व्यवसायी ने अवैध रूप से सामुदायिक भवन की जमीन पर कब्जा किया हुआ है। इसी तरह से मुगालिया छाप निवासी प्रदीप विश्वकर्मा द्वारा आठ अक्टूबर को सीएम हेल्प लाइन में सब्सिडी न मिलने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें पोर्टल की परेशानी व फंड की कमी बताकर उसे बंदकर दिया गया है। इससे शिकायतकर्ता को कोई फायदा ही नहीं हुआ है, जिसकी वजह से वह संतुष्ट नहीं है।
निराकरण का इंतजार कर रहीं हैं सीएम हेल्पलाइन में डेढ़ हजार शिकायतें





