-सुसंस्कृति परिहार
देश इस समय खौफनाक षड्यंत्रों से घिरता जा है।एक तरफ अमरीका की दादागिरी से दबिश में हमारी सरकार है। वहीं देश को इस बड़े षड्यंत्र से दूर ले जाकर जनमानस को भटकाने संघ से जुड़े भगवाधारी स़ंगठन नित नए षड्यंत्र रच रहे हैं। मंदिर मस्जिद फिर आमने-सामने लाए जा रहे हैं ताकि आस्था के नाम पर लोगों को एकजुट किया जा सके।
आजकल जिन चीजों से सर्वाधिक खौफ़ अवाम में देखा जा रहा है उनमें गाय माता, तिलकधारी और भगवाचोले धारण किए लोग सबसे आगे हैं।जन चर्चा में ये बात सामने आई है लोग उपर्युक्त तीन चीज़ों से बच के निकलने लगे हैं। हिंदुओं को भी आजकल इनसे परेशानी हो रही है।ऐसे लोग यह कहते पाए जाते हैं कि सचमुच आज हिंदु स्वत: ऐसे लोगों से अपने को संकट में देख रहा है। संभल से लेकर गाज़ी मियां की दरगाह तक जो कुछ हो रहा है वह ऐसे ही षड्यंत्र कारियों की बदौलत हो रहा है।आए दिन महिलाओं के साथ रोजगार के नाम पर रेप हो रहे हैं गज़ब तो ये हो रहा कि बलात्कारी आशाराम बापू और राम-रहीम को मिलने वाला पेरोल, मौज-मस्ती के लिए और राजनीतिक लाभ के लिए एक खेल हो चुका है। बलात्कारियों के सम्मान ने ऐसे लोगों के हौसले बुलंद किए हैं।मगर साहिबे आलम सब कुछ चंगा की दुहाई दे रहे हैं।
इस सबको प्रशय जिस तरह मिल रहा इससे संघ और भाजपा के लोगों का खौंफ जाता रहा है बिहार के मुख्यमंत्री को जिस तरह चांटा सार्वजानिक तौर पर जड़ा गया या सार्वजनिक तौर पर राहुल गांधी को गधा फिर रुककर गांधी कहना।इनकी बद मानसिकता का प्रतीक है।आज के आंकड़ों के मुताबिक अपराध करने वालों में सर्वाधिक संघीय मानसिकता वाले भाजपाई हैं।
आखिरकार देश में माहौल बिगाड़ने वालों को अचानक इतना ज़्यादा सक्रिय होना किसी सुनियोजित षड्यंत्र की ओर इशारा करता है।ताकि देश में अमन शांति लाने के नाम पर भाजपा विरोधी हिंदुओं और अन्य को सबक सिखाया जाए । इसलिए शांतिप्रिय क्षेत्रों में इनकी घुसपैठ लगातार बढ़ रही है। मध्यप्रदेश में इन दिनों ऐसे अपराधों की बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।हाल ही में कटनी के खूबसूरत स्टेशन की एक दीवार तोड़कर हनुमान मंदिर बनाने का दबाव प्रशासन पर ऐसे भगवाधारियों ने बनाया। दीवार टूटती रही पुलिस प्रशासन सब देखता रहा ।
इसी तरह कटनी की एक मस्जिद के सामने एक नग्न स्त्री को षड्यंत्र पूर्वक खड़ा किया गया। खैरियत रही कि यहां होने वाला टकराव दोनों समुदायों के सद्भाव से बढ़ नहीं पाया।
सवाल इस बात का है कि हिंदू मुस्लिम भाईचारे के लिए पहचानी जाती कटनी में इस तरह के कृत्य कौन करा रहा है।यही हाल समीपवर्ती दमोह जिले का है यहां जब तब गौकशी और धर्म-परिवर्तन , हिजाब के नाम विवाद कराए जाते हैं किंतु यहां का भाईचारा टूटने की अपेक्षा और मज़बूत होता जा रहा है।सागर नगर में भी हिंदू वर्सिस जैन करने की पुरजोर कोशिश हुई किंतु सहृदय लोगों की बदौलत बात आगे नहीं बढ़ पाई। जबलपुर और मालवा क्षेत्र में भी आए दिन उत्पाती तत्व माहौल बिगाड़ने हमले करते रहते हैं।
विवाद का विषय पहले हिंदु-मुस्लिम दलित ईसाईयों तक सीमित था किंतु अब यह आग हिंदुओं को भी झुलसाने में लगी है।
इसका उल्टा असर संघ और भाजपा पर हो रहा है।संघ चतुराई पूर्वक मुसलमानों को शाखा में आमंत्रित कर रहा है शर्त ये है कि उन्हें भारत माता की जय बोलकर सनातनी मुसलमान बनना पड़ेगा।वक्फ का प्रस्ताव पास होने से रुष्ट मुसलमान नाखुश हैं।उनके दिलों के घाव पर यह कहकर संघ नमक छिड़क रहा है।
कुल मिलाकर संघ अपने सौवें वर्ष सितम्बर में पूरा होने पर देश को अराजकता की ओर ले जाने की ओर कदम बढ़ा रहा है।ताकि सख्त रवैया अख़्तियार कर सके और संविधान से खिलवाड़ कर चुनाव जैसे लोकतांत्रिक अधिकार का हनन कर सके। नागरिकों को ऐसी घटनाओं से सचेत रहने के साथ साथ अपने अधिकारों की रक्षा हेतु संकल्पित होना होगा।वरना देश जर्जर हालत में पहुंच कर समाप्ति की कगार पर पहुंच सकता है।ये छोटी घटनाएं नहीं है इनके पीछे जो लोग हैं उनके इरादे ख़तरनाक है।




