इंदौर
22 किमी के आरई-2 के तीन हिस्सों को आईडीए बनाएगा। इसमें सबसे पहले एमआर-10 से एमआर-9 तक के हिस्से का काम अगले सप्ताह से शुरू किया जाएगा। दूसरे हिस्सों में एमआर-9 सेे कनाड़िया रोड के लिए नई स्कीम लॉन्च की जाएगी। कनाड़िया रोड से बिचौली हप्सी रोड के हिस्से का भी काम जल्द ही शुरू किया जाएगा।

आरई-2 के कनाड़िया रोड से बिचौली हप्सी तक के 1.7 किमी हिस्से में दो बाधाएं हैं। एक स्कूल है, जिसके संचालकों द्वारा बाधक हिस्से को खुद हटाया जा रहा है। दूसरा एक टेनिस कोर्ट है, जिसे भी हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। बाकी प्रधानमंत्री आवास योजना की निर्माणाधीन इकाइयों में जाने वाले लोगों के अस्थायी शेड हैं।
गुरुवार को आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने विधायक महेंद्र हार्डिया, कलेक्टर मनीष सिंह और सीईओ विवेक श्रोत्रिय के साथ जायजा लिया। आईडीए अध्यक्ष ने बताया सबसे पहले एमआर-10 से एमआर-9 तक के 1.09 किमी हिस्से का काम शुरू होने वाला है।
18 किलोमीटर निगम को बनाना है, इसका सर्वे पूरा हो चुका है
आरई-2 के बड़े हिस्से (18 किलोमीटर तक) को नगर निगम द्वारा बनाया जाना था। इसके लिए सर्वे भी किया जा चुका है। अब तय हुआ है कि 3.79 किलोमीटर के हिस्से को तीन भाग में आईडीए बनाएगा।
1. टीपी स्कीम 1 के तहत एमआर-10 से एमआर-9 के हिस्से में 1.09 किमी लंबी सड़क को बनाने में 15.40 करोड़ लागत। 45 मीटर चौड़ाई रहेगी।
2. एमआर-9 से कनाड़िया रोड की लंबाई 2 किमी रहेगी। 15.70 करोड़ की लागत आएगी। इसके लिए आईडीए द्वारा जल्द नई स्कीम लॉन्च की जाएगी।
3. कनाड़िया से बिचौली हप्सी रोड 1.7 किमी है। इसकी कुल लागत 25.33 करोड़ आएगी। यह आईडीए की टीपी स्कीम 6 में शामिल रोड है।
सबसे बड़ा फायदा- तीन सड़कों पर ट्रैफिक बोझ कम हो जाएगा
आरई-2 के बनने से तीन सड़कों पर ट्रैफिक का बोझ कम हो जाएगा। देवास तरफ से आकर राऊ तरफ जाने वाले वाहन चालक अभी एबी रोड, रिंग रोड या बायपास का इस्तेमाल करते हैं। कई बार जाम में फंसने से समय बर्बाद होता है। आरई-2 ऐसे वाहनों के लिए नया विकल्प होगा।





