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ऑपरेटर बोले- ट्रेन व फ्लाइट भी बंद करें: टैक्स से बचने 18 से ज्यादा ऑपरेटर्स के परमिट सरेंडर

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इंदौर

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण बड़े पैमाने पर फैलने के कारण महाराष्ट्र रूट पर चलने वाली बसों पर प्रदेश सरकार ने 15 अप्रैल तक रोक लगा रखी है। ऐसे में बसों का टैक्स नहीं देना पड़े, इसके लिए ऑपरेटरों ने इंदौर से मुंबई, पुणे, शिर्डी, नागपुर, जलगांव सहित अन्य रूट की 18 से ज्यादा बसों के परमिट सरेंडर कर दिए हैं। अब रोक हटने के बाद जब बसों का संचालन शुरू करने का आदेश होगा, तभी दोबारा परमिट लेंगे। बस ऑपरेटरों ने कहा पहले महाराष्ट्र रूट की बसों पर रोक 31 मार्च थी, जिसे बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी।

बस एसोसिएशन के सचिव हरि दुबे ने कहा कि इससे हमें काफी नुकसान हो रहा है। पिछले महीने का टैक्स भरा हुआ था। इसके बावजूद बसों का संचालन बंद रहा। यदि ऑपरेटर परमिट सरेंडर नहीं करते तो इस महीने भी बिना बस चलाए ही टैक्स जमा करना पड़ता। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का टैक्स करीब 48 हजार रुपए लगता है। इसी के चलते ऑपरेटरों ने परमिट सरेंडर कर दिए। हालांकि बस ऑपरेटरों में इस दोहरे रवैये को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है महाराष्ट्र रूट पर बसों के संचालन पर ही रोक क्यों है? फ्लाइट और ट्रेन तो चल रही हैं। यदि संक्रमण रोकना ही है तो सभी का संचालन बंद करना था। आरटीओ जितेंद्रसिंह रघुवंशी ने कहा 18 से ज्यादा बस ऑपरेटरों ने परमिट सरेंडर किए हैं।

Ramswaroop Mantri

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