एस पी मित्तल,अजमेर
25 अगस्त को टोंक जिले के बीसलपुर बांध में पानी की आवक कम रही यही वजह है कि बांध के पूरे भरने में विलंब हो रहा है। 25 अगस्त को दोपहर 12 बजे बांध का जल स्तर 315.32 मीटर मापा गया। बांध की भराव क्षमता 315.50 मीटर है। बांध के जल स्तर पर निगरानी रखने वाले जलदाय विभाग के एक्सईएन रामनिवास खाती ने बताया कि अब जल स्तर एक घंटे में आधा सेंटीमीटर बढ़ रहा है। यदि पानी की आवक ऐसी ही रही तो बांध के पूरा भरने में 36 घंटे और लग जाएंगे। लेकिन यदि पानी की आवक तेज हो गई तो 25 अगस्त की रात तक बांध पूरा भर सकता है। बांध का पानी 212 किलोमीटर के क्षेत्र में फैल गया है। इतने बड़े फैलाव क्षेत्र के कारण भी पानी का जल स्तर धीमी गति से बढ़ रहा है। यह सही है कि बांध के पानी से जयपुर, अजमेर और टोंक जिलों के एक करोड़ की आबादी की प्यास अगले डेढ़ वर्ष तक बुझाई जा सकती है। इस बीच सिंचाई विभाग के इंजीनियर बांध के भरने का इंतजार कर रहे हैं। 23 और 24 अगस्त को बांध में पानी की आवक को देखते हुए उम्मीद थी कि बांध पूरा भर जाएगा, इसलिए टोंक जिला प्रशासन ने बनास नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सायरन बजाकर सतर्क कर दिया था। बीसलपुर बांध से निकलने वाला पानी बनास नदी में बह कर ही सवाई माधोपुर तक जाता है और फिर यह नदी चंबल नदी में मिल जाती है। बांध से जब पानी की निकासी से कोई हताहत न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को सतर्क किया जाता है। यानी ग्रामीण लोग बनास नदी में आए टोंक जिले के बीसलपुर गांव के बाद इस समय बनास नदी सुखी है। बीसलपुर में बांध बनाकर ही बनास नदी को रोका गया है। बीसलपुर के बाद बनास नदी का स्वरूप तभी बनता है जब गेट खोल कर पानी को बांध से बाहर निकाला जाए। पूर्व में वर्ष 2019 में बांध के गेट खोलकर पानी निकाला गया था। वर्ष 2020 में और 21 में बरसात के दिनों में बांध भर ही नहीं सका, इसलिए पानी की निकासी नहीं हो सकी। यदि पानी की आवक ऐसी ही रही तो हो सकता है कि इस वर्ष भी बांध से पानी की निकासी होगी। अलबत्ता बांध का जल स्तर भराव क्षमता तक पहुंच गया है।





