*लोगों को रोड क्रॉस करने की परेशानी से मिलेगी मुक्ति*
*MIC ने चार स्थानों के ब्रिज के प्रस्ताव को दी मंजूरी*
*इन स्थानों का हुआ चयन*

_RNT मार्ग पर विवि _के गेट के पास_
_ओल्ड जीडीसी ओर_क़र्बला के बीच_
_पवनपुरी कालोनी रिंगरोड़ पर_
_रिंगरोड़ से लगे_ _मूसाखेड़ी स्थितअभिनव नगर_
*फुट ओवर ब्रिज प्रोजेक्ट*दो बार फेल हो चूका है*
_BRTS पर स्वीकृति_ के बाद भी निगम नहींबना पाया_
_*विपिन नीमा*_ ![]()
इंदौर। शहर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत इंदौर नगर निगम ने यातायात की दृष्टि से तथा लोगों की सुरक्षा के लिए चार स्थानों पर फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) बनाने का प्लान तैयार कर लिया है। इस मामले में निगम ने ठेकेदार एजेंसी तय करने के लिए टैंडर जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। नगर निगम ने फुट ओवर ब्रिज के लिए शहर के जिन चार स्थानों का चयन किया है उनमें आरएनटी मार्गस्थित विवि के गेट के सामने, ओल्ड जीडीसी ओर कर्बला मैदान के बीच, विशेष हास्पिटल के पास पवनपुरी कालोनी रिंग रोड तथा अभिनव नगर मूसाखेड़ी रिंग रोड शामिल है। हाल ही में सम्पन्न हुई एमआईसी 10 स्थानों पर फुट ओवर ब्रिज के प्रस्ताव रखे गए थे। प्रथम चरण के लिए चार ब्रिज स्वीकृत किए गए है। जबकि शेष 6 फुट ओवर ब्रिज की स्वीकृति बाद में दी जाएंगी। पीपीपी मोड के तहत जो कम्पनी फुट ओवर ब्रिज बनाएगी विज्ञापन के अधिकार भी उसी के पास रहेगे। निर्माण के बाद कम्पनी को पांच साल तक प्रिमियम की राशि निगम में जमा कराना होगी। इससे निगम की आय भी होगी।
नगर निगम के मेयर पुष्प मित्र भार्गव तथा निगम कमिश्नर शिवम वर्मा समेत अधिकारियों की बैठक प्रस्ताव रखा था कि सबसे व्यस्त आरएनटी मार्ग पर स्थित देवी अहिल्या विश्व विधालय कार्यालय पर छात्र – छात्राओं को सड़क पार करने में काफी परेशानी होती है। रोजाना सैकड़ों छात्र छात्राएं कॉलेज में आते जाते है। कई बार उन्हें रोड के बीच बने डिवाइडर को पार करने में काफी दिक्कत होती है। रोड के दोनों तरह सुबह से लेकर रात तक ट्रेफिक का दबाव लगातार बना रहता है। रोजाना यहां से हजारों वाहन गुजरने है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आफिस के गेट के पास फूट ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। ब्रिज के बनने से छात्र और छात्राओं व लोगों को रोड पार करने में काफी आसानी रहेगी।
इसी तरह एमआईसी ने ओल्ड जीडीसी कॉलेज के आगे करबला मैदान के पास फूट ओवर ब्रिज बनाने का फैसला किया है। गर्ल्स कालेज होने से छात्राओं का आना जाना लगा रहता है। वहीं इस मार्ग पर टैफिक तेजी से दौड़ता है। इसी मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही सुबह से लेकर रात बनी रहती है। इसी मार्ग पर कलेक्टर आफिस, कर्बला मैदान और लालबाग है जहाँ पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है । लालबाग पर सुबह से ही लोग बड़ी संख्या में मार्निंग वॉक करने आते है। इस कारण यहां भी फुट ब्रिज बनाने की जरुरत है।
नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक विशेष हास्पिटल के आगे पवनपुरी कॉलोनी रिंगरोड पर भी ट्रेफिक ज्यादा होने के कारण लोगों को रोड पार करने में ज्यादा परेशानी आती है। नगर निगम ने तीसरे ब्रिज के लिए पवनपुरी कालोनी का चयन किया है। इसी प्रकार रिंगरोड से लगे मूसाखेड़ी क्षेत्र में स्थित अभिनव नगर में भी फुट ओवर ब्रिज की जरुरत को महसूस किया गया है। इस तरह एमआईसी ने प्रथम चरण में चार स्थानों पर फुट ओव्हर ब्रिज बनाने का प्लान तैयार कर लिया है। वैसे शहर में 10 स्थानों पर ब्रिज बनाए जाना है। दूसरे चरण में 6 स्थानों का चयन किया जाएंगा।
शहर के मुख्य मार्गो पर तीन फुट ओवर ब्रिज संचालित हो रहे है।
*(1 )* – एमजी रोड पर 56 दुकान के पास
*(2)* – एमजी रोड पर ही टीआई के पास
*(3) -* कलेक्टर कार्यालय के पास
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में 10 एफओबी बनना है। अभी एमआईसी से प्रथम चरण के लिए चार ब्रिज की स्वीकृति हुई है।
दूसरे चरण में 6 ब्रिज बनाए जाएंगे जिनका चयन बाद में होगा।
2023 में भी नगर निगम ने ब्रिज के लिए 10 स्थानों चयन कर लिया था।
8 साल पहले नगर निगम को बीआरटीएस कॉरिडोर पर 8 फुट ओवर ब्रिज बनाने थे, लेकिन एक भी नहीं बन पाया। बाद में यह प्रोजेक्ट ही निरस्त हो गया।
निगम ने कुछ ही साल पहले शहर में अलग-अलग स्थान पर ब्रिज बनाने का प्लान बनाया था, लेकिन नगर निगम लोकसभा और विधानसभा चुनाव के कारण
इसे होल्ड पर रख दिया था।
*ठेकेदार ब्रिज पर *विज्ञापन प्रकाशित *कर लागत निकालेगा*
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पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत ठेकेदार चारों फुटओवर ब्रिज बनाएगा। इसके लिए निगम को कोई राशि नहीं देनी है। ठेकेदार फुटओवर ब्रिज पर विज्ञापन प्रकाशित कर अपनी लागत राशि निकालेगा। तय अवधि के बाद चारों फुटओवरब्रिज नगर निगम के हवाले करेगा। ब्रिज बनने के बाद ठेकेदार को पांच साल तक निगम में प्रिमियर की राशि भरना पड़ेगी। इससे निगम को आय के रुप में पांच साल तक एक तय राशि मिलती रहेगी।





