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प्रशांत किशोर ने राहुल से संपर्क किया, कलह से जूझती पार्टी का कैंपेन संभालने का ऑफर दिया

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नई दिल्ली गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर कांग्रेस के साथ जुड़ सकते हैं। पीके ने कांग्रेस को इसका ऑफर दिया है। पिछले दिनों गुजरात कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक में राहुल गांधी ने इस पर सबकी राय ली। सूत्रों के मुताबिक नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस पर फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया।

27 सालों से सत्ता से बाहर है कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी गुजरात की सत्ता से 27 सालों से बाहर है। 1995 में पार्टी की गुजरात में करारी हार हुई थी, जिसके बाद कांग्रेस कभी सरकार नहीं बना पाई। पिछले चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर हुई थी, लेकिन भाजपा सरकार बनाने में सफल हो गई थी।

सूत्रों के मुताबिक गुजरात कांग्रेस की बैठक में कुछ नेताओं ने पीके के साथ काम करने की इच्छा जताई।

सूत्रों के मुताबिक गुजरात कांग्रेस की बैठक में कुछ नेताओं ने पीके के साथ काम करने की इच्छा जताई।

गुजरात में मोदी के साथ कर चुके हैं काम
पीके 2011 में नरेंद्र मोदी की टीम में शामिल हुए थे। मोदी उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री थे। पीके 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी के स्ट्रैटजी टीम का हिस्सा रह चुके हैं। हालांकि, लोकसभा चुनाव के बाद दोनों बीच अलगाव हो गया।

कांग्रेस के साथ पहले भी रह चुके हैं पीके
प्रशांत किशोर 2017 में उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के साथ काम कर चुके हैं। पंजाब में पीके कांग्रेस की सरकार बनवाने में कामयाब रहे थे। यूपी में उन्हें सफलता नहीं मिली थी। पीके ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि यूपी में राहुल गांधी ने करीबी नेताओं की बात मानकर अखिलेश से गठबंधन कर लिए, जिस वजह से पार्टी की करारी हार हुई।

यूपी चुनाव 2017 में कांग्रेस ने पीके को हायर किया था, लेकिन कांग्रेस को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा।

यूपी चुनाव 2017 में कांग्रेस ने पीके को हायर किया था, लेकिन कांग्रेस को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा।

प्रशांत किशोर के साथ नहीं बनी थी बात
5 राज्यों के चुनाव से पहले प्रशांत किशोर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जता चुके थे। लेकिन CWC सदस्यों की सहमति नहीं मिलने की वजह से वे कांग्रेस में शामिल नहीं हो सके। एक इंटरव्यू के दौरान पीके ने कहा कि मैं राहुल गांधी को कांग्रेस में बदलाव के लिए कुछ प्रपोजल दिया था, जिसको लेकर बात अटक गई।

जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं पीके
प्रशांत किशोर 16 सितंबर 2018 को नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में शामिल हुए थे, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था। हालांकि, नरेद्र मोदी की आलोचना की वजह से फरवरी 2020 में उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। इसके बाद से ही पीके पॉलिटिक्स में अपनी भूमिका तलाशने में जुटे हुए हैं।

Ramswaroop Mantri

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