एस पी मित्तल,अजमेर
देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर 12 अगस्त को राजस्थान में एक करोड़ विद्यार्थियों ने देश भक्ति के गीत गाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। विश्व रिकॉर्ड बनाने के समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वयं उपस्थित रहे। यह विश्व रिकॉर्ड सरकार के स्तर पर बनाया गया है। राज्य स्तरीय समारोह जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में हुआ, जबकि जिला स्तरीय समारोह प्रत्येक जिले में आयोजित किए गए। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का सर्टिफिकेट देने वाली संस्था गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने भी माना कि सरकारी स्कूलों के प्रोग्राम से लेकर जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में 12 अगस्त को प्रातः 10 बजे राजस्थान में एक साथ एक करोड़ विद्यार्थी एकत्रित हुए और करीब 25 मिनिट में 6 देश भक्ति गीत गाए। दुनिया में यह पहला अवसर रहा जब एक साथ एक करोड़ विद्यार्थियों ने गीत गाए। इस उपलब्धि पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने गहलोत को हाथों हाथ प्रोविजनल सर्टीफिकेट भी दे दिया। समारोह में सीएम गहलोत ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में समाज में भाईचारा भी बढ़ता है। 75 साल पहले देश में सुई का निर्माण भी नहीं होता था, लेकिन आज देश ने बहुत विकास किया है। चूंकि भारत में लोकतंत्र कायम रहा इसलिए देश ने विकास भी तेजी से किया। सीएम ने कहा कि लोगों में देशभक्ति की भावना होना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 75 वर्ष पूरे होने पर 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा फहराने की अपील की है, मेरी भी अपील है कि राजस्थान का हर नागरिक अपने घर पर तिरंगा फहराए।
कार्यक्रम में दिखी अव्यवस्था:
भले ही वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया हो, लेकिन 12 अगस्त को देशभक्ति के राज्य स्तरीय गायन समारोह में अव्यवस्था देखने को मिली आमतौर पर मुख्यमंत्री का संबोधन आभार प्रकट करने से पहले होता है, लेकिन जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में हुए समारोह में स्कूली शिक्षा मंत्री जाहीदा खान ने अंत में आभार प्रकट करने की रस्म कर दी, उसके बाद मुख्यमंत्री का संबोधन हुआ। समारोह की तैयारियों में जुटे अधिकारी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि मुख्यमंत्री का संबोधन क्यों करवाया गया? चूंकि मुख्यमंत्री के संबोधन से पहले ही जाहिदा खान ने आभार प्रकट कर दिया, इसलिए स्कूली शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने माइक संभाला व पूरे सम्मान के साथ सीएम गहलोत को आमंत्रित किया। किसी भी समारोह में राष्ट्रगान भी अंत में होता है, लेकिन अव्यवस्था के चलते राष्ट्रगान भी आभार प्रकट करने से पहले ही प्रस्तुत कर दिया गया। राष्ट्रगान गाया जाएगा इसकी घोषणा भी नहीं की गई, यही वजह रही कि राष्ट्रगान शुरू होने पर मुख्यमंत्री और अन्य अतिथि खड़े नहीं हुए। राष्ट्रगान की एक दो लाइन पूरी हो जाने के बाद मुख्यमंत्री और अतिथि खड़े हुए, जबकि राष्ट्र गान से पहले सभी को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना पड़ता है।





